बारिश होते ही लोगों को सबसे पहले याद आती है चाय। रिमझिम फुहार पड़ते ही लोगों के मन में आता है ‘यार एक कप चाय हो जाए’। खिड़की के बाहर बारिश को देखते हुए हाथ में चाय का कप और हल्का ठंडा-ठंडा मौसम। यह नजारा बेहद आम है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है यह सिर्फ आदत है या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण भी है? इसका जवाब मौसम, मनोविज्ञान, इंद्रियों और दिमाग के काम करने के तरीके में छिपा हो सकता है। आइए जानें इसके पीछे है दिलचस्प वजह।

तापमान गिने पर गर्म चीजें पसंद आना

जब तापमान कम होता है और हवा में नमी बढ़ती है, तब शरीर स्वाभाविक रूप से गर्म चीजें खाने-पीने के लिए आकर्षित हो सकता है। इसे Thermal Comfort यानी गर्मी से मिलने वाला आराम से जोड़कर देखा जाता है। गर्म पेय हाथों और मुंह के जरिए गर्माहट का एहसास देते हैं, जिससे आराम महसूस होता है।

पुरानी यादें ताजा होना

यह बेहद दिलचस्प मनोवैज्ञनिक पहलू है। इसे Petrichor कहते हैं। इसमें बारिश के दौरान मिट्टी की खुशबू, खिड़की से बाहर झांकना, बारिश की आवाज ये सभी पुरानी यादें हमारी इंद्रियों को सक्रिय करती हैं। हमारा हिप्पोकैम्पस (Hippocampus) और अमिग्डाला (Amygdala) यादों और भावनाओं से जुड़े मस्तिष्क के हिस्से हैं। अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के मुताबिक जब कोई परिचित खुशबू, आवाज, बचपन के पल हमें दोबारा महसूस होते हैं तो इससे स्मृति और आदतें एक्टिव हो जाती हैं।

कैफीन का मूड पर असर

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल (HMS) के मुताबिक चाय में मौजूद कैफीन नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करती है। अगर आप इसे कम मात्रा में लेते हैं तो थकान कम महसूस हो सकती है। सतर्कता बढ़ सकती है। मूड बेहतर हो सकता है।

बारिश में क्या शरीर को चाय की जरूरत होती है?

ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि मानसून में शरीर को विशेष रूप से चाय की जरूरत बढ़ जाती है। जरूरत तरल पदार्थ (Hydration) की होती है। जो पानी, सूप, नींबू पानी जैसी चीजों से भी पूरी हो सकती है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। यह किसी चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। यदि आपको कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है या आप किसी उपचार/दवा पर हैं, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही खानपान में बदलाव करें।