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दिवाली 2016: हस्त योग में मनेगी दिवाली, जानिए घर और दुकान-दफ्तर में किस वक़्त करें पूजा

इस साल ये पर्व कुछ ज्यादा ही खास है। इसकी वजह इस बार दीवाली का हस्त नक्षत्र में पड़ना है। इसी वजह से घर और ऑफिस में पूजा के कई शुभ मुहूर्त निकले हैं। जिनमें पूजा करने पर देवी लक्ष्मी आपके घर में धन वर्षा करेगी।

Author नई दिल्ली | October 30, 2016 2:41 PM

आज दीपों का त्योहार दीवाली है। हर साल ये त्योहार कार्तिक कृष्ण अमवस्या के दिन मनाया जाता है। इस साल ये पर्व कुछ ज्यादा ही खास है। इसकी वजह इस बार दीवाली का हस्त नक्षत्र में पड़ना है। इसी वजह से घर और ऑफिस में पूजा के कई शुभ मुहूर्त निकले हैं। जिनमें पूजा करने पर देवी लक्ष्मी आपके घर में धन वर्षा करेगी। चूंकि त्योहार शुक्रवार से शुरू हुए हैं, इसी वजह से देवी लक्ष्मी दोनों हाथों से भक्तों के ऊपर धन वर्षा करेंगी। इसके लिए हम आपको बता रहे हैं किस शुभ समय पूजा करके आपको लक्ष्मीजी की कृपा मिल सकती है, जिससे आपके घर परिवार में सुख-समृद्धि आएगी।

घर में पूजा का शुभ समय- इस बार पूजा का शुभ मुहूर्त एक घंटा 56 मिनट तक रहेगा। ये समय शाम को 6:27 से रात को 8:23 तक बना रहेगा।

ऑफिस दुकान में पूजा का समय- दीवाली के दिन सुबह 7:54 से लेकर 10:12 तक पूजा का शुभ मुहूर्त है।

अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:41 से 12:29 तक सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा। यह समय आपके व्यावसायिक स्थों पर भी पूजा के लिए श्रेष्ठ रहेगा।
धन प्राप्ति मंत्र
ऊं ह्री श्री श्री महालक्ष्मी नम:
ऊं ह्री त्रि हुं फट

विद्या प्राप्ति मंत्र
ऊं ह्री ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नम:

व्यापार वृद्धि मंत्र
ऊं गं गं श्री श्रीमातृ नम:

व्यापार वृद्धि के लिए 5 कौड़ी, 5 कमलगट्टे देवी लक्ष्मी को अर्पित करें।

कुबेर मंत्र
ऊं श्रीं, ऊं ह्रीं श्री, ऊं हींश्री क्लीं वित्तेश्वराय: नम:

महानिशीथकाल पूजा
महानिशीथ काल यानि दीवाली की रात आध्यात्मिक और गूढ़ साधना के नजरिए से विशेष होती है। आधी रात के समय महानिशीथ काल कहा जाता है। दीवाली पर रात के समय सिंह लग्न रात 12:56 से 3:13 के बीज रहेगा। इस समय की गई पूजा का विशेष महत्व है और ये विशेष फलदाई भी होती है। यह समय महाकाली की पूजा-अर्चना करने का है।

दिन के समय पूजा का शुभ समय

सुबह 7:54 से 12:15 तक
दोपहर 2:00 से 3:30 तक

श्रीनारायण के साथ पूजा

महालक्ष्मी की श्रीनारायण के साथ पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। रात में देवी की अखंड ज्योती जलाएं। दोवी को अनार और कमल के फूल अर्पित करने से परिवार में प्यार बढ़ता है।

श्रीगोवर्धन पूजा
सोमवार 31 अक्टूबर को श्रीगोवर्धन और अनन्कूट की पूजा 12 बजे के बाद की जा सकती है।

इसका रखें खास ख्याल
पूजा करते वक्त इस बात का खास तौर पर ध्यान रखें कि लक्ष्मीजी गणेशजी के दाहिने भाग में ही हों। साथ ही खड़ी लक्ष्मी जी की पूजा करें।

इस समय ना करें पूजा

शाम 4:30 से 6:00 बजे के बीच में पूजा ना करें। इसकी वजह इस समय का राहुकाल में पड़ना है। इस समय दीवाली की पूजा बिल्कतुल ना करें।

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