प्रेग्नेंसी के दौरान बढ़ जाती हैं हेयर प्रॉब्लम्स, जानें ऐसे में कैसे रखें बालों को हेल्दी

Tips to reduce hairfall: प्रेग्नेंसी के दौरान बालों की देखभाल कर पाना उतना आसान नहीं होता लेकिन अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो आपके बालों की परेशानी दूर होगी

pregnancy, pregnant women, pregnancy problems, hairfall
प्रेग्नेंसी के समय शरीर से उच्च मात्रा में एस्ट्रोजेन निकलता है जो कुछ महिलाओं के लिए हानिकारक भी हो सकता है

Hairfall during pregnancy: प्रेग्नेंसी में महिलाओं का शरीर कई बदलावों से गुजरता है। हार्मोनल चेंज के कारण त्वचा व बालों से जुड़ी परेशानियां भी इस दौरान देखने को मिल सकती हैं। जहां गर्भावस्था में एस्ट्रोजन की उच्च मात्रा से कुछ महिलाओं के बाल मोटे और चमकदार हो जाते हैं। वहीं कुछ महिलाएं कई हेयर प्रॉब्लम्स से भी जूझती हैं। इसके पीछे स्ट्रेस, हार्मोन का उतार-चढ़ाव और कुछ दवाइयों के सेवन से बाल पतले हो जाते हैं और झड़ने लगते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान हेयर फॉल की समस्या से निजात पाने के लिए कई महिलाएं महंगे शैम्पू का इस्तेमाल करती हैं लेकिन उससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता। ऐसे में आइए जानते हैं कि बालों को मजबूत बनाने के लिए किन आसान टिप्स को कर सकते हैं यूज –

गर्भावस्था के दौरान: प्रेग्नेंसी के समय शरीर से उच्च मात्रा में एस्ट्रोजेन निकलता है जो कुछ महिलाओं के लिए हानिकारक भी हो सकता है। हेयर लॉस इसी का एक साइड इफेक्ट है, हार्मोनल बदलाव के कारण हेयर फॉलिकल्स सेंसेटिव हो जाते हैं। इससे बाल झड़ने लगते हैं और बिल्कुल पतले हो जाते हैं। इस स्थिति को ‘telogen effluvium’ कहते हैं जो महिलाओं को पहली तिमाही में हो सकती है।

पोस्ट प्रेग्नेंसी और अन्य तत्व: एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कुछ मामलों में महिलाओं को डिलिवरी के एक से तीन महीने बाद भी बाल झड़ सकते हैं। इसके अलावा, बर्थ कंट्रोल पिल्स, मिसकैरेज, एबॉर्शन या स्टिलबर्थ के कारण भी बाल गिरने लगते हैं।

कैसे रखें बालों का ध्यान: आमतौर पर गर्भवती महिलाएं जिन शैम्पू और कंडीशनर का इस्तेमाल करती हैं उनमें पाराबेंस, प्रीजर्वेटिव्स और खुशबू मिले होते हैं। महिलाएं जब शैम्पू करती हैं तो इससे ये तत्व जड़ों में जाने लगते हैं और बालों को नुकसान पहुंचता है। एक्सपर्ट्स महिलाओं को इन हेयर प्रोडक्ट्स के उपयोग से परहेज करने की सलाह दी जाती है। उनके मुताबिक जिन हेयर प्रोडक्ट्स में हार्श क्लीनजर, ऑयल और सैलिसिलिक एसिड पाया जाता है उनके इस्तेमाल से बचें।

प्रेग्नेंसी के दौरान स्ट्रेटनिंग या परमिटिंग ट्रीटमेंट न करवाएं, इनमें फॉर्मल्डिहाइड होता है जिसे गर्भावस्था के दौरान असुरक्षित माना जाता है। गर्भावस्था में अगर आप अपने हेयर प्रोडक्ट्स को बदलना चाहते हैं तो पहले डॉक्टर से सलाह लें।

पढें जीवन-शैली समाचार (Lifestyle News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट
X