यूपी में रोज लिखी जा रही ऐसी घटिया स्क्रिप्ट- कासगंज SP के दावे पर पूर्व IAS का तंज, लोग भी ले रहे मजे

उत्तर प्रदेश पुलिस ने अल्ताफ को हिरासत में लिया था, इस दौरान उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद ट्विटर पर लोग पुलिस की थ्योरी पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

Altaf, Kasganj
पुलिस कस्टडी में हुई थी अल्ताफ की मौत (Photo- Indian Express)

उत्तर प्रदेश के कासगंज में अल्ताफ नामक एक व्यक्ति की पुलिस कस्टडी में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। पुलिस ने उसे एक लड़की को भगाकर ले जाने के आरोप में हिरासत में लिया था। कासगंज के एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने बताया था, ‘कस्टडी के दौरान टॉयलेट जाने का अनुरोध किया था जिसके बाद उसे हवालात में बने टॉयलेट में भेजा गया। अल्ताफ ने टॉयलेट के अंदर लगे नल में अपने जैकेट के हुड में लगी डोरी को फंसा कर गला घोंटने की कोशिश की।’ अब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पूर्व IAS सूर्य प्रताप सिंह ने ट्वीट किया, ‘5.6 फीट का अल्ताफ, नाड़े से बाथरूम की 2 फीट ऊंची टोंटी से लटक गया और मर गया, सिंपल। यूपी में रोज ऐसी कितनी घटिया स्क्रिप्ट लिखी जाती हैं। गत माह आगरा में अरुण बाल्मिकी की पुलिस कस्टडी में मौत हुई थी, तो यही स्क्रिप्ट। कोई पद्मश्री बची है,क्या?’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले पर ट्वीट किया, ‘कासगंज में अल्ताफ, आगरा में अरुण वाल्मीकि, सुल्तानपुर में राजेश कोरी की पुलिस कस्टडी में मौत जैसी घटनाओं से साफ है कि रक्षक भक्षक बन चुके हैं। यूपी पुलिस हिरासत में मौत के मामले में देश में सबसे ऊपर है। बीजेपी राज में कानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। यहां कोई भी सुरक्षित नहीं है।’

यूजर्स की प्रतिक्रिया: वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम लिखते हैं, ‘क्या वाशरुम की छत में पानी का नल लगा था? सबको मूर्ख समझते हैं क्या एसपी साहब?’ पत्रकार नितिन ठाकुर ने लिखा, ‘कासगंज पुलिस अल्ताफ को थाने ले गई जहां कहा गया कि उसने टोंटी से लटक कर खुदकुशी कर ली। टोंटी दो फीट पर लगी है। अल्ताफ का कद क्या एकाध फीट था?’ एसपी के बयान का विरोध करते हुए पत्रकार उमाशंकर सिंह लिखते हैं, ‘UPSC एग्जाम में एक बार भी अपीयर नहीं होने की मेरी आखिरी कसक भी आज जाती रही।’

इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी.वी ने लिखा, ‘वो टोंटी, जिस पर जैकेट के नाड़े से फंदा लगाकर अल्ताफ ने कासगंज थाने में आत्महत्या कर ली। युवक की लंबाई करीब 5 फीट 6 इंच थी और टोंटी की ऊंचाई 2 फीट थी। टोंटी के नीचे डिब्बा सलामत है।’ एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा में जब CSAT पेपर लागू किया था तो उसकी सोच थी कि इससे छात्रों के तार्किक, विश्लेषण, निर्णयात्मक और समस्या के समाधान की क्षमता का भी परीक्षण हो सकेगा। कासगंज के एसपी साहब प्रमाण हैं कि UPSC की वह सोच कितनी दूरदर्शी थी जिसके परिणाम अब दिख रहे हैं।’

यूजर अजीत त्यागी लिखते हैं, ‘उत्तर प्रदेश ही एक ऐसा प्रदेश है जहां की पुलिस किसी को पूछताछ के लिए थाने में बुला ले तो वो घबराहट में आत्महत्या कर लेता है। सोचिए कासगंज में 5.6 फीट का अल्ताफ, नाड़े से बाथरूम की 2 फीट ऊंची टोंटी से लटक गया और मर गया। शर्म करो।’ बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने भी इस पर सवाल खड़े करते हुए ट्वीट किया था, ‘यूपी सरकार आए दिन कस्टडी में मौत रोकने व पुलिस को जनता की रक्षक बनाने में विफल साबित हो रही है, यह अति-चिंता की बात है।’

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