अजवाइन का सेवन सबसे अधिक सर्दियों के मौसम में किया जाता है। यह पाचन सुधारने, गैस और पेट फूलने की समस्या को दूर करने के लिए फायदेमंद माना जाता है। अजवाइन में थाइमोल नामक तत्व पाया जाता है जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। यह कफ और वात को संतुलित करती है, जिससे सर्दी-जुकाम और खांसी की समस्या से आराम मिल सकता है। यही वजह है कि सर्दी के मौसम में इसका सेवन लोग खूब करते हैं।
अधिकतर लोग अजवाइन बाजार से खरीदते हैं। लेकिन अगर आपको बागवानी का शौक है और अपनी बालकनी-छत पर छोटा गार्डन बना रखा है, तो उसमें अजवाइन का भी पौधा शामिल किया जा सकता है। अगर इसे सितंबर और अक्टूबर में लगाते हैं, तो सर्दियां आते-आते आप घर की उगाई गई अजवाइन का स्वाद चख सकते हैं। आइए जानते हैं अजवाइन को गमले में कैसे उगाएं और इसके देखभाल का क्या तरीका है।
12-14 इंच के गमले में क्यों लगाएं
अजवाइन के पौधे को बहुत ज्यादा गर्मी पसंद नहीं होती, इसलिए सर्दियों का मौसम इसके लिए अनुकूल है। अजवाइन की जड़ें बहुत गहरी नहीं जातीं, लेकिन पौधे को फैलने के लिए पर्याप्त जगह चाहिए। इसलिए 12-14 इंच का गमला इसके लिए उपयुक्त होता है। गमले के नीचे ड्रेनेज होल जरूरी है, ताकि अतिरिक्त पानी गमले से बाहर निकल जाए।
मिट्टी कैसी होनी चाहिए
अजवाइन के पौधे को ऐसी मिट्टी पसंद है, जिसमें पानी आसानी से निकल जाए और मिट्टी बहुत ज्यादा भारी न हो। इसके लिए 40% सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30% अच्छी तरह सड़ी हुई वर्मी कम्पोस्ट या पुरानी जैविक खाद, 20% कोकोपीट और 10% रेत को अच्छी तरह मिलाकर गमले में भर दें।
बीज लगाने का तरीका
अजवाइन का पौधा उगाने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले बीज लेना चाहिए। इसे आप कृषि नर्सरी या भरोसेमंद बीज विक्रेता से खरीद सकते हैं। गमले में मिट्टी भरने के बाद उसे हल्का नमी दें। इसके बाद मिट्टी की ऊपरी सतह को थोड़ा समतल कर लें। अब अजवाइन के बीजों को मिट्टी की सतह पर डाल दें। बीजों के ऊपर मिट्टी की 0.5 सेंटीमीटर परत डाल दें। इसके बाद हल्का पानी छिड़क दें।
अंकुर निकलने का समय
बीज बोने के बाद गमले को ऐसी जगह रखें जहां उसे पर्याप्त रोशनी मिल सके। हालांकि, तेज धूप से बचाना जरूरी है। मिट्टी को हल्का नम रखना है, लेकिन पानी से नहीं भरना है। अगर मौसम ठंडा है और मिट्टी लंबे समय तक नम बनी हुई है, तो पानी देने से बचना चाहिए। अच्छे बीज और अनुकूल तापमान मिलने पर अंकुर निकलने में 1-3 सप्ताह का समय लग सकता है।
खाद देने का समय
मिट्टी में पहले से वर्मी कम्पोस्ट डला है, तो शुरुआती दिनों में खाद देने से बचना चाहिए। पौधे के बढ़ने के बाद समय-समय पर थोड़ी मात्रा में वर्मी कम्पोस्ट या अच्छी तरह तैयार जैविक खाद दे सकते हैं। इसके साथ ही गमले की मिट्टी की ऊपरी परत को 10-15 दिन में एक बार हल्के हाथ से ढीला करते रहें।
पौधे में फूल कब आता है
पौधे के अच्छी तरह विकसित होने के बाद इसमें छोटे-छोटे फूल दिखाई देने लगते हैं। फूल आने के बाद धीरे-धीरे बीज विकसित होते हैं। यह बीज सूखने के बाद मसाले के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं। इस तरह आप घर पर आसानी अजवाइन का पौधा उगा सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। पौधे से जुड़ी किसी भी समस्या की सही पहचान और उचित देखभाल के लिए बागवानी विशेषज्ञ की सलाह लें।
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