अगर आपको कहा जाए कि किसी की आवाज सुनकर यह पता लगाएं कि वह पहले से किसी रिश्ते में है या नहीं, तो यह थोड़ा अटपटा जरूर लगेगा। क्योंकि, इंसानों में शायद ऐसी क्षमता नहीं है कि वह किसी की आवाज सुनकर यह पता कर सके कि वह किसी के साथ रिलेशन में है या नहीं। लेकिन इस प्रकृति में निवास करने वाले एक पक्षी के अंदर यह क्षमता जरूर होती है। यह सुनने में किसी फिल्म की कहानी जैसा जरूर लग सकता है, लेकिन हाल में सामने आए ऐथोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में कुछ ऐसा ही पाया गया है।

ऐथोलॉजी जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, नर पाइड फ्लाईकैचर जब एक बार किसी मादा पक्षी के साथ जोड़ी बना लेते हैं और दूसरी मादा को आकर्षित करने के लिए दूसरे इलाके में जाते हैं, तो वह अपने गाने का तरीका बदल लेते हैं। उनका गाना छोटा हो जाता है और वे एक ही ध्वनि या शब्दांश को पहले की तुलना में कम बार दोहराते हैं। यहीं से उनके रिश्ते का पता चलता है।

वैज्ञानिकों को कैसे पता चला

अब सवाल उठता है कि यह बात वैज्ञानिकों को कैसे पता चला, तो इसका पता लगाने के लिए शोधकर्ताओं ने मादा पाइड फ्लाईकैर्स को ऐसे नर पक्षियों के गाने सुनाए, जो या तो पहले से किसी साथी के साथ थे या हाल ही में संभोग कर चुके थे। इसके बाद मादाओं ने कुंवारे और पहले से जोड़ी बना चुके नर पक्षियों की आवाजों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी। यानी, जब मादा को पता चला कि आवाज ऐसे नर पक्षी की है, जो पहले ही किसी साथी के साथ जोड़ी बना चुका है, तो उसका व्यवहार बदल गया। ऐसे सिर्फ प्यार या वफादारी से जुड़ा मामला नहीं है। नर पक्षी का पहले से साथी होना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि साथी बनने के बाद उसे दो घोंसलों के बीच अपना समय बांटना पड़ सकता है। ऐसे में उसके पास बच्चों को पालने और उसकी देखभाल करने के लिए कम समय बचता है।

रिश्ता बनाने के बाद बदल जाता है गाने का तरीका

पाइड फ्लैकैचर पक्षियों में पॉलीटेरिटोरियलिटी नाम की एक प्रजनन रणनीति देखी जाती है। इसमें पहली मादा के अंडे देने के बाद नर पक्षी कई सौ मीटर दूर अपना दूसरा इलाका बना सकता है और वहां दूसरी मादा को आकर्षित करने की कोशिश करता है। यह जानने के लिए कि क्या संभोग के बाद नर पक्षी के गाने में कोई बदलाव आता है, इसके लिए एथोलॉजिस्ट यानी व्यवहार विशेषज्ञ हेलेन लैम्पे और उनकी टीम ने जंगल में रहने वाले 17 नर पक्षियों की दो बार रिकॉर्डिंग की।

पहली रिकॉर्डिंग तब की गई, जब वे कुंवारे थे।
दूसरी रिकॉर्डिंग उनके संभोग करने और दूसरे इलाके में जाने के बाद की गई।

इन दोनों रिकॉर्डिंग में एथोलॉजिस्ट ने अंतर करने की कोशिश की तो उन्होंने पाया कि, “जब नर पक्षी ने दूसरा इलाका बना लिया, तो उसका गाना छोटा हो गया। पहले जहां वह करीब 2 सेकंड तक गाता था, वहीं बाद में उसके गाने की अवधि लगभग 1.7 सेकंड रह गई। इसके अलावा, वह एक ही तरह की आवाज या शब्दांश को पहले की तुलना में कम बार दोहराने लगा।

आमतौर पर नर पाइड फ्लाईकैचर अपने गाने में शब्दांशों को एक निश्चित क्रम में दोहराता है। कई बार वह एक या दो शब्दांशों को अगले गाने में भी दोहराता है। लेकिन संभोग के बाद इस तरह की पुनरावृत्ति कम हो गई। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि नर पक्षी ने अचानक ज्यादा शब्द सीख लिए या उनका गाना ज्यादा जटिल हो गया। वैज्ञानिकों ने जो बदलाव देखा, वह मुख्य रूप से एक ही शब्दांश को कम दोहराने और अलग-अलग शब्दांशों के बीच जल्दी-जल्दी बदलाव करने का था।

