डिजिटल दौर में भले ही किताबें मोबाइल और ई-रीडर तक सिमट गई हों, लेकिन भारत की ऐतिहासिक लाइब्रेरी आज भी ज्ञान, संस्कृति और विरासत की अमूल्य धरोहर को संजोए हुए हैं। सदियों पुराने हस्तलिखित ग्रंथ, दुर्लभ पांडुलिपियां और ऐतिहासिक दस्तावेज इन पुस्तकालयों की सबसे बड़ी पहचान हैं। अगर आप किताबों से प्यार करते हैं या इतिहास और संस्कृति में रुचि रखते हैं, तो भारत की ये पुरानी लाइब्रेरी आपके लिए किसी खजाने से कम नहीं हैं।

सरस्वती महल लाइब्रेरी, तंजावुर (तमिलनाडु)

Sarasvati Mahal Library
यहां तमिल, संस्कृत और अन्य भाषाओं की दुर्लभ ताड़पत्र पांडुलिपियां सुरक्षित हैं। (Photo Source: thanjavur.nic.in)

भारत की सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध लाइब्रेरी में गिनी जाने वाली सरस्वती महल लाइब्रेरी की स्थापना नायक और मराठा शासकों के समय हुई थी। यहां तमिल, संस्कृत, तेलुगु, मराठी समेत कई भाषाओं की हजारों दुर्लभ ताड़पत्र (पाम-लीफ) पांडुलिपियां सुरक्षित रखी गई हैं। यहां मौजूद संग्रहालय इसकी समृद्ध विरासत को और करीब से जानने का अवसर देता है।

रामपुर रजा लाइब्रेरी, रामपुर (उत्तर प्रदेश)

Rampur Raza Library
यह लाइब्रेरी फारसी, अरबी, उर्दू और संस्कृत की दुर्लभ पांडुलिपियों तथा मुगलकालीन चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। (Photo Source: rampur.nic.in)

रामपुर रजा लाइब्रेरी की स्थापना नवाब फैजुल्लाह खान ने करवाई थी। यह लाइब्रेरी फारसी, अरबी, उर्दू और संस्कृत की दुर्लभ पांडुलिपियों के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहां मुगलकालीन लघु चित्रकला (मिनिएचर पेंटिंग्स) का शानदार संग्रह भी देखने को मिलता है।

एशियाटिक सोसाइटी लाइब्रेरी, मुंबई (महाराष्ट्र)

Asiatic Society Library
मुंबई के टाउन हॉल में स्थित यह लाइब्रेरी दुर्लभ किताबों, प्राचीन नक्शों और ऐतिहासिक दस्तावेजों का बड़ा संग्रह रखती है। (Photo Source: Pexels)

मुंबई के ऐतिहासिक टाउन हॉल में स्थित यह लाइब्रेरी भारत की सबसे प्रतिष्ठित लाइब्रेरी में से एक है। यहां दुर्लभ किताबें, प्राचीन पांडुलिपियां, पुराने नक्शे और ऐतिहासिक सिक्कों का अनमोल संग्रह सुरक्षित रखा गया है। इसकी भव्य इमारत भी पर्यटकों को आकर्षित करती है।

खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी, पटना (बिहार)

Khuda Bakhsh Oriental Public Library
यहां दुर्लभ इस्लामिक ग्रंथ, पांडुलिपियां और ऐतिहासिक दस्तावेज सुरक्षित हैं। (Photo Source: patna.nic.in)

पटना स्थित यह लाइब्रेरी ओरिएंटल पांडुलिपियों के विशाल संग्रह के लिए जानी जाती है। यहां दुर्लभ इस्लामिक ग्रंथ, ऐतिहासिक दस्तावेज और खूबसूरत मिनिएचर पेंटिंग्स संरक्षित हैं। शोधकर्ताओं और इतिहास प्रेमियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

मौलाना आजाद लाइब्रेरी, अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश)

Maulana Azad Library
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की यह लाइब्रेरी एशिया की सबसे बड़ी विश्वविद्यालय लाइब्रेरी में से एक है। (Photo Source: @malibraryamualigarh/Facebook)

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में स्थित मौलाना आजाद लाइब्रेरी एशिया की सबसे बड़ी विश्वविद्यालय लाइब्रेरी में शामिल है। सात मंजिला इस लाइब्रेरी में 10 लाख से अधिक किताबें, शोध सामग्री और दुर्लभ पांडुलिपियां मौजूद हैं।

सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी, नई दिल्ली

Central Secretariat Library
इस सरकारी लाइब्रेरी में 8.5 लाख से अधिक किताबें, रिपोर्ट और संदर्भ सामग्री का विशाल संग्रह मौजूद है। (Photo Source: Central Secretariat Library, New Delhi/Facebook)

ब्रिटिश शासनकाल के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के लिए स्थापित यह लाइब्रेरी आज भारत सरकार के महत्वपूर्ण पुस्तकालयों में गिनी जाती है। यहां 8.5 लाख से अधिक किताबें, सरकारी रिपोर्ट्स, ऑफिशियल दस्तावेज और विभिन्न विषयों से जुड़ी संदर्भ सामग्री उपलब्ध है।

कॉन्नेमारा पब्लिक लाइब्रेरी, चेन्नई (तमिलनाडु)

Connemara Public Library
भारत की प्रमुख राष्ट्रीय जमा लाइब्रेरी में शामिल यह पुस्तकालय लाखों किताबों और दुर्लभ प्रकाशनों का संग्रह रखता है। (Photo Source: connemarapubliclibrary.org)

चेन्नई स्थित कॉन्नेमारा पब्लिक लाइब्रेरी भारत की चार राष्ट्रीय डिपॉजिट लाइब्रेरी में से एक है। यहां देश में प्रकाशित होने वाली लगभग हर पुस्तक की प्रति संरक्षित की जाती है। इसकी ऐतिहासिक इमारत और विशाल संग्रह इसे पुस्तक प्रेमियों के लिए खास बनाते हैं।

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