सावन में हर कोई चाहता है कि वो भगवान शिव के मंदिरों में पहुंचर कर दर्शन करे। ऐसे में अगर आप दिल्ली से किसी ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने का प्लान बना रहे हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए मददगार साबित हो सकता है। दिल्ली से हर ज्योतिर्लिंग तक पहुंचने का रास्ता और लगने वाला समय अलग है।

कहीं ट्रेन से सीधे पहुंचना आसान है तो कहीं पहले फ्लाइट या ट्रेन से किसी बड़े शहर तक जाना होगा और फिर सड़क यात्रा करनी पड़ेगी। यहां हम दिल्ली से महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, काशी विश्वनाथ, भीमाशंकर और सोमनाथ ज्योतिर्लिंग तक पहुंचने के आसान विकल्प बता रहे हैं। साथ ही यह भी जानेंगे कि किस जगह के लिए कितने दिन का समय रखना बेहतर रहेगा।

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन

अगर दिल्ली से कम समय में ज्योतिर्लिंग दर्शन का प्लान बना रहे हैं तो उज्जैन का महाकालेश्वर सुविधाजनक विकल्पों में से एक हो सकता है। उज्जैन रेल नेटवर्क से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, इसलिए दिल्ली से ट्रेन के जरिए यहां पहुंचने का विकल्प देखा जा सकता है।

यहां जाने से पहले आपको ट्रेन और भस्म आरती के लिए बुकिंग करानी होगी। महाकालेश्वर मंदिर में रोजाना अलग-अलग आरती और दर्शन की व्यवस्था रहती है। मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार भस्म आरती का समय सुबह 4 बजे से 6 बजे तक है। इसके अलावा दध्योदक आरती, भोग आरती, संध्या आरती और शयन आरती के भी निर्धारित समय हैं। मंदिर की वेबसाइट पर दर्शन और आरती से जुड़ी ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।

दिल्ली से कैसे पहुंचें?

ट्रेन: दिल्ली से उज्जैन रेलवे स्टेशन तक ट्रेन → स्टेशन से ऑटो/कैब → महाकालेश्वर मंदिर।

अगर आपका उद्देश्य भस्म आरती में शामिल होना है तो यात्रा को इस तरह प्लान करें कि उज्जैन समय से पहुंच जाएं। सिर्फ ट्रेन के पहुंचने के समय को देखकर उसी दिन भस्म आरती का प्लान बनाना जोखिम भरा हो सकता है।

कितना समय रखें?

सिर्फ महाकालेश्वर दर्शन के लिए 2-3 दिन का ट्रिप बनाया जा सकता है। अगर उज्जैन के दूसरे धार्मिक स्थलों को भी देखना है तो एक अतिरिक्त दिन रखना बेहतर रहेगा।

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के किनारे स्थित ओंकारेश्वर भी दिल्ली से ज्योतिर्लिंग यात्रा के लिए एक अच्छा विकल्प है। हालांकि यहां दिल्ली से सीधे मंदिर तक पहुंचने के बजाय इंदौर या खंडवा के रास्ते जाना ज्यादा सुविधाजनक रहता है।

ओंकारेश्वर मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक मंदिर इंदौर से करीब 77 किलोमीटर और खंडवा रेलवे जंक्शन से करीब 72 किलोमीटर दूर है। इंदौर एयरपोर्ट से नियमित उड़ानें उपलब्ध हैं और वहां से सड़क मार्ग के जरिए ओंकारेश्वर पहुंचा जा सकता है।

दिल्ली से कैसे पहुंचें?

फ्लाइट:

दिल्ली → इंदौर एयरपोर्ट → करीब 77 किलोमीटर सड़क यात्रा → ओंकारेश्वर।

ट्रेन:

दिल्ली → खंडवा रेलवे स्टेशन → करीब 72 किलोमीटर सड़क यात्रा → ओंकारेश्वर।

मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार सुबह 5 बजे से 12:20 बजे, दोपहर 1:15 से 4 बजे और शाम 4:30 से 9:30 बजे तक अलग-अलग समय में दर्शन की व्यवस्था है। आरती और श्रृंगार के दौरान सामान्य दर्शन बंद रहते हैं। विशेष अवसरों पर समय बदल सकता है।

कितना समय रखें?

दिल्ली से आने वाले यात्रियों के लिए 2-3 दिन का समय रखना बेहतर रहेगा। अगर इंदौर भी घूमना है तो यात्रा को थोड़ा और बढ़ाया जा सकता है।

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग, वाराणसी

दिल्ली से ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर भी अपेक्षाकृत सुविधाजनक विकल्प है। दिल्ली से वाराणसी के लिए ट्रेन और फ्लाइट दोनों विकल्प उपलब्ध हैं।

काशी विश्वनाथ मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार मंदिर रोजाना सुबह 2:30 बजे खुलता है। सुबह 3 से 4 बजे तक मंगला आरती होती है। सामान्य दर्शन सुबह 4 से 11 बजे तक और फिर दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक किए जा सकते हैं। शाम को सप्तऋषि आरती और रात में श्रृंगार/भोग आरती के बाद शयन आरती होती है।

दिल्ली से कैसे पहुंचें?

