बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी अक्सर अपनी फिटनेस और वर्कआउट को लेकर चर्चा में रहती हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक ऐसा वर्कआउट वीडियो शेयर किया, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। वीडियो में दिशा एक वेटेड-असिस्टेड स्क्वैट होल्ड करती नजर आ रही हैं। यह एक्सरसाइज देखने में जितनी आसान दिखती है, असल में उतनी है नहीं। फिटनेस एक्सपर्ट का कहना है कि इस तरह की ट्रेनिंग शरीर को सिर्फ आकर्षक नहीं बनाती, बल्कि ताकत, संतुलन और फुर्ती भी बढ़ाती है।
34 वर्षीय दिशा पाटनी ने अपने लेटेस्ट वर्कआउट वीडियो में वेट के साथ डीप स्क्वैट होल्ड किया। इस दौरान उनके ट्रेनर और करीबी दोस्त अलेक्जेंडर एलेक्स इलिक (Aleksandar Alex Ilic) उनके घुटनों को सपोर्ट देते नजर आए। इस एक्सरसाइज में शरीर को स्क्वैट की पोजिशन में कुछ समय तक होल्ड करना होता है। इससे मांसपेशियों पर लगातार दबाव बना रहता है।
दिशा पहले भी एडवांस बॉडीवेट मूवमेंट्स और हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज करती रही हैं। उनका यह वर्कआउट बताता है कि वे सिर्फ फिट दिखने के लिए नहीं, बल्कि शरीर को मजबूत और फुर्तीला बनाने के लिए भी ट्रेनिंग करती हैं।
जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
जब इस बारे में इंडियन एक्सप्रेस की टीम ने कंसल्टेंट डाइटिशियन और फिटनेस एक्सपर्ट गरिमा गोयल से बात की तो उन्होंने बताया कि इस तरह के वर्कआउट में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, बैलेंस, कोऑर्डिनेशन और एक्सप्लोसिव मूवमेंट्स का अच्छा मेल होता है। इससे एक साथ कई मसल्स काम करती हैं।
उनके मुताबिक, ऐसी फंक्शनल एक्सरसाइज करने से मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है। इतना ही नहीं हार्ट और फेफड़ों की फिटनेस बेहतर रहती है। शरीर के संतुलन और न्यूरोमस्कुलर कोऑर्डिनेशन में सुधार होता है। शरीर की फुर्ती और मूवमेंट की क्षमता भी बढ़ती है।
अब जानें वेटेड-असिस्टेड स्क्वैट होल्ड करने के फायदे
गरिमा गोयल के मुताबिक इसे करने से कई तरह के फायदे शरीर को मिल सकते हैं। जांघों (Quadriceps), ग्लूट्स, हैमस्ट्रिंग और पिंडलियों (Calves) की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। साथ ही कोर मसल्स मजबूत होती हैं, जिससे शरीर का संतुलन बेहतर होता है। इतना ही नहीं ट्रेनर की मदद मिलने से सही पोश्चर और कंट्रोल बनाए रखना आसान होता है। डीप स्क्वैट करने से कूल्हों, घुटनों और टखनों की लचक (Flexibility) और मूवमेंट की क्षमता बढ़ती है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने से मांसपेशियां तनाव सहने की क्षमता बढ़ सकती है। यह एक्सरसाइज पिस्टल स्क्वैट, जंप स्क्वैट और दूसरे एडवांस एथलेटिक मूव्स की तैयारी में भी मदद करती है।
सिर्फ एक मसल नहीं, पूरा शरीर करता है काम
एक्सपर्ट का कहना है कि दिशा की ट्रेनिंग का सबसे खास पहलू यह है कि इसमें ऐसे मूवमेंट्स शामिल हैं, जिनमें एक साथ कई मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। इस तरह की एक्सरसाइज करने से ज्यादा कैलोरी बर्न करने में मदद मिल सकती है। पोश्चर में सुधार होता है। कोर स्टेबिलिटी बढ़ाती हैं। रोजमर्रा के कामों के लिए शरीर को ज्यादा मजबूत और सक्षम बनाती हैं।
एक्सरसाइज करते समय इन बातों का रखें ध्यान
इस तरह की एक्सरसाइज हर किसी के लिए नहीं होती। इन्हें करते समय सही तकनीक अपनाना बेहद जरूरी है। गरिमा गोयल ने बताया कि एक्सरसाइज करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। धीरे-धीरे वजन और कठिनाई बढ़ानी चाहिए। एक्सरसाइज करते समय शरीर को पर्याप्त आराम देना जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए। शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है। अच्छी और पूरी नींद लेनी चाहिए, ताकि मांसपेशियां रिकवर होकर मजबूत बन सकें।
यहां देखें वीडियो- https://www.instagram.com/reels/DaNQSh4O4Xd
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और संबंधित एक्सपर्ट से मिली जानकारी पर आधारित है। किसी भी नए वर्कआउट या फिटनेस रूटीन को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य फिटनेस विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
