जब भी आप स्नैक्स, मसाले और दूसरी खाने-पीने की चीजें खरीदते हैं या फिर ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म से मंगाते हैं तो पैकेट हाथ में आने के बाद क्या आप उस पर लिखी हर जरूरी जानकारी चेक करते हैं? एक्सपायरी डेट तो फिर भी बहुत सारे लोग देख लेते हैं, लेकिन क्या आपका ध्यान कभी पैकेट पर मौजूद 14 अंकों का FSSAI नंबर पर जाता है।

दुकान से बिस्किट, नमकीन, जूस, मसाले या कोई भी पैक्ड फूड खरीदते समय क्या आपने कभी पैकेट पर बने FSSAI के लोगो और उसके साथ लिखे 14 अंकों के नंबर पर ध्यान दिया है? यह नंबर भी आपको उस फूड बिजनेस के बारे में अहम जानकारी दे सकता है, जिसने उस प्रोडक्ट को बनाया या बेचा है। इतना ही नहीं जरूरत पड़ने पर इसे ऑनलाइन भी वेरिफाई किया जा सकता है। आइए जानते हैं इस नंबर के हर अंक का मतलब और इसे चेक करने का आसान तरीका।

सबसे पहले जानें 14 अंकों का FSSAI नंबर कैसे पढ़ें?

FSSAI नंबर के हर हिस्से का अपना मतलब होता है। इसे इस तरह समझ सकते हैं—

पहला अंक: यह बताता है कि फूड बिजनेस के पास लाइसेंस है या रजिस्ट्रेशन। इसमें 1 लाइसेंस और 2 रजिस्ट्रेशन को दर्शाता है।

दूसरा और तीसरा अंक: ये उस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का कोड बताते हैं, जहां से रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस जुड़ा है।

चौथा और पांचवां अंक: इनसे लाइसेंस जारी होने का साल पता चलता है।

इसके बाद के 3 अंक: ये संबंधित अथॉरिटी या रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी का कोड होते हैं।

आखिरी 6 अंक: यह उस फूड बिजनेस ऑपरेटर की यूनिक पहचान संख्या होती है।

यानी यह 14 अंकों का नंबर केवल फॉर्मेलिटी नहीं है, बल्कि इसके जरिए उस फूड बिजनेस की पहचान से जुड़ी जानकारी तक पहुंचा जा सकता है।

अगर पैकेट पर FSSAI नंबर न हो तो?

पैक्ड फूड खरीदते समय अगर किसी ऐसे प्रोडक्ट पर FSSAI नंबर नहीं लिखा है, जिस पर लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नंबर होना जरूरी है। इसलिए इसे खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए। हालांकि सिर्फ नंबर न होने से यह तय नहीं हो जाता कि खाना खराब है, लेकिन ऐसे प्रोडक्ट की लेबलिंग पर सवाल जरूर उठ सकता है।

अगर खाना सही तरीके से तैयार या स्टोर न किया गया हो, तो उसमें बैक्टीरिया, वायरस, टॉक्सिन, हानिकारक केमिकल या ऐसे एलर्जन मौजूद हो सकते हैं, जिनका जिक्र पैकेट पर न किया गया हो। इससे फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार और डिहाइड्रेशन जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को खासतौर पर ऐसे मामलों में ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए।

क्या FSSAI नंबर होने का मतलब है कि फूड हेल्दी है?

यहां एक बात समझना बहुत जरूरी है। FSSAI नंबर का मतलब यह नहीं है कि पैकेट में मौजूद हर चीज सेहत के लिए फायदेमंद ही होगी। किसी प्रोडक्ट के पास वैध FSSAI लाइसेंस हो सकता है, लेकिन उसमें चीनी, नमक, सैचुरेटेड फैट या कैलोरी की मात्रा ज्यादा हो सकती है।

इसलिए पैकेट खरीदते समय सिर्फ FSSAI नंबर देखकर संतुष्ट न हों। साथ में ये चीजें भी जरूर जांचें—

इंग्रीडिएंट्स लिस्ट
न्यूट्रिशन लेबल
एक्सपायरी या यूज-बाय डेट
पैकेट को स्टोर करने के निर्देश
पैकेजिंग कहीं से फटी, खुली या छेड़छाड़ की हुई तो नहीं है

FSSAI नंबर असली है या नहीं, ऐसे करें चेक

अगर आपको किसी पैक्ड फूड पर लिखे FSSAI नंबर को लेकर शक है, तो इसे ऑनलाइन भी वेरिफाई किया जा सकता है।

सबसे पहले पैकेट पर FSSAI लोगो के पास लिखा 14 अंकों का नंबर नोट कर लें।
FSSAI के आधिकारिक FoSCoS (Food Safety Compliance System portal)पोर्टल पर जाएं।
वहां FBO Search का विकल्प चुनें।
14 अंकों का लाइसेंस नंबर और स्क्रीन पर दिया गया कैप्चा भरें।
इसके बाद Submit करें।

अगर नंबर सही और रिकॉर्ड में मौजूद है, तो वहां फूड बिजनेस ऑपरेटर का नाम, परिसर का पता, लाइसेंस का प्रकार, उसकी वैधता और लाइसेंस के तहत दर्ज प्रोडक्ट्स से जुड़ी जानकारी दिखाई दे सकती है।

वहीं, अगर नंबर गलत, फर्जी या डेटाबेस में मौजूद नहीं है, तो “No records found” का मैसेज दिखाई दे सकता है।

ध्यान रखें, पैक्ड फूड खरीदते समय FSSAI नंबर देखना एक अच्छी आदत हो सकती है, लेकिन इसे किसी प्रोडक्ट के हेल्दी होने का सर्टिफिकेट नहीं समझना चाहिए। सही चुनाव के लिए पैकेट को पलटकर इंग्रीडिएंट्स, न्यूट्रिशन वैल्यू, एक्सपायरी डेट और पैकेजिंग की स्थिति भी जरूर जांचें।

डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या विशेष डाइट को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।