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प्रणब मुखर्जी: डॉक्‍टरों ने मना किया तो बगैर निकोटिन के पीते थे पाइप, इंदिरा ने सरे आम मारा था ताना

प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चहेते थे। लेकिन उन्हें प्रणब दा की यह आदत पसंद नहीं थी। एक बार तो उन्होंने टोक भी दिया।

pranab Mukherjee, pranab Mukherjee health, pranab Mukherjee lifestyleप्रणब मुखर्जी पाइप पीने के शौक की वजह से चर्चित हैं। (फाइल फोटो)

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) नहीं रहे। वे कोरोना संक्रमण के बाद कई दिनों से वेंटिलेटर पर थे और 31 अगस्त की शाम आखिरी सांस ली। इस बात की पुष्टि उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्विटर के माध्यम से की। अपने शांत और सौम्य स्वभाव के लिए चर्चित प्रणब मुखर्जी को उनके करीबी और दोस्त ‘प्रणब दा’ और ‘पोल्टू दा’ के नाम से भी बुलाते थे।

पश्चिम बंगाल के साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले और सक्रिय राजनीति में 5 दशक का वक्त बिताने वाले प्रणब मुखर्जी पाइप पीने के शौकीन रहे थे। मुखर्जी के मित्र और वरिष्ठ पत्रकार जयंत घोषाल के मुताबिक उन्हें इसकी लत असम के चर्चित कांग्रेसी नेता देबकांत बरुआ से लगी। और ये लत ऐसी लगी कि जब एक बार डॉक्टरों ने उन्हें पाइप पीने से मना कर दिया तब प्रणब दा बगैर निकोटिन की पाइप पीने लगे।

इंदिरा गांधी को नापसंद था ये शौक: प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चहेते थे। लेकिन उन्हें प्रणब दा की यह आदत पसंद नहीं थी। एक बार तो उन्होंने टोक भी दिया। एक पत्रकार वार्ता के दौरान इंदिरा गांधी ने कहा कि प्रणब के मुंह से आप कोई भी बात नहीं निकलवा सकते हैं, उनके मुंह से सिर्फ धुंआ ही निकलता है।

डनहिल पसंदीदा ब्रांड: प्रणब दा को डनहिल की सिगार बेहद पसंद थी। प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) के राष्ट्रपति रहते एक बार बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हमीद भारत दौरे पर आए। वे जब राष्ट्रपति भवन में पहुंचे तो उन्हें स्मोकिंग की तलब हुई। नो स्मोकिंग जोन होने के बावजूद प्रणब दा के हस्तक्षेप पर अब्दुल हमीद को राष्ट्रपति भवन में स्मोकिंग की इजाजत मिली। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस वाकये के बाद अब्दुल हमीद ने स्मोकिंग ही छोड़ दी।

विदेश दौरों पर पाइप गिफ्ट में मिले: जब प्रणब दा (Pranab Mukherjee) राष्ट्रपति पद का कार्यकाल पूरा कर जा रहे थे तब उनके पास 500 से भी अधिक पाइप का कलेक्शन था। ये सभी पाइप एक से बढ़कर एक और बेशकीमती थे। इनमें से तमाम पाइप उन्हें विदेश दौरों पर बतौर गिफ्ट भी मिले थे। प्रणब मुखर्जी ने इन सभी पाइप को राष्ट्रपति भवन के म्यूजियम को दान कर दिया। मुखर्जी खानपान के भी शौकीन थे। खासकर मछली उन्हें बहुत पसंद थी।

‘आप पूर्व राष्ट्रपति से बात कर रहे हैं, सलीका मत भूलिये’- जब राजदीप सरदेसाई पर बिफर पड़े थे प्रणब मुखर्जी

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