अक्सर लोग अपनी बालकनी, छत या घर के सामने बने गार्डन में तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूल, सब्जियां और हरे-भरे पौधे लगाते हैं। इन पौधों को लगाने के लिए आमतौर पर गमलों का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, बाजार में मिलने वाले बड़े और स्टाइलिश गमले कई बार काफी महंगे होते हैं। ऐसे में अक्सर लोग महंगे गमलों की जगह साधारण गमले खरीदना पसंद करते हैं।
लेकिन थोड़ी सी क्रिएटिविटी की मदद से आप घर पर ही कम खर्च में खूबसूरत और मजबूत गमले तैयार कर सकते हैं। अगर आपके घर में कोई पुरानी प्लास्टिक की बाल्टी पड़ी है, तो यह काम और भी आसान हो सकता है। उसकी मदद से आप पौधों के लिए बड़े आकार का सीमेंट का गमला आसानी से बना सकते हैं। यह न सिर्फ पौधों के लिए उपयोगी होगा, बल्कि आपकी बालकनी या गार्डन की खूबसूरती भी बढ़ाने में मदद कर सकता है। आइए जानते हैं, पुरानी प्लास्टिक की बाल्टी की मदद से सीमेंट का खूबसूरत गमला कैसे तैयार करें।
जरूरत के सामान
1 बड़ी प्लास्टिक बाल्टी
1 छोटी प्लास्टिक बाल्टी या गोल कंटेनर
सीमेंट
बारीक रेत
पानी
थोड़ा सा तेल
एक डंडा या लकड़ी
प्लास्टिक शीट या पॉलीथिन
भारी पत्थर या कोई वजन वाला सामान
गमला बनाने का तरीका
बाल्टी तैयार करें: सबसे पहले दोनों बाल्टी को अच्छी तरह साफ कर दें। अब छोटी बाल्टी को बड़ी बाल्टी के अंदर रख दें। दोनों के बीच चारों तरफ लगभग 2-3 इंच जगह बची रहनी चाहिए। यही जगह गमले की सीमेंट की मोटाई बनाएगी।
तेल लगाएं: दोनों बाल्टियों के अंदर-बाहर की सतह पर हल्का सा तेल लगा दें। इससे सीमेंट सूखने के बाद सांचे से इसे निकालने में आसानी होगी।
सीमेंट तैयार करें: अब सीमेंट और बारीक रेत को मिलाकर उसमें धीरे-धीरे पानी डालते हुए गाढ़ा मिश्रण तैयार कर लें। मिश्रण बहुत पतला और मोटा नहीं होना चाहिए। मजबूती के लिए आप बजरी भी मिला सकते हैं।
सीमेंट डालें: अब बड़ी बाल्टी के नीचे करीब 2-3 इंच मोटी सीमेंट की परत डालें। बाल्टी को हल्का हिलाएं या बाहर से थपथपा दें, ताकि मिश्रण अच्छी तरह सेट हो जाए। अब छोटी बाल्टी को बड़ी बाल्टी के ठीक बीच में रखें। इसे नीचे की सीमेंट वाली परत तक दबाएं, लेकिन इतना नहीं कि वह पूरी तरह सीमेंट में धंस जाए। छोटी बाल्टी के चारों तरफ बराबर दूरी रहनी चाहिए।
सीमेंट सेट करने का तरीका: अब बड़ी और छोटी बाल्टी के बीच बनी खाली जगह में सीमेंट का मिश्रण डालते जाएं। बीच-बीच में बाहर की बड़ी बाल्टी को हाथ से थपथपाते रहें, ताकि सीमेंट अच्छी तरह सेट हो जाए। सीमेंट डालते समय छोटी बाल्टी ऊपर उठ सकती है। इसलिए उसके अंदर पत्थर, रेत या कोई भारी चीज रख दें। इससे वह अपनी जगह पर स्थिर रहेगी और गमले की दीवार की मोटाई भी बराबर बनी रहेगी।
जल निकासी के लिए: जब सीमेंट पूरी तरह भर जाए तो ऊपर की सतह को चम्मच या किसी सपाट चीज की मदद से समतल कर दें। गमले के किनारों को भी इसी समय मनचाहा आकार दे सकते हैं। गमले के नीचे पानी की निकासी के लिए एक या दो छेद जरूर रखें। इसके लिए नीचे की सीमेंट में पाइप का छोटा टुकड़ा पहले से लगाया जा सकता है।
कितनी देर सुखाएं: गमले को करीब 24-48 घंटे के लिए छोड़ दें। इसे ऐसी जगह पर रखें जहां कोई छूए न। जब सीमेंट पूरी तरह सूख जाए तब पहले छोटी बाल्टी को धीरे-धीरे बाहर निकालें और बाद में बड़ी बाल्टी से गमले को अलग करें। अगर बाल्टी आसानी से न निकले तो किनारों पर हल्का दबाव देकर या बल्टी को थोड़ा हिलाकर निकालें।
फिनिशिंग दें: अब इसे कुछ दिनों तक छांव में रखें और समय-समय पर थोड़ा पानी छिड़कते रहें। इससे सीमेंट अच्छी तरह क्योर होकर मजबूत होता है। इस्तेमाल करने से पहले गमले की सतह को हल्के सैंडपेपर से चिकना कर दें। इसके बाद सीमेंट पेंट या टेक्सचर पेंट से रंगकर मनचाहा आकर्षक लुक दे सकते हैं। अब आप इसमें मिट्टी भरकर पौधा लगा सकते हैं।
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