चाइनीज खाना कई लोगों को पसंद होता है, जिसे खाने के लिए चॉपस्टिक का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप किसी चाइनीज रेस्टोरेंट में जाते हैं, तो वहां चम्मच या कांटे की जगह चॉपस्टिक का ज्यादा उपयोग किया जाता है। इससे नूडल्स, सुशी, मोमोज, डंपलिंग्स, चावल और छोटे-छोटे कटे हुए मांस या सब्जियों के टुकड़ों को आसानी से खाया जा सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे शुरुआत में खाना खाने के लिए नहीं बनाया गया था।

चीन, जापान, कोरियाल और कई एशियाई देशों में चॉपस्टिक को खाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। दिलचस्प बात यह है कि इन दो सिंपल लकड़ी की डंडियों से छोटी से छोटी चीज भी आसानी से खाई जा सकती है। हालांकि शुरुआती दौर में इनका इस्तेमाल किचन में गर्म खाने को संभालने और पकाने के लिए किया जाता था। आइए जानते हैं कि किस तरह किचन में इस्तेमाल होने वाली चॉपस्टिक डाइनिंग टेबल तक किस तरह पहुंची।

खाना खाने के लिए नहीं बनाई गई थीं चॉपस्टिक

एशियाई खानपान में चॉपस्टिक एक अहम हिस्सा मानी जाती है। चीन, जापान, कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया और वियतनाम जैसे कई देशों में चॉपस्टिक का इस्तेमाल खाना खाने के लिए किया जाता है। हालांकि शुरुआत में इसका इस्तेमाल खाना बनाने के लिए किया जाता था।

चॉपस्टिक का इतिहास प्राचीन चीन से जुड़ा है। आर्कियोलॉजिकल स्रोतों के अनुसार चीन में करीब 1200 ईसा पूर्व के आसपास चॉपस्टिक का इस्तेमाल किया जा रहा था। शुरुआत में यह कांसे से बनी होती थीं और इनका इस्तेमाल गर्म बर्तनों से खाना निकालने या पकाते समय चीजों को पकड़ने के लिए किया जाता था। माना जाता है कि इनका इस्तेमाल शांग राजवंश के समय से हो रहा था। हालांकि इससे जुड़ा कोई पुरातात्विक प्रमाण नहीं मिला। लेकिन अब तक मिली चॉपस्टिक की सबसे पुरानी वस्तुओं में से कांसे से बनी 6 चॉपस्टिक शामिल हैं। जिन्हें चीन के हेनान प्रांत में स्थित आनयांग के पास यिन के खंडहरों में खोजा गया था। माना जाता है कि उस दौर में इनका इस्तेमाल खाना पकाने के लिए किया जाता था।

अलग-अलग देशों ने समय के साथ अपनी जरूरत और परंपरा के अनुसार चॉपस्टिक के अलग डिजाइन को अपनाया। चीन और जापान के चॉपस्टिक में आपको अंतर नजर आ सकता है। आज चॉपस्टिक सिर्फ खाना खाने का जरिया नहीं बल्कि एशियाई संस्कृति और खानपान की पहचान बन चुकी है। किचन में इस्तेमाल होते-होते यह धीरे-धीरे डाइनिंग टेबल तक पहुंच गई।

Disclaimer: “यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य पेशेवर राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ से परामर्श करें।”