रेंज रोवर-फ़ॉर्च्यूनर जैसी गाड़ियों में घूमने के पैसे कहां से आते हैं? भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर से पूछा गया सवाल तो मिला था ऐसा जवाब

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर से एक इंटरव्यू में पूछा गया था कि आपके पास फॉर्च्यूनर और रेंज रोवर में घूमने के पैसे कहां से आते हैं? इसके जवाब में उन्होंने कुछ ऐसा कहा था।

Chandra Shekhar Azad, Bhim Army
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद (फाइल फोटो)

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने दिल्ली नगर निगम चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। चंद्रशेखर ने बताया कि उनकी आजाद समाज पार्टी दिल्ली नगर निगम की 272 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। दूसरी तरफ, चंद्रशेखर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा में हैं। उन्होंने दावा किया कि अगर मायावती यूपी विधानसभा चुनाव में उनका साथ दें तो वह उन्हें (मायावती) भारत का प्रधानमंत्री बनवा देंगे। इसके अलावा वह अपनी जीवनशैली को लेकर भी काफी चर्चा में रहते हैं। यही वजह है कि उनसे एक बार कारों को लेकर सवाल किया गया था।

चंद्रशेखर आजाद से पूछा गया था, ‘रेंज रोवर और फॉर्च्यूनर जैसी गाड़ियों में आप घूमते हैं, पैसे कहां से आते हैं?’ इसके जवाब में वह कहते हैं, ‘ये अच्छा सवाल है, मगर ये आजादी क्या सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के लोगों के पास ही है कि वो ऐसी गाड़ियों में घूम सकते हैं? मेरे नाम पर सिर्फ एक मोटर साइकिल है जो मेरे पिता जी ने मुझे दी थी। बाकि संसाधन मेरी टीम को लोग मुझे मुहैया करवाते हैं। मैं इस बात को लेकर दुखी नहीं हूं कि मेरे पास अपनी गाड़ी नहीं है। मैं तो चाहता हूं कि इस देश का प्रत्येक नागरिक अपनी गाड़ी रखे।’

क्या रावण के फैन हैं? ‘आजतक’ के कार्यक्रम में चंद्रशेखर से नाम में ‘रावण’ होने के कारण के बारे में पूछा गया था। उन्होंने कहा था, ‘हम प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान करते हैं। हमें कोई भी व्यक्ति किसी भी नाम से बुलाता है तो हम उसका सम्मान करते हैं। ‘रावण’ नाम के पीछे लगाना हमारा व्यक्तिगत निर्णय था। कभी विस्तार से इस पर बताएंगे। व्यक्ति का नाम कुछ नहीं होता है, उसका काम सबकुछ होता है। यूपी में दलितों पर इतने हमले होते हैं तो उसे रामराज्य कैसे कह देंगे। हम लोगों को आंकने के लिए आपको थोड़ा इंतजार करना होगा क्योंकि हम इतनी जल्दी हटने वाले नहीं हैं।’

सीएम बनने का मौका मिला तो क्या करेंगे? चंद्रशेखर ने कहा था, ‘मैं उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा। लेकिन मेरी पार्टी जरूर इन चुनावों में उतरेगी। कांशीराम ने भी मुलायम सिंह यादव को मुख्यमंत्री बनाया था। मैं ऐसे सपने बिल्कुल नहीं देखता कि मुख्यमंत्री बन जाऊं। हाथरस के मामले में सरकारी नौकरी का वायदा किया था, लेकिन आजतक कुछ नहीं हुआ। डीएम परिवार को जाकर धमका रहा था, ये किसी अधिकारी की हिम्मत नहीं हो सकती। कोई नाम के आगे ‘योगी’ लगाने से योगी नहीं बन जाता।’

पढें जीवन-शैली समाचार (Lifestyle News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट