2026 में दिवाली 8 नवंबर को है। इस पंचोत्सव पर घर के दरवाजे पर गेंदे की लड़ियां, पूजा की थाली में ताजे फूल और रंगोली के आसपास बिखरे पीले-नारंगी फूल घर की रौनक ही बदल देते हैं। अगर इस बार बाजार से गेंदा खरीदने के बजाय अपने घर में ही ढेर सारे फूल उगाना चाहते हैं, तो अगस्त का समय तैयारी शुरू करने के लिए अच्छा है। सही समय पर पौधे तैयार करने और उनकी ग्रोथ पर ध्यान देने से दिवाली के आसपास फूलों की अच्छी पैदावार मिल सकती है।

अगस्त में सबसे पहले क्या करें?

अगस्त के महीने में अगर आप आप बीज से पौधे तैयार करने का सोच रहे हैं तो सबसे पहले बीजों की अच्छी क्वालिटी चुनें। बहुत पुराने या बिना पैकिंग के रखे बीज लेने से अंकुरण कमजोर हो सकता है।

गमले में सीधे बीज डालने के बजाय छोटी सी नर्सरी तैयार करना ज्यादा सही रहता है। इसके लिए सीडलिंग ट्रे या छोटे गमले में हल्की, भुरभुरी और पानी आसानी से निकालने वाली मिट्टी रखें। फिर मिट्टी में अच्छी तरह कंपोस्ट मिलाएं। इस दौरान एक बात का ध्यान रखें कि बीजों को बहुत गहराई में दबाने की जरूरत नहीं होती है। हल्की मिट्टी से ढककर स्प्रे वाली बोतल से पानी दें, ताकि बीज अपनी जगह से बाहर न निकलें।

बारिश में पानी देने की सबसे बड़ी गलती न करें

अगस्त में बारिश का मौसम होता है। ऐसे में अगर आप गेंदे का पौधा लगा रहे हैं तो ज्यादा पानी न डालें। रोज पानी डालना पौधों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। गमले में नीचे ड्रेनेज होल जरूर रखें। बारिश लगातार हो रही है तो गमले को ऐसी जगह रखें जहां उसे रोशनी मिले, लेकिन लगातार तेज बारिश सीधे पौधे पर न पड़ती रहे।

पौधा निकलने के बाद करें ये काम

जब पौधे कुछ बड़े हो जाएं और उनमें अच्छी पत्तियां आने लगें तो उन्हें पर्याप्त रोशनी वाली जगह पर रखें। गेंदा भरपूर फूल देने वाला पौधा है, इसलिए उसे अच्छी धूप मिलना जरूरी है। इन्हें बड़े पौधे से अलग गमलों में लगाएं, ताकि जड़ों को फैलने की जगह मिल सके।

एक बड़े गमले में बहुत सारे पौधे लगाने की गलती न करें। इससे पौधों के बीच हवा का आवागमन कम होगा और पोषक तत्व नहीं मिलेंगे तो ग्रोथ पर असर पड़ेगा।

ज्यादा फूल चाहिए तो सिर्फ खाद डालना काफी नहीं

गेंदे के पौधे को बढ़ने के लिए पोषण चाहिए, लेकिन हर बार ज्यादा खाद डाल देना सही तरीका नहीं है। शुरुआती ग्रोथ में कंपोस्ट जैसी जैविक खाद का इस्तेमाल किया जा सकता है। पौधा जम जाने के बाद जरूरत के अनुसार हल्की मात्रा में पोषण देते रहें।

सबसे जरूरी बात है कि खाद हमेशा गीली मिट्टी में और पौधे के तने से थोड़ी दूरी पर दें। सीधे तने के पास खाद डालने से जड़ों को नुकसान हो सकता है।

फूल आने से पहले एक जरूरी काम

अगर आपका लक्ष्य सिर्फ बड़ा पौधा तैयार करना नहीं, बल्कि ज्यादा शाखाएं और ज्यादा फूल पाना है तो पौधे की शुरुआती ग्रोथ पर नजर रखें। पौधा थोड़ा मजबूत हो जाने पर उसकी ऊपरी बढ़त को हल्का पिंच करने से साइड शाखाओं को बढ़ने में मदद मिल सकती है। यही शाखाएं आगे चलकर ज्यादा फूलों की संभावना बढ़ाती हैं। यह काम बहुत छोटे या कमजोर पौधे पर न करें।

दिवाली के लिए एक साथ सारे बीज न लगाएं

घर की बागवानी में यह छोटी सी रणनीति काफी काम आ सकती है। सारे बीज एक ही दिन लगाने के बजाय कुछ दिन के अंतर पर दो बैच में पौधे तैयार करें। इससे फूलों का समय थोड़ा अलग-अलग हो सकता है और एक ही समय में सारी कली खत्म होने के बजाय लंबे समय तक फूल मिल सकते हैं।

दिवाली तक पौधा कैसे संभालें?

सितंबर आते-आते अगर पौधे अच्छी तरह बढ़ रहे हैं तो उन्हें पर्याप्त धूप, संतुलित खाद और नियंत्रित पानी देते रहें। गमले की मिट्टी को पूरी तरह सूखने भी न दें और हर समय गीला भी न रखें।

कली आने के बाद पौधे को बार-बार जगह बदलने से बचाएं। सूखे फूलों को समय-समय पर तोड़ते रहें, ताकि पौधे की ऊर्जा नई ग्रोथ और फूलों की तरफ जाती रहे।

एक बात ध्यान रखें: फूल आने का सही समय किस्म, मौसम, तापमान, पौधे की उम्र और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इसलिए अगस्त में शुरुआत करने का मतलब यह नहीं कि हर घर में बिल्कुल दिवाली के दिन ही फूल खिलेंगे। लेकिन अभी से पौध तैयार करने पर त्योहार के समय फूलों की अच्छी संभावना जरूर बढ़ाई जा सकती है।