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इन वजहों से किशोरों में बढ़ रही है गंजेपन की समस्या

बाल झड़ने की समस्या केवल बुढ़ापे की समस्या नहीं है। आमतौर पर माना जाता है कि किशोरों या टीनएजर्स को बाल झड़ने की समस्या नहीं होती।

प्रतीकात्मक चित्र

बाल झड़ने की समस्या केवल बुढ़ापे की समस्या नहीं है। आमतौर पर माना जाता है कि किशोरों या टीनएजर्स को बाल झड़ने की समस्या नहीं होती। लेकिन ऐसा नहीं है। बालों का गिरना उम्र के दायरे में सीमित नहीं रहा। अब किसी भी उम्र के लोगों में बाल झड़ने की समस्या हो सकती है। इसके अलग-अलग कई कारण हो सकते हैं। आज हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर वो कौन सी वजहें होती हैं जो किशोरों में बाल झड़ने जैसी समस्या को जन्म देती हैं।

हार्मोन्स – किशोरावस्था में शरीर में हार्मोन्स की एक लहर-सी आती है। ऐसे में रासायनिक असंतुलन की वजह से कुछ परेशानियां सामने आती हैं। टीनएज लड़कियों में पॉलिसिस्टिक ओवरीज का विकास हो रहा होता है। इस वजह से उनमें हेयरफाल की समस्या आ सकती है। इसके अलावा किशोरों में एंड्रोजन असंतुलन की वजह से बालों का झड़ना हो सकता है।

डायबिटीज – बालों का झड़ना किशोरों को होने वाले डायबिटीज का भी लक्षण हो सकता है। ऐसे में किशोरों में बाल झड़ने की समस्या दिखने पर उन्हें अपना ब्लड शुगर चेक करवाने की जरूरत है।

बीमारी – अगर किसी किशोर को बचपन में कोई गंभीर बीमारी रही है या फिर वह अभी किसी गंभीर बीमारी से गुजर रहा है तब बी उसके बाल झड़ने की संभावना काफी होती है।

मेडिकेशन – किसी स्ट्रॉन्ग दवा के रिएक्शन की वजह से भी गंजेपन की समस्या होती है। कुछ दवाइयां बालों के प्रोटीन किरेटिन को नुकसान पहुंचाती हैं। ऐसे में कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से उसके साइड इफेक्ट के बारे में जरूर जान लें।

बालों की ज्यादा देखभाल – रूखे बालों में जबर्दस्ती कंघी करना या बार-बार बालों में शैंपू का इस्तेमाल करना भी टीनएजर लड़के-लड़कियों में बाल झड़ने का प्रमुख कारण हो सकता है।

असंतुलित आहार – पोषक तत्वों से भरपूर डाइट की बजाय जंक फूड्स का सेवन भी बालों की सेहत के लिए सही नहीं होता। ऐसे में कोई भी मेडिकेशन आपके झड़े बालों को वापस नहीं ला सकती अगर आपकी डाइट में बालों की सेहत के लिए फायदेमंद पोषक तत्व नहीं होंगे।

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