बच्चों की हाइट को लेकर ज्यादातर पैरेंट्स के मन में कई सवाल रहते हैं। बच्चा दूसरे बच्चों से छोटा दिख रहा है तो चिंता होने लगती है। मन में आता है कि क्या ज्यादा दूध पिलाने, एक्सरसाइज कराने या कोई खास डाइट देने से उसकी हाइट बढ़ सकती है? आखिर बच्चों की लंबाई कब तक बढ़ती है और किस उम्र के बाद हाइट बढ़ना बंद हो जाती है? आइए डॉक्टर से जानते हैं इन सवालों के जवाब।

सबसे पहले जानें हाइट बढ़ने में ग्रोथ प्लेट्स का क्या रोल है?

बच्चों की लंबी हड्डियों के सिरों के पास ग्रोथ प्लेट्स होती हैं। इन्हीं की मदद से बचपन और किशोरावस्था में हड्डियों की लंबाई बढ़ती है। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है और प्यूबर्टी यानी किशोरावस्था से गुजरता है, ये ग्रोथ प्लेट्स धीरे-धीरे बंद होकर जुड़ जाती हैं।

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में डॉ. मीना जे., सीनियर कंसल्टेंट, पीडियाट्रिक्स एंड नियोनेटोलॉजी, आकाश हेल्थकेयर ने बताया कि ग्रोथ प्लेट्स बंद होने की कोई एक तय उम्र नहीं होती है। यह बच्चे की जेनेटिक्स और प्यूबर्टी शुरू होने के समय जैसे कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है।

आमतौर पर लड़कियों की हाइट बढ़ना लड़कों की तुलना में पहले पूरा हो जाता है, लेकिन हर बच्चे में इसका समय अलग हो सकता है।

जब ग्रोथ प्लेट्स पूरी तरह बंद हो जाती हैं, तो लंबी हड्डियां आगे लंबी नहीं हो सकतीं। यानी इसके बाद प्राकृतिक तरीके से हाइट बढ़ना संभव नहीं होती है।

अगर डॉक्टर को बच्चे की ग्रोथ को लेकर चिंता होती है तो वह बोन-एज एक्स-रे कराने की सलाह दे सकते हैं। इसके अलावा समय के साथ बच्चे की हाइट को ग्रोथ चार्ट पर ट्रैक करना भी काफी मददगार होता है।

क्या एक्सरसाइज कराने से बच्चे की हाइट ज्यादा बढ़ सकती है?

एक्सरसाइज बच्चे के लिए जरूर फायदेमंद है, लेकिन इसे हाइट बढ़ाने का कोई जादुई तरीका नहीं माना जा सकता।

डॉ. मीना के मुताबिक, अच्छी डाइट, पर्याप्त नींद और नियमित एक्सरसाइज बच्चे की सामान्य ग्रोथ के लिए जरूरी हैं, लेकिन ये बच्चे को उसकी जेनेटिक क्षमता से ज्यादा लंबा नहीं बना सकते।

नियमित शारीरिक गतिविधि से बच्चों की हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत रहने में मदद मिलती है। इसलिए बच्चे को खेलकूद और उसकी उम्र के हिसाब से शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है।

बच्चे की डाइट में क्या होना चाहिए?

बच्चे की ग्रोथ के लिए सिर्फ एक चीज पर ध्यान देने के बजाय पूरी डाइट संतुलित रखना जरूरी है।

खाने में पर्याप्त प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन D के साथ दूसरे जरूरी विटामिन और मिनरल्स भी मिलने चाहिए। इससे हड्डियों और मांसपेशियों के सामान्य विकास में मदद मिलती है।

इसलिए पैरेंट्स को ऐसे प्रोडक्ट्स से सावधान रहना चाहिए जो बच्चे की हाइट तेजी से बढ़ाने का दावा करते हैं। खास तरह के सप्लीमेंट, एक्सरसाइज या दूसरे ‘हाइट बढ़ाने वाले’ प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहने के बजाय बच्चे की नींद, डाइट और रोज की शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

नींद भी है बच्चों की ग्रोथ के लिए जरूरी

बच्चे के विकास में नींद की भी अहम भूमिका होती है। पर्याप्त और अच्छी क्वालिटी की नींद बच्चे की सामान्य ग्रोथ और ओवरऑल डेवलपमेंट को सपोर्ट करती है।

इसलिए अगर बच्चा देर रात तक जागता रहता है या उसकी नींद पूरी नहीं हो रही है तो उसकी दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी है।

क्या बच्चों को होने वाला दर्द ‘ग्रोइंग पेन’ होता है?

बच्चों के पैरों में दर्द होने पर अक्सर इसे ग्रोइंग पेन यानी बढ़ती उम्र का दर्द कहा जाता है। लेकिन इस नाम का मतलब यह नहीं है कि दर्द सीधे तौर पर हड्डियों के बढ़ने की वजह से ही हो रहा है।

डॉ. मीना के मुताबिक, आमतौर पर इस तरह का दर्द दोनों पैरों में, खासकर शाम या रात के समय महसूस हो सकता है और सुबह तक ठीक हो जाता है।

लेकिन हर पैर का दर्द सामान्य ‘ग्रोइंग पेन’ नहीं माना जाना चाहिए।

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

अगर बच्चे को पैरों में दर्द है और इनमें से कोई बात नजर आती है तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है—

दर्द सिर्फ एक पैर में हो।
दिन के समय या शारीरिक गतिविधि के दौरान दर्द हो।
दर्द की वजह से बच्चा लंगड़ाकर चले।
पैर में सूजन या बुखार के साथ दर्द हो।
बच्चा असामान्य रूप से बहुत थका हुआ लगे या उसका वजन कम हो रहा हो।
दर्द के साथ कोई दूसरा असामान्य लक्षण भी दिखाई दे।
दूसरे बच्चों से तुलना करने के बजाय ग्रोथ पैटर्न देखें

हर बच्चे की हाइट एक जैसी गति से नहीं बढ़ती। इसलिए बच्चे की लंबाई की तुलना लगातार दूसरे बच्चों से करना जरूरी नहीं है।

डॉ. मीना के मुताबिक, समय के साथ बच्चे की ग्रोथ का पैटर्न ज्यादा मायने रखता है। अगर बच्चे की हाइट बढ़ने की रफ्तार अचानक काफी कम हो गई है या उसके पहले से चल रहे ग्रोथ पैटर्न में साफ बदलाव दिखाई दे रहा है तो पैरेंट्स को पीडियाट्रिशियन से बात करनी चाहिए।

इसलिए बच्चे की हाइट को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि उसकी ग्रोथ पर समय-समय पर नजर रखी जाए। अच्छी डाइट, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि बच्चे को उसकी प्राकृतिक ग्रोथ क्षमता तक पहुंचने में मदद कर सकती हैं, लेकिन किसी खास एक्सरसाइज या प्रोडक्ट से जेनेटिक क्षमता से ज्यादा हाइट बढ़ने का दावा सही नहीं माना जाना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों से मिली जानकारी पर आधारित है। बच्चे की ग्रोथ, हाइट या किसी तरह के दर्द को लेकर चिंता होने पर अपने डॉक्टर या पीडियाट्रिशियन की सलाह जरूर लें।