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Yoga For Constipation: कब्ज-तनाव दूर करने में मददगार हैं ये 6 योगासन

आप भी कब्ज से परेशान रहते हैं तो परेशानी का इलाज दवाई से नहीं बल्कि योग से कीजिए।

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कब्ज का असर ना सिर्फ बॉडी पर देखने को मिलता है बल्कि हमारे मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। photo-freepik

खराब लाइफस्टाइल और खान-पान का असर हमारे पाचन पर भी देखने को मिलता है। खाने-पीने की गड़बड़ी और पानी कम पीने की वजह से अक्सर लोग कब्ज का शिकार हो जाते हैं। कब्ज एक आम बीमारी है जिससे 22 फीसदी भारतीय प्रभावित है। कब्ज का इलाज करने के लिए लोग तरह-तरह के देसी और डॉक्टरी इलाज करते हैं तब भी उन्हें कब्ज से निजात नहीं मिलती।

कब्ज का मुख्य लक्षण है कि सप्ताह में 4-5 बार स्टूल पास करना, स्टूल पास करने में दिक्कत होना, स्टूल टाइट होना या फिर पेट फूलना। यह सभी परेशानियां कब्ज की निशानियां है। कब्ज का असर ना सिर्फ बॉडी पर देखने को मिलता है बल्कि हमारे मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है।

आप भी कब्ज से परेशान रहते हैं तो परेशानी का इलाज दवाई से नहीं बल्कि योग से कीजिए। कब्ज का उपचार करने में योग बेहद असरदार है। योग ना सिर्फ कब्ज का इलाज करता है बल्कि आपकी मसल्स को भी आराम देता है। योगा ड्रिप्रेशन का इलाज करता है, साथ ही दिल की सेहत को भी दुरुस्त करता है। योगा पाचन को दुरुस्त करता है साथ ही कब्ज की परेशानी से छुटकारा भी दिलाता है। आइए जानते हैं कि कब्ज दूर करने के लिए कौन से योगा बेहद असरदार हैं।

सुप्त मत्स्येन्द्रासन (Supine Twist): यह आसन कब्ज से निजात पाने के लिए सबसे बेहतरीन आसन है। इस सरल आसन को लेट कर किया जाता है। इसे करने से स्पाइनल कोड मजबूत होती है, साथ ही भोजन को पचाने और अपशिष्ट को बाहर निकालने में मदद मिलती है। इसे करने से पेट में रक्त प्रवाह ठीक रहता है।

सुप्त मत्स्येन्द्रासन: (Matsyasana): यह आसन पीठ और हिप्स की मांसपेशियों में खिचाव लाता है साथ ही रीढ़ की हड्डी को मजबूत भी करता है। इस आसन को करने से पाचन अंगों की मालिश होती है और बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं। इसे करने से कमर टोन होती है और कब्ज की परेशानी से निजात मिलती है।

पवनमुक्तासन योगा (pawanmuktasana yoga): कब्ज की परेशानी को दूर करने में यह योग बेहद असरदार है। इस योग के करने से तनाव दूर होता है, साथ ही स्टूल पास करने में भी आसानी होती है।

हलासन योगा (Halasana Yoga): इस योगा को करने से पेट और पाचन दोनों दुरुस्त रहते हैं। यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है, पीठ की हड्डी को भी स्ट्रॉन्ग बनाता है। इसे करने से कंधे, बाहें और पैरों की हड्डियां मजबूत होती है।

क्रिसेंट ट्विस्ट (Crescent Twist): यह योगा आसान पाचन को दुरूस्त रखने और कब्ज से निजात दिलाने में बेहद असरदार साबित होता है। इसे करने से सांस संबंधी परेशानियां दूर रहती है और इम्युनिटी भी स्ट्रॉन्ग रहती है। इस आसन को करने से बेली फैट से भी निजात मिलती है।

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