मायावती के सामने जमीन पर क्यों बैठते थे कैबिनेट मंत्री और विधायक? सफाई में दिया था ऐसा तर्क

यूपी के पूर्व सीएम मायावती ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘उनके सामने जो मंत्री जमीन पर बैठते हैं वो भाई की हैसियत से नीचे बैठते हैं। उनके खिलाफ भ्रम फैलाया जाता है।’

Mayawati, BSP Supremo
बीएसपी सुप्रीमो मायावती (Photo- Indian Express)

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू कर दिया है। मायावती ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी इस बार किसी बाहुबली को टिकट नहीं देगी। हालांकि अभी टिकट वितरण पर अंतिम फैसला होना बाकि है। ऐसे में उनका एक पुराना इंटरव्यू वायरल हो रहा है, इसमें मायावती को कुछ सवालों की सफाई देते हुए सुना जा सकता है।

मायावती का ये इंटरव्यू पत्रकार रहे राजीव शुक्ला के साथ था। इसमें राजीव शुक्ला उनसे सवाल पूछते हैं, ‘मायावती के विरोधी उन्हें तानाशाह तक कहते हैं। ऐसा कहा जाता है कि आप पार्टी को अपनी जेब में रखना चाहती हैं।’ इसके जवाब में वह कहती हैं, ‘आप क्या चाहते हैं कि दलित समाज में सिर्फ गीदड़ ही पैदा हों? ये भ्रम मनुवादी मीडिया में फैलाया जाता है। ऐसा भ्रम और झूठी खबरें मेरे बारे में फैलाई जाती हैं। इन बातों का अब कोई मतलब नहीं है।’

राजीव शुक्ला इसके बाद एक और सवाल करते हैं, ‘कहा जाता है कि आप जब जाती हैं तो आपके मंत्री जमीन पर बैठते हैं और आपके मंत्रियों की हैसियत चपरासी से ज्यादा नहीं है। आपके आगे-पीछे घूमते हैं और आप उनके साथ बुरा व्यवहार करती हैं।’ मायावती अपनी सफाई में कहती हैं, ‘मेरे मंत्री और विधायक मुझे अपना नेता मानकर चलते हैं। मुझे काबिलियत के हिसाब से वो सम्मान भी देते हैं। जो मंत्री नीचे भी बैठते हैं वो एक भाई की हैसियत से बैठते हैं। इसमें कोई भी विवादित होने जैसी चीज नहीं है।’

SSP सस्पेंड: 90 के दशक में उत्तर प्रदेश की राजनीति में कई नए मोड़ आए थे। इस दौरान ही सपा-बसपा की दोस्ती नज़र आई तो बाद में दोनों एक-दूसरे के धुर-विरोधी भी बने। एक बार मायावती अपने गांव बादलपुर जा रही थीं तो उनका काफिला रास्ता भटक गया था क्योंकि पुलिस पार्टी के ड्राइवर को रास्ता समझ नहीं आया था। इसके बाद जिले के SSP को सस्पेंड तक कर दिया गया था। इस घटना की खूब चर्चा हुई थी।

सीएम के रूप में मायावती: साल 1995 में मायावती पहली बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनी थीं। इस दौरान मायावती ने कई अहम बदलाव किए। मायावती ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने सीएम बनते ही सभी DM और कलेक्टर को आदेश दे दिया था कि दलित समाज के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उनके इस आदेश का असर जमीनी स्तर पर देखने को भी मिला था।

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