किसी भी रिश्ते की शुरुआत इस उम्मीद के साथ होती है कि यह रिश्ता हमेशा बना रहेगा। शायद यही वजह है कि लोग अपने पार्टनर के साथ पूरी जिंदगी बिताने का सपना देखने लगते हैं। हाल ही में डिंपल कपाड़िया ने अपने दिवंगत पति के साथ हमेशा साथ रहने वाला किस्सा शेयर किया। लेकिन क्या हर रिश्ते में साथ रहने की उम्मीद क्यों होती है? आइए जानते हैं एक्सपर्ट से।
डिंपल कपाड़िया और राजेश खन्ना की पहली मुलाकात का किस्सा
बॉलीवुड एक्ट्रेस डिंपल कपाड़िया ने साल 2018 में FICCI FLO जयपुर चैप्टर के साथ एक इंटरव्यू के दौरान अपने पति राजेश खन्ना से पहली मुलाकात का दिलचस्प किस्सा सुनाया था। उन्होंने बताया, ‘यह उस समय की बात है जब मैंने बॉबी फिल्म साइन की थी। हम एक प्राइवेट फ्लाइट से अहमदाबाद जा रहे थे। वहां एक कार्यक्रम था, जिसमें राजेश खन्ना को शामिल होना था। मैं गुजराती हूं, इसलिए मुझे भी बुलाया गया था। मैं बचनप से ही थोड़ी ड्रामा क्वीन रही हूं। वह मेरे बगल में बैठे थे। मैंने उनसे कहा कि वहां बहुत भीड़ होगी, क्या आप मेरा हाथ पकड़ेंगे? उन्होंने कहा हां। तो मैंने पूछा हमेशा के लिए?
रिश्ते में क्यों रखी जाती है हमेशा साथ रहने की उम्मीद?
एक्ट्रेस की हमेशा साथ रहने वाली इस बात पर साइकोथेरेपिस्ट और रिलेशनशिप कोच डेल्ना राजेश ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि ये छोटे-मोटे पल होते हैं, लेकिन इसमें व्यक्ति के गहरे जज्बात छिपे होते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार हममें से ज्यादातर लोग प्यार की शुरुआत इस उम्मीद से करते हैं कि यह रिश्ता हमेशा चलेगा। बहुत कम लोग ही शादी करते समय अलग होने या दिल टूटने के बारे में सोचते हैं। हम सिर्फ किसी इंसान से प्यार नहीं करते बल्कि उस भविष्य से भी प्यार करते हैं, जिसमें हम उनके साथ जीने का सपना देखते हैं। एक साथ बूढ़े होना, खास मौकों का जश्न मनाना, बच्चों को साथ बड़ा करना, घूमना, घर बनाना और जिंदगी के छोटे-छोटे पलों को साथ बिताने का सपना देखते हैं। प्यार सिर्फ वर्तमान के बारे में नहीं बल्कि भविष्य के बारे में भी है, जिसके सपने हम देखते हैं।
डेल्ना के अनुसार यही वजह है कि शुरुआत में रिश्ता बहुत मैजिकल लगता है। उन्होंने बताया कि इस दौरान हमारे दिमाग में डोपामाइन और ऑक्सीटोसिन जैसे केमिकल बहुत ज्यादा बनते हैं, जिससे एक्साइटमेंट, लगाव और उम्मीद बढ़ती है। हालांकि लंबे समय तक चलने वाला प्यार सिर्फ केमिस्ट्री पर टिका नहीं होता। पेट में तितलियां उड़ने जैसा अहसास शुरुआत में रहता है और धीरे-धीरे शांत हो जाता है। लेकिन जो बचता है वह कहीं ज्यादा गहरा होता है। उन्होंने बताया कि एक हेल्दी रिलेशनशिप इसलिए नहीं चलता कि साथ रहने वाले दो लोग कभी नहीं बदलते, बल्कि इसलिए टिकता है क्योंकि बदलते हुए भी वे एक दूसरे को चुनते हैं।

सही साथी ढूंढने को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि कम्पैटिबिलिटी या तो लोगों में होती है या नहीं होती। डेल्ना के मुताबिक अट्रैक्शन, केमिस्ट्री और एक्साइटमेंट शुरुआत में बहुत अच्छे लगते हैं लेकिन इसके साथ उत्सुकता भी होनी चाहिए। क्या यह व्यक्ति अपने कामों की जिम्मेदारी लेता है? क्या वे सच्चे दिल से माफी मांग सकते हैं? क्या वे अपनी बाउंड्रीज का सम्मान करते हैं? क्या वे मुश्किल समय में इमोशनली साथ हैं? क्या आपकी और उनकी सोच एक जैसी है? क्या आप दोनों झगड़े के दौरान एक दूसरे के कैरेक्टर पर सवाल नहीं उठाएंगे? ऐसे कई सवाल बताते हैं कि रिश्ता लंबे समय तक मजबूत रह पाएगा या नहीं।
रिश्ते इसलिए मजबूत नहीं बनते कि वे मुश्किल बातचीत से दूर रहते हैं बल्कि इसलिए मजबूत होते हैं क्योंकि उन्हें ईमानदारी, सम्मान और सहानुभूति के साथ किया डील किया जाता है।
रिश्ते को मजबूत कैसे बनाएं?
किसी भी रिश्ते को लंबे समय तक चलाने के लिए कोई फॉर्मूला नहीं होता है। लेकिन कुछ आदतों के जरिए आप इसे मजबूत बना सकते हैं।
- रिश्ते के कई सालों बाद भी पार्टनर को लेकर उत्सुक रहें क्योंकि समय के साथ-साथ व्यक्ति में भी बदलाव आता है।
- हर बहस को जीतने की बजाय झगड़े को सुलझाने की कोशिश करें।
- अपने पार्टनर को समय समय को प्यार जताते रहें, यह जानने के बाद भी कि उन्हें पता है।
- विवाद के दौरान भी सम्मान बनाए रखें। गुस्से में कोई भी चीज ऐसी न बोलें जो उन्हें दुख पहुंचाए।
- सिर्फ पुरानी यादों में जीने के बजाय एक साथ नई यादें बनाएं।
भावनात्मक परफेक्शन होने की बजाय भावनात्मक ईमानदारी चुनें। हेल्दी कपल वो नहीं होते जिन्हें कभी मुश्किलों को सामना नहीं करना पड़ता, बल्कि वो होते हैं जो मुश्किलों के बाद फिर से एक साथ जुड़ जाते हैं।
कुछ रिश्ते जिंदगी भर चलते हैं और कुछ नहीं। लेकिन हर रिश्ता हमें प्यार, मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने की ताकत, खुद को समझने और यह जानने का मौका देता है कि जिंदगी में सही में क्या मायने रखता है। Forever यानी हमेशा साथ का सपना बहुत खूबसूरत है लेकिन शायद इसकी असली खूबसूरती इस बात में हैं कि हम हर सामान्य दिन को भी उस वादे के लायक बनाने की कोशिश करें।
