बरसात के मौसम में जामुन, आलूबुखारा, नाशपाती, लीची जैसे फल और भिंडी, लौकी, तोरई, करेला, परवल व टिंडा जैसी कई मौसमी सब्जियां बाजार में खूब मिलती हैं। कई बार बाजार में मिलने वाले ये फल व सब्जियों में अधिक नमी और बारिश के कारण कीड़े, छोटे कीट, मिट्टी, फफूंदी के कण या हानिकारक बैक्टीरिया छिपे हो सकते हैं।
कई बार ये कीड़े पेड़ों से आ जाते हैं या फिर स्टोरेज के दौरान किसी सड़े हुए फल या सब्जी के संपर्क में आने से आ सकते हैं। इसलिए इन्हें खाने या पकाने से पहले अच्छी तरह साफ करना बेहद जरूरी है, ताकि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सके।
बहते पानी से धोएं
अगर आप फलों और सब्जियों को केवल हल्का सा धोकर रख देते हैं, तो यह गलती नुकसानदायक साबित हो सकती है। क्योंकि बारिश के मौसम में सब्जियों और फलों पर लगी गंदगी और कीड़े कई बार साधारण पानी से नहीं निकलते। इसके लिए कम से कम 1-2 मिनट तक बहते पानी में अच्छी तरह धोएं। बहते पानी में धोने से इनकी सतह पर मौजूद बैक्टीरिया और धूल मिट्टी काफी हद तक साफ हो जाते हैं।
नमक के पानी से धोएं
बरसात के मौसम में फलों और सब्जियों को धोने का सबसे अच्छा तरीका नमक वाले पानी है। इसके लिए गुनगुने पानी में 1-2 चम्मच नमक डालकर अच्छे से मिला दें। अब इसमें सब्जियों और फलों को डालकर 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखा लें। इससे काफी हद तक सतह पर मौजूद बैक्टीरिया, पेस्टीसाइड्स और गंदगी साफ हो सकती है।
सिरके से करें सफाई
सब्जियों और फलों की बेहतर तरीके से सफाई का सबसे कारगर उपाय सिरका बताया जाता है। इसमें ऐसे गुण होते हैं जो सूक्ष्म जीवों को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके लिए एक बाल्टी में पानी डालकर उसमें 1-2 बड़े चम्मच सिरका डालकर अच्छी तरह मिक्स कर दें। अब इस सिरका वाले पानी में सब्जियों और फलों को डालकर 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे उनपर चिपके बैक्टीरिया, पेस्टिसाइड, गंदगी और अन्य सूक्ष्म जीव आसानी से निकल सकते हैं।
फ्रिज में तुरंत न रखें
अक्सर लोग सब्जियों और फलों को धुलने के बाद सीधे फ्रिज में रख देते हैं। भीगे हुए फलों व सब्जियों को फ्रिज में रख देने से इनमें नमी बनी रहती है, जिसके चलते फंगस और बैक्टीरिया पनप सकते हैं। ऐसे में इन्हें धोने के बाद कुछ देर बाहर रख दें। जब ये पूरी तरह सूख जाएं तब फ्रिज में स्टोर करें।
Also Read
बारिश में इन गलतियों के चलते आटे में लग जाते हैं घुन, बचाने के लिए अपनाएं ये तरीके
