क्या ऑनलाइन क्लास की वजह से बच्चे का मानसिक विकास हो रहा है प्रभावित? ऐसे रखें ख्याल

ऑनलाइन क्लास चलते करीब एक साल से ज्यादा का वक्त हो गया है। बच्चे ज्यादातर वक्त स्क्रीन पर ही बिता रहे हैं। अब इसको लेकर तमाम तरह की शंकाएं भी उठ रही हैं।

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बच्चों में बिना दबाव स्वत: सीखने की प्रवृत्ति विकसित होने देना चाहिए। (Source: Getty Images)

कोरोना वायरस का स्वास्थ्य पर असर तो पड़ा ही है। साथ ही इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। संक्रमण फैलने के डर से स्कूलों को बंद कर दिया गया है। ऐसे में बच्चे ऑनलाइन क्लास लेने को मजबूर हैं। ऑनलाइन क्लास चलते करीब एक साल से ज्यादा का वक्त हो गया है। बच्चे ज्यादातर वक्त स्क्रीन पर ही बिता रहे हैं। अब इसको लेकर तमाम तरह की शंकाएं भी उठ रही हैं। ऑनलाइन क्लास और दूसरी गतिविधियों के चलते बच्चों के स्क्रीन टाइम को लेकर पैरेंट्स काफी चिंतित हैं। क्योंकि, फोन और लैपटॉप के अधिक इस्तेमाल से बच्चे का मानसिक विकास भी काफी प्रभावित होता है।

क्या ज्यादा स्क्रीन टाइम है खतरनाक?: पिछले एक साल से दुनिया भर के तमाम विशेषज्ञ इसका अध्ययन कर रहे हैं। उनका मानना है कि स्क्रीन टाइम से कहीं ज्यादा, बच्चों के विकास पर उस सामग्री (कंटेंट) का असर पड़ रहा है जिसे वे सर्फ कर रहे हैं। जो बच्चों के दिमाग को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में हमें जरूरी और गैर जरूरी स्क्रीन टाइम में फर्क करना होगा। गेम और वीडियो से इतर ऑनलाइन क्लासेज ज्यादा प्रोडक्टिव और जरूरी हैं।

स्क्रीन टाइम का बढ़ना आंखों को करता है प्रभावित? यह बड़ी चिंता का विषय है। इसका मुख्य कारण है कि जब हम स्क्रीन पर लंबे समय तक देखते हैं तो पलकें झपकने की दर भी कम हो जाती है। जिससे आंखों सूखने लगती हैं। लंबे समय तक स्क्रीन को देखते रहें, आंख स्क्रीन के नजदीक रहे तो यह काफी खतरनाक साबित हो सकता है। लेकिन इसके कई समाधान भी हैं।

लैपटॉप और कंप्यूटर, मोबाइल फोन व टैबलेट की तुलना में काफी बेहतर हैं। क्योंकि, लैपटॉप और कंप्यूटर का इस्तेमाल करने के लिए बच्चों को एक हाथ की दूरी पर बैठना पड़ता है। वहीं, मोबाइल फोन उनकी आंखों के ज्यादा करीब होता है। अपनी पलक झपकने की दर को ठीक करने के लिए आप बीच-बीच में ब्रेक भी ले सकते हैं।

इसी के साथ आप अपने बच्चे की लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने के लिए ऑनलाइन फिटनेस क्लास और डांस क्लास में भर्ती करवा सकते हैं। क्योंकि, यह उनकी सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देगा।

यूरेका द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप का एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां 3 से 12 साल तक की उम्र के बच्चे रोचक एक्टिविटीज, जैसे- कुकिंग, जुंबा, आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स, म्यूजिक, ड्रामा, कहानी, डांस, जादू, फिटनेस आदि के जरिये अपनी स्किल्स को निखार सकते हैं। और नई-नई चीजें सीख सकते हैं…

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