बारिश के दिनों में अक्सर घर के दरवाजे-खिड़कियां सिलन की वजह से फूल जाती हैं। मानसून में कई घरों में लकड़ी के दरवाजे अचानक बंद होने लगते हैं या खोलने में जोर लगाना पड़ता है। कभी खिड़कियां फ्रेम में फंसने लगती हैं तो कभी दरवाजे की कुंडी बंद नहीं होती है। कई बार तो यह बंद करने या खोलने पर बहुत बुरी आवाज भी करने लगते हैं।
इसकी वजह अक्सर बारिश के मौसम में बढ़ी हुई नमी होती है। लकड़ी नमी सोखकर फैल जाती है, जिससे दरवाजा चौखट में फंसने लगता है। अगर समस्या बहुत ज्यादा नहीं है, तो कुछ आसान उपाय अपनाकर इसे घर पर ही काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। जी हां आप बिना कारपेंटर को बुलाए भी छोटी दिक्कतों को खुद से सही कर सकते हैं। रिपेयरिंग के लिए आपको करना क्या हैस आइए जानें।
सबसे पहले देखें कहां अटक रही है दरवाजा-खिड़की
जब भी ऐसी समस्या हो तो सबसे पहले आपको यह चैक करना चाहिए कि आखिरकार दरवाजा या खिड़की कहां अटक रही है। इसके लिए धीरे-धीरे इसे बंद करें और देखें कि ऊपर, नीचे या किसी किनारे पर रगड़ तो नहीं खा रहा। इससे आपको समझ आ जाएगा कि समस्या नमी की है या कब्जे (Hinges) ढीले होने की।
कब्जों के स्क्रू कसें
बारिश के समय हमें लगता है दरवाजे या खिड़की नमी से फूल गए हैं, लेकिन हमेशा यह समस्या नहीं होती है। कई बार दरवाजा फूला हुआ नहीं होता, बल्कि कब्जों के स्क्रू ढीले होने की वजह से नीचे झुक जाता है। यह चैक करें ऐसा होने पर स्क्रूड्राइवर से सभी स्क्रू कस दें। जरूरत हो तो थोड़ा मशीन ऑयल या WD-40 जैसे लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करें। कई मामलों में सिर्फ इतना करने से ही दरवाजा आसानी से चलने लगता है।
कमरे की नमी कम करें
अगर घर में लगातार नमी रहती है तो दरवाजा जल्दी सूख नहीं पाएगा। ऐसे में दरवाजे और खिड़की के फूलने की समस्या होती रहेगी। इसलिए नमी को कम करने की कोशिश करें। पंखा चलाएं। खिड़कियां खोलकर वेंटिलेशन रखें। अगर उपलब्ध हो तो डीह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें। एसी चलाने से भी कमरे की नमी कम हो सकती है। लकड़ी सूखने पर कई बार दरवाजा अपने पुराने आकार में लौट आता है।
रगड़ वाली जगह पर मोम या साबुन लगाएं
अगर दरवाजा सिर्फ थोड़ा-सा अटक रहा है तो साधारण मोमबत्ती का मोम या सूखा साबुन रगड़ वाली जगह पर हल्का रगड़ दें। इससे घर्षण कम होगा और दरवाजा आसानी से खुलने-बंद होने लगेगा। ध्यान रखें, यह स्थायी समाधान नहीं बल्कि अस्थायी राहत देने वाला तरीका है।
पूरी तरह सूखने दें
अगर दरवाजा बारिश में भीग गया है, तो उसे जबरदस्ती बंद न करें। उसे अच्छी तरह सूखने दें। कई बार 2–3 दिन बाद नमी कम होने पर दरवाजा सामान्य स्थिति में आ जाता है।
कब बुलाएं कारपेंटर?
दरवाजा बहुत ज्यादा फूल गया हो। लकड़ी में दरार आ गई हो। कब्जे टूट गए हों। दरवाजा टेढ़ा हो गया हो। हर साल यही समस्या बार-बार होती हो। दरवाजा पानी लगने से सड़ने लगा हो।
भविष्य में इस समस्या से कैसे बचें?
मानसून से पहले दरवाजे पर वार्निश या PU कोटिंग करवाएं। बारिश का पानी सीधे दरवाजे पर न पड़ने दें। घर में नमी कम रखने की कोशिश करें। समय-समय पर कब्जों में लुब्रिकेंट डालते रहें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य घरेलू जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। बताए गए उपाय केवल हल्की या शुरुआती समस्या में मदद कर सकते हैं।
