Best Colour Corrector: मेकअप करना भी एक कला है। इससे खूबसूरती को कई गुना बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए आपको मेकअप में इस्तेमाल होने वाली चीजों और मेकअप करने का सही तरीका पता होना चाहिए। चेहरे के दाग-धब्बों से लेकर डार्क सर्कल को छुपाने के लिए कलर करेक्टर का इस्तेमाल किया जाता है। इसे लगाने से मेकअप ज्यादा नेचुरल और फ्लॉलेस लगता है। यह किस-किस शेड में आता है और इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है, आइए जानें।
सबसे पहले जानें क्या है कलर करेक्टर? (what is colour corrector)
कलर करेक्टर ऐसा प्रोडक्ट है जिसके जरिए चेहरे की पिगमेंटेशन, डार्क स्पॉट, एक्ने, डार्क सर्कल्स के साथ-साथ चेहरे पर मौजूद हर तरह के दाग-धब्बों को कवर करने और छुपाने में मदद करता है। इसके साथ ही बहुत ज्यादा डल कॉम्प्लैक्स को भी नेचुरल बनाने में मदद करता है।
कितने कलर में आता है कलर करेक्टर?
अगर आपकी स्किन टोन डस्की है तो आपको ऑरेंज कलर करेक्टर का इस्तेमाल करना चाहिए।
येलो कलर करेक्टर चोट के निशान, अंडर आई सर्कल्स के लिए बनाया गया है।
ग्रीन करेक्टर ब्रेकआउट्स के कारण होने वाले रेडनेस को कम करता है।
पर्पल करेक्टर पीलेपन को छुपाता है, जिससे आपकी स्किन टोन इवन लगेगा।
पिंक कलर करेक्टर लाइटर स्किन टोन में डार्क सर्कल्स को को छुपाता है।
कैसे करें कलर करेक्टर का इस्तेमाल? (how to use colour corrector)
कलर करेक्टर का अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो इससे आपको बेहद अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं। अगर आप अपने डार्क सर्कल्स, डार्क स्पॉट, एक्ने आदि को छुपाना चाहते हैं तो सबसे पहले इसे प्रभावित जगह पर लगाएं। फिर इसे ब्लेंड करें। हमेशा इसे रेगुलर कंसीलर के ऊपर लगाएं। इससे ये ज्यादा अच्छे तरीके से स्किन में मिक्स हो जाएगा। इसके बाद फेस पर फाउंडेशन लगाएं। डार्क और डस्की स्किन टोन के लिए आपको वॉर्म कलर्स खरीदें। वहीं फेयर स्किन टोन के लिए पिंक और सैलमन कलर सही रहता है। ऑलिव स्किन पर येलो और ग्रीन अंडरटोन्स सही तरह से ब्लेंड होते हैं।
