कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अमेजन (Amazon), स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) और बिगबास्केट (BigBasket) के फूड लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित करने का निर्देश दिया है। मामला इन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर धतूरे के फल और बीजों को बेचे जाने से जुड़ा है। मामले के बाद यह पौधा चर्चा में है।
जब भी धतूरे का नाम आता है तो अक्सर पूजा और भगवान शिव को चढ़ाए जाने वाले फूल की याद आती है। लेकिन क्या आपको पता है इस पौधे के कुछ हिस्से जहरीले होते हैं। इतना ही नहीं इन्हें खाने के लिए इस्तेमाल करना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
आपने भी धतूरा देखा होगा। क्या आपने कभी गौर किया है इसमें सफेद, पीले या बैंगनी फूल आते हैं। क्या तीनों रंग फूल वाला धतूरा एक ही होता है? क्या सिर्फ फूल का रंग देखकर इसकी पहचान की जा सकती है? जानिए धतूरे की अलग-अलग प्रजातियों, उनकी पहचान और इस पौधे से जुड़ी जरूरी सावधानियों के बारे में।
सिर्फ फूल के रंग से धतूरे की पहचान नहीं होती
किसी पौधे के फूल का रंग देखकर उसे धतूरा मान लेना या उसकी प्रजाति तय करना सही तरीका नहीं है। पौधे की पहचान के लिए पत्तियों का आकार, फूल की बनावट, तने की सतह और फल का रूप भी देखना पड़ता है।
उदाहरण के लिए काला धतूरा (Datura metel) नाम से पहचानी जाने वाली प्रजाति में सफेद, क्रीम, पीले और बैंगनी रंग के फूल देखने को मिल सकते हैं। कुछ फूलों में बाहर की तरफ बैंगनी और अंदर की ओर हल्का रंग भी दिखाई देता है।
वहीं धतूरा स्ट्रामोनियम (Datura stramonium) के फूल आमतौर पर सफेद, हल्के पीले या हल्के बैंगनी रंग के हो सकते हैं। इसकी पत्तियां और फल भी दूसरी प्रजातियों से अलग होते हैं।
धतूरा इनॉक्सिया (Datura inoxia) में आमतौर पर बड़े सफेद फूल और रोएंदार पौधा देखने को मिलता है। यानी रंग एक संकेत जरूर है, लेकिन इसी के आधार पर पौधे की पूरी पहचान नहीं की जा सकती।
फल देखकर भी समझ सकते हैं अंतर
धतूरे की पहचान में उसका फल काफी मदद करता है। अलग-अलग प्रजातियों के फलों के आकार और उन पर मौजूद कांटों में अंतर हो सकता है। कुछ प्रजातियों में फल नीचे की ओर झुके दिखाई देते हैं, जबकि कुछ में वे ऊपर की तरफ रहते हैं।
धतूरा देखने में सुंदर, लेकिन जहरीला भी होता है
यह बात सबसे जरूरी है। धतूरे की कई प्रजातियों में ऐसे रासायनिक पदार्थ पाए जाते हैं जो शरीर के लिए विषैले हो सकते हैं। इसके बीज, पत्ते और दूसरे हिस्सों का सेवन गंभीर विषाक्तता पैदा कर सकता है।
इसलिए धतूरे को खाने, चबाने या बिना विशेषज्ञ सलाह के घरेलू उपचार के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश न करें। बच्चों और पालतू जानवरों से भी इसे दूर रखना बेहतर है।
तो क्या सफेद, पीला और बैंगनी धतूरा अलग होता है?
जरूरी नहीं। अलग रंग के फूल एक ही प्रजाति में भी मिल सकते हैं और अलग प्रजातियों में भी। इसलिए सही पहचान के लिए फूल के साथ पत्तियां, तना और फल जैसी दूसरी विशेषताओं को भी देखना जरूरी है।
