यूरिक एसिड कंट्रोल कर जोड़ों के दर्द को कम करता है मछली का तेल, जानें दूसरे फायदे

Home Remedies to control Uric Acid: एक अध्ययन के मुताबिक जोड़ों के दर्द और अकड़न को कम करने में मछली का तेल फायदेमंद साबित हो सकता है

uric acid, joint pain, arthritis, high uric acid, fish oilसूजन को कम करने में सहायक इस तेल के इस्तेमाल से कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता है

Fish Oil Health Benefits: शरीर में यूरिक एसिड का स्तर जब बढ़ जाता है तो इससे कई स्वास्थ्य समस्याओं से घिरने का खतरा भी अधिक हो जाता है। चिकित्सीय शब्दावली में इसे हाइपरयूरिसीमिया कहते हैं। यूरिक एसिड का उच्च स्तर कई स्वास्थ्य परेशानियों को बढ़ाता है। इसके कारण गाउट की समस्या भी हो सकती है। ये गठिया का ही एक प्रकार है जिसमें लोग जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या से परेशान होते हैं।

क्यों है यूरिक एसिड के मरीजों के लिए लाभकारी: स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि जोड़ों के दर्द और अकड़न को कम करने में मछली का तेल फायदेमंद साबित हो सकता है। बता दें कि मछली के तेल को लोग नॉन-स्टेरॉयडल  एंटी-इंफ्लामेटरी ड्रग्स (NSAID) के प्राकृतिक विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। सूजन को कम करने में सहायक इस तेल के इस्तेमाल से कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता है। साथ ही, अर्थराइटिस की समस्या से निजात दिलाने में भी ये तेल फायदेमंद है।

क्यों बढ़ जाता है शरीर में यूरिक एसिड का स्तर

ऑयली फिश खाने की दी जाती है सलाह: हार्ट फाउंडेशन हफ्ते में 2 से 3 बार 150 ग्राम ऑयली फिश खाने की सलाह देता है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया नैशनल हेल्थ एंड मेडिकल रिसर्च काउंसिल की मानें तो पुरुषों को प्रतिदिन लगभग 610 एमजी तैलीय मछली खाना चाहिए जबकि महिलाओं को महिलाओं को 430 एमजी तैलीय मछली का सेवन करना चाहिए। अगर आप ज्यादा ऑयली फिश नहीं खाते तो फिश ऑयल सप्लीमेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं। मछली के तेल में भी लगभग उतने ही पोषक तत्व मौजूद होते हैं। गर्मियों में पीयें ये ड्रिंक्स, यूरिक एसिड पर रहेगा कंट्रोल

जानें दूसरे फायदे: मछली के तेल को ओमेगा 3 फैटी एसिड (Omega 3 Fatty Acid) का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। ये तत्व ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के साथ ही हृदय रोग और स्ट्रोक के खतरे को कम करने में भी सहायक है। कई अध्ययनों के अनुसार मछली के तेल के इस्तेमाल से दिमाग और हमारी त्वचा भी सेहतमंद रहती है। साथ ही साथ, डिप्रेशन और घबराहट को कम करने में भी ये कारगर है। जानें जोड़ों में दर्द दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय

ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी जो उम्र बढ़ने के कारण होने वाले रोगों में सबसे आम है, मछली का तेल उसके खतरे को कम करता है। ओमेगा 3 फैटी एसिड कमजोर हड्डियों को ठीक करने में मदद कर सकता है। मछली के तेल में भी ये प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो हड्डियों के घनत्व यानी बोन डेंसिटी को बेहतर करता है।

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