ट्रेन: दिल्ली → वाराणसी → शहर के भीतर कैब/ऑटो → काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र।

फ्लाइट: दिल्ली → वाराणसी एयरपोर्ट → कैब/टैक्सी → मंदिर।

अगर आप मंगला आरती में शामिल होना चाहते हैं तो इसकी बुकिंग और उस दिन के नियम पहले आधिकारिक पोर्टल पर जांचना जरूरी है। मंदिर की वेबसाइट पर मंगला आरती के लिए टिकट की जानकारी दी गई है।

कितना समय रखें?

सिर्फ काशी विश्वनाथ दर्शन के लिए 2 दिन में यात्रा की जा सकती है। लेकिन वाराणसी के घाट और दूसरे प्रमुख धार्मिक स्थल भी देखने हैं तो 2-3 दिन रखना ज्यादा आरामदायक रहेगा।

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्र

अगर आप इस लिस्ट में एक और ज्योतिर्लिंग जोड़ना चाहते हैं तो भीमाशंकर अच्छा विकल्प है। यह महाराष्ट्र के सह्याद्रि क्षेत्र में स्थित है और 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है।

महाराष्ट्र पर्यटन विभाग के अनुसार भीमाशंकर पुणे से करीब 125 किलोमीटर और मुंबई से करीब 220-223 किलोमीटर दूर है। पुणे यहां पहुंचने के लिए प्रमुख कनेक्शन है। पुणे से सड़क मार्ग के जरिए मंदिर तक जाया जा सकता है। महाराष्ट्र पर्यटन के अनुसार पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी एक प्रमुख एयर कनेक्शन है।

दिल्ली से कैसे पहुंचें?

फ्लाइट:

दिल्ली → पुणे → सड़क मार्ग से भीमाशंकर।

ट्रेन:

दिल्ली → पुणे → सड़क मार्ग से भीमाशंकर।

महाराष्ट्र पर्यटन के मुताबिक पुणे से बस और टैक्सी के जरिए भीमाशंकर पहुंचा जा सकता है। यहां जाने वाला रास्ता सह्याद्रि की पहाड़ियों से होकर गुजरता है।

सावन में यहां जाते समय खास ध्यान रखें

भीमाशंकर मानसून में हरियाली से भर जाता है, लेकिन बारिश के कारण रास्ते और ट्रेकिंग ट्रेल फिसलन भरे हो सकते हैं। महाराष्ट्र पर्यटन भी मानसून के दौरान सावधानी बरतने की सलाह देता है।

इसलिए अगर आप सावन में भीमाशंकर जा रहे हैं तो सिर्फ दर्शन ही नहीं, बल्कि मौसम और सड़क की स्थिति को भी ध्यान में रखें।

कितना समय रखें?

दिल्ली से यात्रा को देखते हुए कम से कम 3 दिन का समय रखना चाहिए।

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, गुजरात

गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित सोमनाथ मंदिर देश के प्रमुख शिव मंदिरों और 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह प्रभास पाटन में, वेरावल के पास स्थित है।

गिर सोमनाथ जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार सोमनाथ तक ट्रेन और सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है। यहां सोमनाथ रेलवे स्टेशन है। हवाई यात्रा करने वालों के लिए दीव एयरपोर्ट करीब 63 किलोमीटर दूर है, जबकि पोरबंदर एयरपोर्ट करीब 114 किलोमीटर दूर बताया गया है।

दिल्ली से कैसे पहुंचें?

ट्रेन:

दिल्ली → सोमनाथ/वेरावल क्षेत्र → स्थानीय परिवहन से मंदिर।

फ्लाइट:

दिल्ली → दीव/अन्य नजदीकी एयरपोर्ट → सड़क मार्ग से सोमनाथ।

गुजरात सरकार के अनुसार सोमनाथ सड़क मार्ग से भी गुजरात के प्रमुख शहरों और दूसरे क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है।

अहमदाबाद से वेरावल तक ट्रेन कनेक्टिविटी भी उपलब्ध है। 2025 में शुरू की गई साबरमती-वेरावल वंदे भारत ने अहमदाबाद और सोमनाथ क्षेत्र के बीच रेल यात्रा को तेज किया है।

कितना समय रखें?

दिल्ली से सोमनाथ के लिए कम से कम 3 दिन, और आराम से दर्शन के लिए 3-4 दिन रखना बेहतर रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख में यात्रा मार्ग, मंदिर के समय और अन्य जानकारी संबंधित मंदिरों तथा सरकारी पर्यटन/जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइटों से उपलब्ध जानकारी के आधार पर दी गई है। ट्रेन, फ्लाइट, सड़क, दर्शन, आरती और बुकिंग के समय में बदलाव संभव है। यात्रा से पहले संबंधित आधिकारिक वेबसाइट और परिवहन सेवा का ताजा शेड्यूल जरूर जांचें।