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वेट लॉस के लिए जरूरी है गुड नाइट स्लीप, जानिये कैसे है वजन घटाने में फायदेमंद

Good Sleep Benefits for Weight Loss: कम नींद लेने से इंसुलिन रेजिजटेंस भी हो सकता है। इस स्थिति में शुगर ब्लडस्ट्रीम में ही जमा रह जाता है जिससे लोगों में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है।

वजन घटाने की हर कोशिश हो रही है विफल? कहीं इसका कारण कम सोना तो नहीं

Good Sleep Benefits for Weight Loss: आज के समय में हर कोई अपने वजन को लेकर चिंतित रहता है। स्वस्थ जीवन गुजारने के लिए लोगों का फिट रहना बहुत जरूरी है। वजनदार लोगों की तुलना में फिट लोग कई बीमारियों से दूर रहते हैं। वेट लॉस करने के लिए लोग कई तरीके अपनाते हैं। तरह-तरह के व्यायाम के साथ ही डाइटिंग और मेडिकल सप्लीमेंट्स के इस्तेमाल से भी नहीं चूकते। पर क्या आपने कभी सोचा है कि वजन कम करने की प्रक्रिया में अच्छी नींद का भी अहम योगदान है। इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ पूरी नींद लेना वेट लॉस में भी मददगार है। आइए ‘हेल्थशॉट्स’ की इस रिपोर्ट से जानते हैं कि वजन कम करने के लिए कितनी देर सोना है जरूरी-

कम सोने से वजन में होता है इजाफा: नैशनल स्लीप फाउंडेशन व्यस्कों को रोजाना 7 से 9 घंटे सोने की सलाह देता है। इसके अभाव में वजन बढ़ने का खतरा अधिक होता है। 2016 में स्लीप नामक जर्नल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, कम सोने से शरीर में स्ट्रेस की मात्रा बढ़ जाती है। तनाव बढ़ने के कारण स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल में भी इजाफा होता है। ये हार्मोन शरीर में घ्रेलिन नाम के हार्मोन के ज्यादा उत्पादन के लिए जिम्मेदार होता है। बता दें कि घ्रेलिन हार्मोन को हंगर हार्मोन भी कहते हैं, यानि कि जितनी मात्रा में शरीर में इस हार्मोन का उत्पादन होगा, लोगों को उतनी अधिक भूख लगेगी।

इसके अलावा, अमेरिकन जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में छपी शोध के अनुसार, नींद की कमी से मस्तिष्क खाने की तरफ ज्यादा आकर्षित होता है। इसी वजह से कम सोने वाले लोग अपनी फूड क्रेविंग को कंट्रोल नहीं कर पाते हैं।

मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है असर: वजन कम करने के लिए मेटाबॉलिज्म का मजबूत होना बहुत आवश्यक है। अच्छी मेटाबॉलिज्म रहने का मतलब कि आप आराम करते वक्त भी अपनी कैलोरीज बर्न कर सकते हैं। इसके अलावा, ब्लड सर्कुलेशन, मस्तिष्क के क्रिया-कलापों के लिए भी मेटाबॉलिज्म का स्ट्रॉन्ग रहना जरूरी है। लेकिन कम सोने की वजह से आपका मेटाबॉलिज्म भी प्रभावित होता है। खबर के अनुसार, नींद की कमी से लोगों की रेस्टिंग मेटाबॉलिक रेट कम हो जाती है। यहां तक कि कम सोने से आपका एक्टिव मेटाबॉलिक रेट भी धीमा हो जाता है। इसका सीधा मतलब ये है कि जो लोग कम देर तक सोते हैं उनको वजन कम करने के लिए दूसरे लोगों की तुलना में अधिक मेहनत करनी पड़ेगी।

खबर के अनुसार, रोजाना एक ही समय पर सोने और कम से कम 7 से 9 घंटे की नींद लेने से लोगों का मेटाबॉलिज्म अच्छा बना रहता है। इसके अलावा, अपने वजन को नियंत्रण में रखने के लिए भी हेल्दी स्लीपिंग रूटीन रखना जरूरी है। वहीं, रोजाना एक ही समय पर सोने से आपका ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है।

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