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क्या टाइप 1 डायबिटीज मरीजों में इंसुलिन से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा? जानिये

डायबिटीज की बीमारी कैंसर होने का प्रमुख संकेतक है जिसके कारण मेटोबोलिज्म में परिवर्तन होता है।

क्या टाइप 1 डायबिटीज मरीजों में इंसुलिन से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा? जानिये
डायबिटीज के मरीज नेचुरल तरीके से इंसुलिन का उत्पादन करने वाले फूड्स का सेवन करें।photo-freepik

डायबिटीज एक क्रोनिक स्थिति है। यानी एक बार अगर किसी को हो जाए तो यह आमतौर पर हमेशा उसके साथ रहती है। डायबिटीज बेहद खतरनाक बीमारी है जिसमें कई अन्य बीमारियों के होने का जोखिम बढ़ जाता है। डायबिटीज में पैनक्रियाज से निकलने वाला हार्मोन इंसुलिन बहुत कम बनाता है या फिर बनाता ही नहीं है। इंसुलिन नहीं होने के कारण खून में ब्लड शुगर जमा होने लगती है जिसके कारण किडनी, हार्ट, नसें और आंखों से संबंधित बीमारियों होती है। चूंकि टाइप 1 डायबिटीज में इंसुलिन बनता ही नहीं है, इसलिए इस बीमारी से पीड़ित लोगों को इंसुलिन का इंजेक्शन लेना पड़ता है। अब सवाल यह है कि क्या इंसुलिन लेने से कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।

इंसुलिन लेने वालों में कैंसर का जोखिम बढ़ा:

हाल ही में जामा स्टडी में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक टाइप 1 डायबिटीज के मरीजों में इंसुलिन का इंजेक्शन लेने के बाद कैंसर के जोखिम को देखा गया है, जो चिंता का विषय है। दरअसल, स्टडी में डायबिटीज मरीजों के पुराने रिकॉर्ड को खंगाला गया। इसमें टाइप 1 डायबिटीज के मरीजों में कैंसर के साथ संबंधों की पड़ताल की गई। अध्ययन में टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित 1303 लोगों के रिकॉर्ड से 28 साल का लेखा जोखा निकाला गया।

अध्ययन में देखा गया कि 28 सालों के दौरान इन मरीजों को किन-किन परेशानियों से गुजरना पड़ा। इसमें स्मोकिंग, अल्कोहल, दवाई, पारिवारिक इतिहास जैसे 150 जोखिमों पर भी बारीक नजर डाली गई। अध्ययन के नतीजे चौंकाने वाले थे। अध्ययन में पाया गया कि 1303 मरीजों में से 93 ने कैंसर का इलाज किया। इसका मतलब यह हुआ कि टाइप 1 मरीजों में से प्रत्येक एक हजार में प्रत्येक साल 2.8 प्रतिशत को कैंसर हुआ। इन 93 मरीजों में 57 महिलाएं थीं और 36 पुरुष थे। इनमें से 8 लोगों को टाइप 1 डायबिटीज के होने के 10 साल के अंदर कैंसर हुआ। इसके बाद 31 लोगों को 11 से 20 साल के अंदर और 54 लोगों को 21 से 28साल के अंदर कैंसर हुआ।

अभी इसे मानना जल्दबाजी:

तो क्या यह मान लिया जाए कि टाइप 1 डायबिटीज मरीजों को कैंसर होने का जोखिम ज्यादा है। वोकहार्ट्ड अस्पताल मीरा रोड के इंटरनल मेडिसीन के डॉ. अनिकेत मुले कहते हैं, डायबिटीज और कैंसर क्रोनिक स्थिति है। पिछले कुछ सालों से इन दोनों बीमारियों का बोझ भारत में बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मोटापा डायबिटीज और कैंसर के प्रमुख कारकों में से एक है।

इसके कारण आज दुनिया में अधिकांश लोगों की मौत होती है। हालांकि यह बात सही है कि डायबिटीज कैंसर के होने का प्रमुख संकेतक है। इसके कारण मेटोबोलिज्म में परिवर्तन होता है जिससे कई सारी शरीर में जटिलताएं आती हैं। लेकिन जैसा कि स्टडी में कहा गया कि इंसुलिन इंजेक्शन के कारण कैंसर का जोखिम बढ़ा है, इसे पूरी तरह से सच मान लेना जल्दबाजी होगी।

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First published on: 04-10-2022 at 02:30:00 pm
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