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‘फ्लाइंग सिख’ का पाकिस्तान से था गहरा नाता, जानें धावक मिल्खा सिंह से जुड़ी ये अनजानी बातें

Milkha Singh: उड़न सिख यानी फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर फर्राटा धावक मिल्खा सिंह ने एशियाई खेलों में चार बार स्वर्ण पदक जीता है

बताया जाता है कि मिल्खा सिंह को फ्लाइंग सिख का नाम पाकिस्तान में मिला था

Milkha Singh: अपनी उपलब्धियों से दुनिया भर में भारत देश का नाम ऊंचा करने वाले धावक मिल्खा सिंह नहीं रहे। शुक्रवार देर रात कोरोना से जूझ रहे एथलीट मिल्खा सिंह का निधन हो गया। 91वीं साल की उम्र में जिंदगी की जंग हारने वाले इस धावक की पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह 85 साल की उम्र में बीते रविवार को गुजर गईं। बता दें कि बुधवार को मिल्खा सिंह का कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आया था, लेकिन कोरोना जोखिमों के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी जिसके बाद उन्हें चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में एडमिट कराया गया था।

उड़न सिख यानी फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर फर्राटा धावक मिल्खा सिंह ने एशियाई खेलों में चार बार स्वर्ण पदक जीता है। राष्ट्रमंडल खेलों में भी उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया था, साथ ही वो चार बार ऑलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। आइए जानते हैं मिल्खा सिंह से जुड़ी खास बातें –

कैसे मिला फ्लाइंग सिख का नाम: बताया जाता है कि मिल्खा सिंह को फ्लाइंग सिख का नाम पाकिस्तान में मिला था। 1958 के कॉमनवेल्थ गेम्स में मिल्खा सिंह ने आजाद भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद, 1960 में ऑलंपिक में वो पदक जीतने से चूक गए थे। इसी साल पाकिस्तान के अतर्राष्ट्रीय एथलीट प्रतियोगिता के लिए उन्हें बुलाया गया।

तब पाकिस्तान में धावक अब्दुल खालिक का बोलबाला था, मिल्खा सिंह और उनके बीच दौड़ हुई जिसमें मिल्खा ने अब्दुल खालिक को पटखनी दी। उनकी जीत पर तब के पाकिस्तानी राष्ट्रपति फील्ड मार्शल अयूब खान ने उन्हें ‘फ्लाइंग सिख’ का नाम दिया। उन्होंने मिल्खा सिंह से कहा कि ‘आज तुम दौड़ नहीं उड़ रहे हो, इसलिए हम तुम्हें ‘फ्लाइंग सिख’ का खिताब देते हैं।’

भारतीय वॉलीबॉल टीम की महिला कप्तान रह चुकी हैं पत्नी: मिल्खा सिंह की पत्नी निर्मल कौर ने अपने समय में भारतीय वॉलीबॉल टीम की कमान संभाली थी। बताया जाता है कि दोनों 1955 में श्रीलंका के कोलंबो में पहली बार मिले थे। मिल्खा सिंह को निर्मल कौर से पहली नजर का प्यार हो गया था। लेकिन निर्मल के परिवार को रिश्ता रास नहीं आया। तब पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों ने दोनों की शादी में मदद की थी।

पिता-पुत्र दोनों पद्मश्री से सम्मानित: धावक मिल्खा सिंह ने अपने पीछे तीन बेटियों और एक बेटे से भरा-पूरा परिवार छोड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके बेटे गोल्फर जीव मिल्खा सिंह को अपनी उपलब्धियों के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। बता दें कि मिल्खा सिंह भी इस सम्मान से नवाजे गए हैं।

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