भारत में गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व भगवान गणेश को समर्पित है और सनातन धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन भक्त विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना करते हैं और घरों, पंडालों में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करते हैं। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि, ज्ञान और शुभता का देवता माना जाता है। इस पावन मौके पर लोग अपने घरों को भी साफ करते हैं और मंदिरों को सजाते हैं।
इस गणेश चतुर्थी पर पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए महंगे प्लास्टिक के सजावटी सामान खरीदने के बजाय घर में मौजूद या आसानी से मिलने वाली प्राकृतिक और दोबारा इस्तेमाल की जा सकने वाली चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे घर का पारंपरिक लुक आकर्षक नजर आता है और साथ ही सजावट के बाद कचरा भी कम होता है। आइए जानते हैं इको-फ्रेंडली लुक देने के लिए किस तरह सजावट कर सकते हैं।
1- फूलों और पत्तियों का इस्तेमाल
इको-फ्रेंडली के लिए सबसे आसान तरीका है फूलों और पत्तियों का इस्तेमाल करना। आप अपने घर के मंदिर को गेंदे, गुलाब और चमेली जैसे ताजे फूलों से सजा सकते हैं। इसके अलावा केले के पत्ते, आम के पत्ते और अशोक की पत्तियों से भी सुंदर बंदनवार बनाई जा सकती है। फूलों की माला को दरवाजे, पूजा स्थल या बैकग्राउंड में लगा सकते हैं। पूजा के इन फूलों को फेंकने के बजाए उनसे खाद या प्राकृतिक रंग भी बना सकते हैं।
2- मिट्टी के दीयों से करें सजावट
पूजा स्थल को सजावट के लिए मिट्टी के दीयों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन दीयों को हल्दी, कुमकुम या प्राकृतिक रंगों से सजाकर शाम के समय रोशनी के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
3- कपड़ों से तैार करें बैकड्रॉप
खूबसूरत रंगों वाले दुपट्टे या साड़ियों को पूजा स्थल के पीछे लगाकर बैकड्रॉप तैयार कर सकते हैं। इसके किनारों पर फूलों की लड़ियां या पत्तियां लगाकर और भी आकर्षक बनाया जा सकता है।
4- नारियल का खोल आएगा काम
अगर आपके पास नारियल के पुराने खोल रखे हैं, तो इनका इस्तेमाल सजावट में कर सकते हैं। इन्हें साफ कर छोटे गमले, दीये या सजावटी कटोरियों के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। प्राकृतिक लुक देने के लिए इनमें आप फूल, पत्तियां या छोटे पौधे रखकर गणेश जी के पास रख सकते हैं।
5- बांस और लकड़ी से दें पारंपरिक लुक
पूजा स्थल को पारंपरिक लुक देने के लिए बांस की टोकरी, छोटी लकड़ी की चौकी, बांस की चटाई या लकड़ी के सजावटी सामान को पूजा स्थल में शामिल किया जा सकता है। गणेश जी की मूर्ति को लकड़ी की चौकी पर रखकर आसपास मिट्टी के दीये और फूल रखकर सजाया जा सकता है।
6- पौधों को करें शामिल
घर में रखें इनडोर प्लांट या छोटे पौधों को भी आप सजावट में इस्तेमाल कर सकते हैं। पूजा स्थल के पास तुलसी, मनी प्लांट, एरेका पाम या दूसरे इनडोर पौधों से प्राकृतिक लुक दिया जा सकता है। इससे आसपास का वातावरण फ्रेश और हरा-भरा नजर आता है।
7- रंगोली बनाने न भूलें
भारत में रंगोली बनाने की परंपरा प्राचीन समय से ही चली आ रही है। अक्सर त्योहारों के मौके पर लोग अपने घरों और पूजा स्थलों को रंगोली से सजाते हैं। गणेश चतुर्थी के मौके पर पूजा स्थल औ प्रवेश द्वार पर रंगोली बना सकते हैं। इसके लिए फूलों की पंखुड़ियों, चावल, हल्दी, कुमकुम और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
8- मिट्टी के बर्तनों से करें सजावट
घड़े, कुल्हड़ और छोटे मटकों का इस्तेमाल आप पूजा स्थल की सजावट में कर सकते हैं। इनमें फूल रखकर या इनके आसपास दीये लगाकर सजावट कर सकते हैं।
9- जूट की रस्सी
गणेश चतुर्थी के मौके पर सजावट के लिए जूट की रस्सी का इस्तेमाल किया जा सकता है। जूट की रस्सी से तोरण, फूलों की लड़ियां या छोटी वॉल हैंगिंग बनाई जा सकती है। इस तरह आप गणेश चतुर्थी के मौके पर प्लास्टिक की जगह इन प्राकृतिक चीजों की मदद से घर और पूजा स्थल की सजावट कर सकते हैं।
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