ताज़ा खबर
 

ऊंट गाड़ी चलाते थे पिता, खुद बकरी चराकर बिताया बचपन, जानिये कभी पटवारी रहे IPS प्रेम सुख डेलू की दिलचस्प कहानी

IPS Prem Sukh Delu: उनके घर की माली हालत ठीक नहीं थी इसलिए उन्हें बचपन में ही इस बात का अहसास हो गया था कि पढ़ाई के जरिये ही उनका परिवार समाज में इज्जत प्राप्त कर सकता है

ips Prem Sukh Delu, Prem Sukh Delu rank, Prem Sukh Delu family, upsc success tipsप्रेम के अनुसार जो भी व्यक्ति सिविल सर्विसेज में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें अपने मन में नकारात्मक ख्याल नहीं लाने चाहिए

IPS Prem Sukh Delu: हर मुसीबत को पार पाने में मदद करती है मजबूत इच्छाशक्ति । ऐसे लोग जो एक बार ठान लेते हैं, तो मंजिल हासिल करके ही चैन की सांस लेते हैं। आईपीएस अफसर प्रेम सुख डेलू की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। बचपन अभावों में गुजरा, घर में पढ़ाई का माहौल न के बराबर ही रहा; इसके बावजूद सिविल सर्विसेज में आने की अपनी इच्छा को उन्होंने 2016 में साकार किया। इससे पहले भी प्रेम ने 9 अलग-अलग तरह की सरकारी नौकरियों में सफलता हासिल की है। राजस्थान के बिकानेर जिले से ताल्लुक रखने वाले प्रेम के माता-पिता और बड़ी बहन ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं थी। चार भाई-बहनों में सबसे छोटे प्रेम सुख ने एमए की पढ़ाई के बाद साल 2010 में बतौर रेवेन्यू ऑफिसर करियर की शुरुआत की।

इन परीक्षाओं में मिली सफलता: साल 2016 में सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास करने से पहले IPS प्रेम सुख डेलू ने कई और सरकारी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। पटवारी बनने के बाद भी प्रेम में अपनी पढाई जारी रखी। 2010 में ही उन्‍होंने ग्राम सेवक की परीक्षा पास की और असिस्‍टेंट जेलर (Assistant Jailor) की परीक्षा में टॉप किया। अगले साल प्रेम ने प्राइमरी और सेकेंडरी टीचर की परीक्षा क्लियर की। वहीं, 2013 में उन्होंने राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर पोस्ट की परीक्षा, साथ ही, हायर सेकेंडरी में शिक्षक की परीक्षा में भी सफलता प्राप्त की। इसके अलावा, 2014 में B.Ed और नेट की परीक्षा में भी सफल हुए।

अभाव में बीता बचपन: किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले प्रेम का बचपन कठिनाइयों में ही गुजरा। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनके घर की माली हालत ठीक नहीं थी इसलिए उन्हें बचपन में ही इस बात का अहसास हो गया था कि पढ़ाई के जरिये ही उनका परिवार समाज में इज्जत प्राप्त कर सकता है। वो कहते हैं कि गांव में ज्यादातर समय खेती और बकरी चराने में ही गुजरता था, ऐसे में इस बीच जब भी उन्हें समय मिलता था तो वो पढ़ने बैठ जाते थें। बता दें कि प्रेम के पिता ऊंट गाड़ी चलाने का काम करते थे।

हिंदी में दी थी परीक्षा: आज के समय में जब अंग्रेजी भाषा को सबसे अधिक अहमियत दी जाती है, ऐसे में आईपीएस प्रेम सुख डेलू ने UPSC की प्रवेश परीक्षा में हिंदी माध्यम चुना था। IAS की परीक्षा में 170वीं रैंक हासिल करने वाले प्रेम ने हिंदी मीडियम से परीक्षा देने वाले प्रतिभागियों में देश भर में तीसरा स्थान हासिल किया था।

युवाओं को ये देते हैं टिप्स: प्रेम के अनुसार जो भी व्यक्ति सिविल सर्विसेज में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें अपने मन में नकारात्मक ख्याल नहीं लाने चाहिए। जब भी तनाव हावी होने लगे तो कुछ देर का ब्रेक ले लें और अपने सगे-संबंधियों या फिर दोस्तों से बात करें। इसके अलावा, वो विद्यार्थियों को स्ट्रैटजी बनाकर पढ़ने की सलाह देते हैं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 बरसात के मौसम में आपको भी हो रही है Hairfall की परेशानी? जानिये कारण और बचाव के तरीके
2 Glowing Skin के लिए सुबह-शाम क्या खाना है जरूरी, जानिये कैसा होना चाहिए डाइट प्लान
3 गर्भ में भी हो सकता है कोरोना, दिल्ली में सामने आया एक ऐसा मामला, ऐसे करें बचाव
ये पढ़ा क्या?
X