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बिहार चुनाव: इस बाहुबली ने नीतीश को नेता मानने से कर दिया था इनकार, कहा था- जनता डॉन के रूप में पसंद करे तो मैं डॉन ही सही 

2016 में भागलपुर जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद मोहम्मद शहाबुद्दीन ने इंडिया टीवी को एक इंटरव्यू दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था, 'अगर जनता को मैं डॉन के रूप में पसंद हूं तो मुझे अपनी छवि बदलने की जरूरत नहीं है।'

Bihar Election 2020, Shahabuddin, Siwan, ex mp Shahabuddin, nitish kumar,शहाबुद्दीन ने कहा था कि नीतीश कुमार कभी मास लीडर (जन नेता) नहीं रहे।

बिहार के बाहुबली नेता और आरजेडी के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के परिवार का कोई सदस्य इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रहा है। मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हीना शहाब ने विधानसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। आरजेडी हिना शहाब को सीवान की रघुनाथपुर सीट से चुनाव लड़ाना चाहती थी। हिना शहाब के चुनाव लड़ने से इनकार के बाद आरजेडी ने शहाबुद्दीन के करीबी हरिशंकर यादव को रघुनाथपुर से टिकट दिया है।

बाहुबली शहाबुद्दीन आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के करीबी माने जाते हैं। तेजाब कांड और पत्रकार राजदीप रंजन की हत्या के आरोप में शहाबुद्दीन फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं।

क्या है तेजाब कांड? 2004 में रंगदारी ना देने के कारण बिहार के सीवान जिले के प्रतापपुर गांव में चंदा बाबू के दो बेटों सतीश और गिरीश को बदमाशों ने तेजाब डालकर जिंदा जला दिया था। कहा जाता है सतीश और गिरीश को मारने वाले बदमाश शहाबुद्दीन के आदमी थे। इस मामले में शहाबुद्दीन और उसके तीन साथियों को हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

2016 में भागलपुर जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद मोहम्मद शहाबुद्दीन ने इंडिया टीवी को एक इंटरव्यू दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था, ‘अगर जनता को मैं डॉन के रूप में पसंद हूं तो मुझे अपनी छवि बदलने की जरूरत नहीं है।’

इंडिया टीवी के रिपोर्टर ने मोहम्मद शहाबुद्दीन से पूछा गैंगस्टर, डॉन, खूंखार जैसे शब्द आपके नाम के साथ जुड़ते हैं, क्या अब आप नई इमेज बनाने की कोशिश करेंगे? तो शहाबुद्दीन ने कहा था मुझे खुद को बदलने की कोई जरूरत नहीं है, अगर लोग मुझे इसी रूप में पसंद करते हैं तो मैं खुश हूं। हालांकि शहाबुद्दीन ने यह भी कहा था कि मैं डॉन नहीं हूं, यह सब मीडिया ने क्रिएट किया है।

शहाबुद्दीन ने इंडिया टीवी से अपने ऊपर गलत आपराधिक मामले लगने की बात भी कही थी। शहाबुद्दीन ने कहा था आपराधिक मामले तो बनाए जाते हैं। जब परिस्थितियां विपरीत होती हैं आपराधिक मामले बढ़ जाते हैं।

नीतीश को बताया था परिस्थितियों का नेता: जिस समय शहाबुद्दीन जमानत पर छूटे थे उस समय बिहार में जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस की साझा सरकार थी। शहाबुद्दीन ने उस समय भी नीतीश कुमार को परिस्थितियों का नेता बताया था।

शहाबुद्दीन ने कहा था कि नीतीश कुमार कभी मास लीडर (जन नेता) नहीं रहे। शहाबुद्दीन ने आगे कहा था कि नीतीश कुमार को कभी अपार जनसमर्थन प्राप्त नहीं हुआ। वो कभी अकेले लड़कर 20 सीट नहीं ला सके। शहाबुद्दीन ने तब भी नीतीश कुमार को अपना नेता मानने से इनकार कर दिया था। शहाबुद्दीन ने कहा था कि नीतीश कुमार गठबंधन के नेता हैं, मगर मेरे नेता तो सिर्फ लालू प्रसाद यादव हैं।

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