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अखिलेश-डिंपल की लव मैरिज के खिलाफ नहीं थे मुलायम सिंह यादव, लेकिन इस एक बात को लेकर थे परेशान

मुलायम ने तय किया कि वे इस रिश्ते के बारे में पहले अपने पहाड़ी मित्रों से सलाह-मशविरा करेंगे। इसमें मुलायम के करीबी सूर्यकांत धस्माना भी शामिल थे, जो...

Mulayam Singh Yadav, Akhilesh, Dimple Yadavमुलायम सिंह यादव और अखिलेश व उनकी पत्नी डिंपल (फाइल फोटो)

अखिलेश यादव और डिंपल की लखनऊ के कैंट इलाके में एक कॉमन फ्रेंड के घर पहली बार मुलाकात हुई थी। ये साल था 1995। तब अखिलेश मैसूर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर लौटे ही थे। जबकि डिंपल आर्मी पब्लिक स्कूल में पढ़ रही थीं। दोनों के बीच बातचीत और मुलाकात का सिलसिला चलता रहा। इसी बीच 1996 में अखिलेश पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया चले गए। लेकिन वहां से भी ख़त के जरिये लगातार डिंपल के संपर्क में रहे।

दोनों का बैकग्राउंड था अलग: ऑस्ट्रेलिया से पढ़ाई करने के बाद जब अखिलेश वापस लौटे तो उन्होंने डिंपल से शादी करने का फैसला किया। हालांकि दोनों के बीच जमीन-आसमान का अंतर था। यादव परिवार से ताल्लुक रखने वाले अखिलेश के परिवार की यूपी की सियासत में रसूख थी। वहीं, ठाकुर परिवार से ताल्लुक रखने वालीं डिंपल के पिता उस वक्त सेना में बतौर कर्नल सेवा दे रहे थे।

अखिलेश ने सबसे पहले डिंपल के साथ अपने रिलेशनशिप की बात अपनी दादी को बताई और धीरे-धीरे बात पिता मुलायम तक भी पहुंची। उस वक्त मुलायम केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री हुआ करते थे। मुलायम को पता था कि अगर अखिलेश ने कोई बात ठान ली है तो वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्हें भी दोनों की शादी से कोई एतराज नहीं था, लेकिन एक बात की चिंता खाए जा रही थी।

इस बात से परेशान थे मुलायम: दरअसल, यह वो दौर था जब अलग उत्तराखंड की मांग जोरों पर थी। साल 1994 में मुलायम के मुख्यमंत्री रहते मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर अलग राज्य की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बल प्रयोग कर दिया था। इससे पहाड़ के लोग मुलायम से खासे नाराज हो गए थे। यहां तक कि उनके पहाड़ी जिलों में घुसने पर रोक लगा दी थी।

चूंकि डिंपल पहाड़ से ताल्लुक रखती थीं, इसलिए मुलायम को डर था कि कहीं दोनों की शादी से पहाड़ के लोग और नाराज ना हो जाएं और कोई बखेड़ा खड़ा कर दें। ऐसी स्थिति में मुलायम ने भाई शिवपाल को अखिलेश को मनाने की जिम्मेदारी सौंपी। लेकिन अखिलेश नहीं माने। उन्होंने डिंपल रावत से शादी का मन बना लिया था।

पहाड़ी मित्रों से ली सलाह: अखिलेश यादव की जीवनी ‘विंड्स ऑफ चेंज’ में वरिष्ठ पत्रकार सुनीता एरॉन लिखती हैं कि ऐसी स्थिति में मुलायम ने तय किया कि वे इस रिश्ते के बारे में पहले अपने पहाड़ी मित्रों से सलाह-मशविरा करेंगे। इसमें मुलायम के करीबी सूर्यकांत धस्माना भी शामिल थे। वह पहाड़ के ही रहने वाले थे और खास बात यह थी कि डिंपल के परिवार को करीब से जानते थे।

दोनों का गांव भी अगल-बगल ही था। कई दौर की बातचीत के बाद अंततः मुलायम शादी के लिए तैयार हो गए और सैफई के अपने पैतृक गांव में दोनों की शादी कराने का फैसला लिया। इस तरह 24 नवंबर 1999 को अखिलेश और डिंपल शादी के सूत्र में बंध गए।

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