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मुहांसे, एलर्जी और त्वचा पर झुर्रियां दे सकती है पेट्रोलियम जैली, जानें कैसे

पेट्रोलिम जैली में मौजूद तेल कैंसर के खतरे को बढ़ा देता है। औषधि की तरह इस्तेमाल की जाने वाली पेट्रोलियम जैली आपकी त्वचा के लिए भी बेहद नुकसानदेह होती है।

प्रतीकात्मक चित्र

त्वचा को नर्म बनाए रखने के लिए हम पेट्रोलियम जैली का इस्तेमाल करते हैं। सर्दियों में इसका ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। आज हम आपको बताने वाले हैं कि ज्यादा मात्रा में इसका इस्तेमाल आपको कैसे नुकसान पहुंचा सकता है। इसके नुकसान को लेकर कई शोधों ने भी चेतावनी दी है। रिसर्च्स में कहा गया है कि पेट्रोलिम जैली में मौजूद तेल कैंसर के खतरे को बढ़ा देता है। औषधि की तरह इस्तेमाल की जाने वाली पेट्रोलियम जैली आपकी त्वचा के लिए भी बेहद नुकसानदेह होती है। इसके इस्तेमाल से त्वचा में शुष्कता आती जाती है। इसके अलावा भी इसके कई तरह के नुकसान होते हैं।

पेट्रोलियम जैली के इस्तेमाल के नुकसान –

मुहांसे – कई लोगों के पेट्रोलियम जेली के इस्तेमाल करने से मुंहासों की समस्या हो जाती है। त्वचा पर इसे लगाने से रोमछिद्र बंद हो जाते हैं। ऐसे में पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल करने से पहले त्वचा को साफ कर लें उसके बाद ही पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल करें नहीं तो मुंहासों की समस्या होना निश्चित है।

बैक्टीरियल संक्रमण – पेट्रोलियम जेली के इस्तेमाल से पहले त्वचा को पानी से धोकर अच्छी तरह से सुखा लें। ऐसा न करने की वजह से फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है।

एलर्जी – कुछ लोगों की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है जिसकी वजह से उन्हें बहुत जल्दी एलर्जी हो जाती है। अगर वह पेट्रोलियम जेली से बने प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं तो हमेशा ध्यान रखें कि उससे उन्हें जलन या रिएक्शन ना हो।

झुर्रियां – रोज रोज पेट्रोलियम जेली लगाने से त्‍वचा अपनी पोषण सोखने की शक्‍ती को खो देती है और वह नवीकरण की प्रक्रिया को धीमा कर देती है। इससे त्‍वचा में पाया जाने वाला कोलाजन टूट जाता है और चेहरे पर जल्‍द ही झुर्रियां दिखाई देने लगती हैं।

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