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दाना-पानीः बरसात में कुछ चटपटा

बरसात के मौसम में पकौड़े, समोसे जैसे चटपटे नाश्ते का आनंद ही अलग होता है। छुट्टी का दिन हो और रिमझिम बारिश हो रही हो तो शाम की चाय के साथ अगर चटपटी पकौड़ियां या समोसे मिल जाएं तो बरसात का मजा कई गुना बढ़ जाता है। इस बार ऐसे ही कुछ अलग तरह की पकौड़ियां और समोसे बनाने के बारे में बात करेंगे।

Author July 14, 2019 1:56 AM
कमल ककड़ी की पकौड़ियां और प्याज की पकोड़े बनाने की विधि

मानस मनोहर

प्याज के समोसे
मोसे का मतलब आमतौर पर आलू भर कर बना समोसा माना जाता है। अमूमन देश भर में यही समोसा प्रचलन में है। पर प्याज के समोसे का मजा ही अलग होता है। जिसने एक बार प्याज का समोसा खा लिया, उसे आलू के बजाय प्याज के समोसे ही पसंद आएंगे। पर प्याज के समोसे हर जगह नहीं बनते। हैदराबाद, बंगलुरु जैसे कुछ शहरों में प्याज का समोसा खूब बनता है। राजस्थान में प्याज की कचौड़ियां बनती हैं।  प्याज के समोसे बनाना आसान है। बस इसका भरावन तैयार करने में आलू की जगह प्याज का उपयोग किया जाता है। ये समोसे बनाने के लिए पहले इसका आटा तैयार कर लेना चाहिए। इसमें सिर्फ मैदे का उपयोग किया जाता है।

दो कप मैदा लें और उसमें आधा चम्मच नमक, आधा चम्मच अजवाइन और तीन चम्मच तेल या घी डालें और मैदे को दोनों हथेलियों के बीच रख कर मसलते हुए सारी सामग्री को एकसार कर लें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए आटे को कड़ा गूंथ लें। एक कपड़े से ढंक कर आधे घंटे के लिए रख दें। तब तक इसका भरावन तैयार कर लें। इसके लिए करीब दो कप बारीक कटे हुए प्याज लें। उसमें दो हरी मिर्चें भी बारीक काट कर डाल लें। अब एक कड़ाही में एक से डेढ़ चम्मच तेल गरम करें। उसमें आधा चम्मच जीरा और आधा चम्मच साबुत धनिए का तड़का तैयार करें। तड़का तैयार हो जाए, तो कटे प्याज और हरी मिर्चें छौंक दें। मध्यम आंच पर चलाते हुए पकने दें। प्याज जले नहीं इसके लिए पहले ही जरूरत भर का नमक डाल देना चाहिए। फिर जब प्याज का रंग गाढ़ा भूरा होने लगे, तो उसमें एक चम्मच धनिया पाउडर, चौथाई चम्मच हल्दी, आधा चम्मच गरम मसाला और आधा चम्मच चाट मसाला डाल कर ठीक से मिला लें। प्याज बिखरे नहीं, उससे बचने के लिए आधा कप चिड़वा यानी पोहे को मिक्सर में पीस कर पाउडर बना लें और उसे भी इसमें डाल कर ठीक से मिला लें। अब आपका भरावन गाढ़ा हो गया, जैसे आलू का होता है। आंच बंद कर दें और इस भरावन को ठंडा होने के लिए रख दें।

तब तक गुंथे हुए मैदे को एक बार फिर मसल कर छोटी-छोटी लोइयों में बांट लें। चकले पर बिल्कुल पतली रोटी बेलें। रोटी मोटी होगी, तो समोसे खस्ते और स्वादिष्ट नहीं बनेंगे। इसलिए रोटी की मोटाई बस इतनी हो कि भरावन को फटने से रोक सके और खस्ता सिंक जाए। रोटी को बीच से काट कर दो हिस्से कर लें। कटे हुए हिस्से की तरफ पानी लगाकर तिकोन बना लें। उसमें प्याज का भरावन डाल कर पानी लगाकर रोटी का सिरा ठीक से चिपका लें। ध्यान रखें कि भरावन अधिक न डालें, नहीं तो समोसे के फटने का डर रहता है। इसी तरह अगर समोसे का कोई हिस्सा खुला रह जाएगा या ठीक से नहीं चिपका होगा, तो भी समोसे के फटने का डर रहेगा।अब एक कड़ाही में तेल गरम करें। तेल ठीक से गरम हो जाए तो आंच को कम कर दें। उसमें समोसे डालें और सुनहरा होने तक तलें। समोसों को बीच में पलट कर देख लें कि वे सभी तरफ से बराबर सिंक जाएं। जब उनका रंग बदलने लगे, तो आंच धीमी करके सेंकें। प्याज के समोसे तैयार हैं। इन्हें हरी या लाल चटनी, जिससे खाना पसंद करते हों खाएं। समोसे गरम ही अच्छे लगते हैं।

कमल ककड़ी की पकौड़ियां
मल ककड़ी की सब्जी, कटलेट, कोफ्ते वगैरह तो आमतौर पर खाए जाते हैं, पर इसकी पकौड़ियां लाजवाब बनती हैं। कई लोग कमल ककड़ी की पकौड़ियां भी आम पकौड़ियों की तरह बेसन के घोल में डुबा कर तल लेते हैं, पर उनमें कुरकुरापन नहीं आ पाता। कश्मीरी लोग इसे चावल के आटे के घोल में बनाते हैं। पर आप घर में थोड़े भिन्न तरीके से बनाएं, तो बहुत ही स्वादिष्ट और कुरकुकी कमल ककड़ी की पकौड़ियां बन जाएंगी।

इसके लिए पहले कमल ककड़ी की ऊपरी परत को बारीकी से उतार लें। फिर इन्हें पतली-पतली गोलाकार या लंबाई में काट लें। कमल ककड़ी के टुकड़े ज्यादा मोटे न रखें। इन्हें नमक मिले गरम पानी में थोड़ी देर रखें और फिर निकाल कर ठीक से सुखा लें। जब ये सूख जाएं, तो ऊपर से हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और हल्का आमचूर पाउडर डाल कर सब कुछ अच्छी तरह मिला लें और थोड़ी देर के लिए ढंक कर अलग रख दें।

अब एक कप मैदा में आधा कप सूजी मिलाएं। उसी में नमक, लाल मिर्च पाउडर, थोड़ा गरम मसाला और थोड़ा-सा लहसुन-अदरक का पेस्ट मिलाएं और थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए एक तरफ को फेंटते हुए गाढ़ा घोल तैयार करें। इस घोल को आधे घंटे के लिए रख दें, ताकि सूजी ठीक से नरम हो जाए। अब इसी में कमल ककड़ी के कटे हुए टुकड़े डालें और ठीक से मिला लें, ताकि सभी टुकड़ें पर घोल ठीक से चढ़ जाए। फिर कड़ाही में तेल गरम करें और पकौड़ियों को सुनहरा होने तक तल लें। चाहें, तो पहले आधा पकने तक तलें और फिर बाद में खाने के लिए परोसते समय तल कर कुरकुरा कर लें। ऊपर से चाट मसाला और हरे धनिए की पत्तियां डाल कर परोसें।  इसे हरी या लाल चटनी, जो पसंद हो, उसके साथ खाएं।

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