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प्रेग्नेंसी में बेहद लाभकारी है अदरक, ज्यादा उल्टी से लेकर इन सभी समस्याओं को रखता है दूर

अदरक, प्रेग्नेंट महिला को सुबह होने वाली कमजोरी को दूर कर सकता है। इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होता है जो दर्द को कम करता है और नाड़ी संबंधी बीमारियों के इलाज में सहायक होता है।

प्रतीकात्मक तस्वीर। (फोटो सोर्स- dreamstime)

अदरक, एक सुपरफूड है जो हर तरह की सब्जी में इस्तेमाल किया जा सकता है। चाय का स्वाद बढ़ाया हो या सर्दी-जुकाम से बचने के लिए काढ़ा तैयार करना हो अदरक का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोग अदरक में मौजूद विटामिन सी समेत औषधिय गुणों को जानकर ही इसका इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं प्रेग्नेसी के दौरान भी मां के लिए अदरक लाभदायक होता है। यह प्रेग्नेंट महिला के इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के लिए सबसे अच्छा और सस्ता उपाय है। आइए जानते हैं प्रेग्नेंसी के दौरान अदरक के फायदे और इस्तेमाल।

दरअसल, प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को कई तरह की सेहत से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। शरीर में हो रहे तमाम तरह के बदलावों की वजह से उन्हें कई तरह की बीमारियां भी परेशान करती रहती हैं। प्रेग्नेंसी में महिलाओं का इम्यून सिस्टम काफी कमजोर हो जाता है। जिसकी वजह से महिलाओं को सर्दी, खांसी, नजला, गला खराब होना और सिरदर्द जैसी तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अदरक किसी रामबाण से कम नहीं होता है। ऐसे में अदरक का इस्तेमाल उपचार के तौर पर किया जा सकता है। ये दोनों प्राकृतिक औषधियों के निर्माण में प्रयोग किए जाते हैं और इनसे मां और बच्चे दोनों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता है।

अदरक के फायदे: 

– अदरक, प्रेग्नेंट महिला को सुबह होने वाली कमजोरी को दूर कर सकता है।
– अदरक में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होता है जो दर्द को कम करता है और नाड़ी संबंधी बीमारियों के इलाज में सहायक होता है।
– यह एक प्राकृतिक एंटी इंफ्लेमेटरी एजेंट है। जी मिचलाने और उल्टी की समस्या से निपटने में लाभदायक साबित होता है।
– यह आर्थराइटिस और कंधे के दर्द को भी प्रभावी रूप से कम करता है।
– अदरक का सेवन करने से पेट खराब होने की समस्या से बचा जा सकता है।

 

इस्तेमाल का तरीका: हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक प्रेग्नेंट महिला एक दिन में करीब एक ग्राम अदरक का सेवन कर सकती है।  इन दिनों में अदरक की चाय पीना या छोटे टुकड़े को चबाते रहना भी एक तरह से प्राकृतिक चिकित्सा ही है।

 

 

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