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Piles Cure: पाइल्स में खून आए तो क्या करना चाहिए? बाबा रामदेव से जानिये उपचार

पाइल्स में खून आता है तो रात को सोने से पहले रोज़ाना एक चम्मच त्रिफला चूर्ण का सेवन गर्म पानी के साथ करें।

Piles Cure: पाइल्स में खून आए तो क्या करना चाहिए? बाबा रामदेव से जानिये उपचार
पाइल्स की चौथी स्टेज बेहद खराब होती है। इस स्टेज में मस्से बाहर की ओर लटके रहते हैं और खून आने की शिकायत ज्यादा रहती है। photo-freepik

बवासीर जिसे अंग्रेजी में पाइल्स के नाम से भी जानते हैं। पाइल्स एक ऐसी बीमारी है जिसमें एनस के अंदर और बाहरी हिस्से की नसों में सूजन आ जाती है। इस बीमारी में गुदा के अंदरूनी हिस्से में या फिर बाहर के हिस्से में कुछ मस्से जैसे बन जाते हैं, जिनमें से कई बार खून निकलता है और दर्द भी होता है। कभी-कभी जोर लगाने पर ये मस्से बाहर की ओर आ जाते है।

पाइल्स एक ऐसी परेशानी है जिसके मरीजों की तादाद देश और दुनिया में बढ़ती जा रही है। इस परेशानी की वजह से मरीज का उठना-बैठना मुश्किल हो जाता है। इस बीमारी की मुख्य वजह खराब डाइट है जिसकी वजह से कब्ज होता है। कब्ज की वजह से ही एनस में सूजन आती है और बवासीर के लक्षण होते हैं।

बवासीर के चार स्टेज होते हैं जिसमें हर स्टेज के लक्षण अलग-अलग होते हैं। आइए आयुर्वेदिक गुरु बाबा रामदेव से जानते हैं कि बवासीर की कौन सी चार स्टेज होती हैं और कौन सी स्टेज में मरीज को खून आने लगता है और उसका उपचार कैसे करें।

पाइल्स (Piles)की कितनी स्टेज होती है?

  1. पाइल्स एक ऐसी बीमारी है जिसकी चार स्टेज होती है। पहली स्टेज यानि शुरूआती स्टेज में इस बीमारी के कोई लक्षण दिखते नहीं है लेकिन परेशानी महसूस होती है। शुरूआत में मरीज ज्यादा जोर लगाता है तो उसे हल्का सा खून आ सकता है।
  2. दूसरी स्टेज में मल के साथ मस्से बाहर की ओर आने लगते हैं, लेकिन वो अंदर वापस भी चले जाते हैं। दूसरी स्टेज में गुदा द्वार में दर्द ज्यादा रहता है।
  3. तीसरी स्टेज में मस्से बाहर ही रहते हैं जिन्हें अंदर नहीं किया जा सकता। इस स्थिति में मरीज को तेज दर्द होता है और मल के साथ खून भी आता है।
  4. पाइल्स की ये स्टेज बेहद खराब होती है। इस स्टेज में मस्से बाहर की ओर लटके रहते हैं और खून आने की शिकायत ज्यादा रहती है जिससे इंफेक्शन के चांस बने रहते हैं।

आपको भी पाइल्स में खून आता है तो इस तरह करें बचाव

  • पाइल्स में खून आता है तो रात को सोने से पहले रोज़ाना एक चम्मच त्रिफला चूर्ण का सेवन गर्म पानी के साथ करें। त्रिफला चूर्ण खाने के बाद और किसी चीज का सेवन नहीं करें।
  • इस परेशानी का आयुर्वेदिक तरीके से उपचार करना चाहते हैं तो रोज रात को ईसबगोल की भुस्सी का सेवन करें।
  • पंचसकार चूर्ण एक चम्मच रोज रात को गर्म पानी से लें इस बीमारी के लक्षणों को दूर करने में मदद मिलेगी।
  • मस्सों के दर्द को दूर करने के लिए सुश्रुत तेल का इस्तेमाल करें।
  • सूजन और दर्द को दूर करने में गर्म पानी की सिकाई बेहद असरदार साबित होती है। एक टब गर्म पानी में एक चुटकी पौटेशियम परमेंगनेट डालें और उसमें बैठकर सिकाई करें।

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