गाना क्यों बदल देते हैं नर पक्षी

संभोग के बाद नर पक्षी के गाना बदलने के पीछे तथ्य यह बताया गया कि, इसके पीछे एक वजह दूसरे नर पक्षी हो सकते हैं। पहले हुए रिसर्च में पाया गया था कि जब कोई प्रतिद्वंद्वी नर पक्षी आसपास होता है, तो पाइड फ्लाईकैचर अपने शब्दांशों को कम दोहराता है। हालांकि, मादा पक्षी के आसपास होने पर ऐसा बदलाव नहीं देखा गया। शोधकर्ताओं का मानना है कि गाने में यह बदलाव अपने इलाके की रक्षा करने या दूसरे नर पक्षियों के साथ होने वाली प्रतिस्पर्धा से जुड़ा हो सकता है। एक और दिलचस्प संभावना यह है कि छोटा गाना नर पक्षी को दूसरी मादा के साथ रहते हुए पहली मादा की नजर से बचने में मदद कर सकता है। मादा पक्षी अपने साथी के गाने को पहचान सकती है। ऐसे में जब नर पक्षी दूसरी मादा को आकर्षित करने के लिए दूसरे इलाके में जाता है, तो पहली मादा उसके गाने को सुनकर वहां पहुंच सकती है और अपने साथी के करीब आने वाली दूसरी मादा को भगा सकती है।

इसलिए वैज्ञानिकों का अनुमान है कि छोटा गाना नर पक्षी को दूसरी मादा के साथ रहते समय पकड़े जाने की संभावना कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, यह भी सिर्फ एक अनुमान है। नए अध्ययन में यह बात अभी तक सामने नई आई है कि पहली मादा वास्तव में छोटे गाने को पहचान नहीं पाती या उस पर प्रतिक्रिया नहीं करती। शोधकर्ताओं ने इसके बजाय यह पता लगाया कि मादा पक्षी कुंवारे और पहले से संभोग कर चुके नर पक्षियों के गाने पर अलग-अलग प्रतिक्रिया देती हैं या नहीं।

मादा पक्षियों की पसंद

प्रयोग के दौरान शोधकर्ताओं ने मादा पाइड फ्लाईकैचर्स को कुंवारे और पहले से संभोग कर चुके नर पक्षियों के गाने सुनाए। इसके लिए उन्होंने बड़े खुले पक्षीघरों में स्पीकर लगाए थे। कुल 29 में से 21 मादा पक्षी उस घोंसले के बॉक्स के पास ज्यादा गई, जिसके पास कुंवारे नर पक्षी का गाना बजाया जा रहा था। इसके बाद शोधकर्ताओं ने कुंवारे नर के गाने में डिजिटल बदलाव कर उसे पहले से संभोग कर चुके नर के गाने जैसा बना दिया। ऐसा करने पर मादाओं की यह पसंद खत्म हो गई। इससे पता चलता है कि मादा पक्षी नर के गाने की उन खास विशेषताओं को पहचान सकती हैं, जो उसके मेटिंग स्टेटस यानी वह अकेला है या पहले से किसी साथी के साथ है, से जुड़ी होती है।

क्या जानबूझकर धोखा देते हैं नर पक्षी

हालांकि, इस रिसर्च के दौरान प्रयोग में सिर्फ यह देखा गया कि मादा पक्षी किस घोंसले के पास ज्यादा जाती हैं। यह नहीं जांच गया कि वे वास्तव में उस नर को अपना साथी चुनती हैं या नहीं, उसके साथ प्रजनन करती हैं या जंगल में पहले से साथी वाले नर से दूरी बनाती हैं। इसलिए अध्ययन से सिर्फ इतना पता चलता है कि मादा पक्षी नर के गाने में होने वाले उन बदलावों को पहचान सकती हैं, जो उसके कुंवारे या पहले से जोड़ी बना चुके होने से जुड़े हैं। इसका यह मतलब नहीं है कि मादा गाना सुनकर सच में यह सोचती है कि, इस नर का पहले से साथी है। इसी वजह से इन नर पक्षियों को धोखेबाज कहना भी पूरी तरह सही नहीं है। चीटिंग शब्द उनके व्यवहार को ऐसा दिखाता है, जैसे वे जानबूझकर अपनी पहली साथी या दूसरी मादा को धोखा देने की कोशिश कर रहे हों। लेकिन अध्ययन में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि नर पक्षी सोच-समझकर किसी को धोखा देने की कोशिश करते हैं।

ड्यूक यूनिवर्सिटी के व्यवहार पारिस्थितिकी विशेषज्ञ स्टीफन नोविकी ( इस अध्ययन का हिस्सा नहीं थे) का कहना है कि, इन पक्षियों के व्यवहार को छोटे-छोटे ‘चालाक योजनाकारों’ की तरह देखना जरूरी नहीं है। इसके बजाय, इसे प्राकृतिक चयन का परिणाम माना जा सकता है। यानी ऐसे व्यवहार समय के साथ विकसित हो सकते हैं, जो पक्षियों की प्रजनन सफलता बढ़ाने में मदद करते हैं। हालांकि, मादा पक्षियों के लिए नर के गाने में होने वाले ये छोटे-छोटे बदलाव उपयोगी संकेत हो सकते हैं। जरूरी नहीं कि इससे उन्हें साफ तौर पर यह पता चल जाए कि, “इस नर का पहले से साथी है”, लेकिन गाने में आए ये बदलाव उसके मेटिंग स्टेटस यानी वह अकेला है या पहले से किसी साथी के साथ है, इसकी जानकारी जरूर दे सकते हैं।

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