संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास भारतीय सिनेमा की सबसे शानदार और यादगार फिल्मों में से एक है। करीब दो दशक बाद इस फिल्म की कॉस्टयूम डिजाइनर नीता लुल्ला ने ऐश्वर्या राय बच्चन की मशहूर साड़ियों के पीछे की कारीगरी और क्रिएटिविटी के बारे में बात की।
हॉटरफ्लाई (Hauterfly) से बात करते हुए डिजाइनर नीता लुल्ला ने बताया कि देवदास फिल्म में ऐश्वर्या राय की साड़ियों का फैब्रिक चुनने से लेकर कढ़ाई, पेटीकोट और हर चीज को बहुत ही सोच समझकर प्लान किया गया था। इसका उद्देश्य संजय लीला भंसाली की सिनेमेटिक सोच को बेहतरीन तरीके से पर्दे पर उतारना था।
देवदास में ऐश्वर्या राय की रॉयल ब्लू सिल्क साड़ी क्यों नहीं बन सकती दोबारा?
नीता लुल्ला के अनुसार देवदास में ऐश्वर्या राय बच्चन की रॉयल ब्लू सिल्क साड़ी एक बहुत ही दुर्लभ स्पन सिल्क (Spun Silk) फैब्रिक से तैयार की गई थी, जो अब उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि इस साड़ी के लिए हमने जिस स्पन सिल्क फैब्रिक का इस्तेमाल किया था, वह अब नहीं मिलता। इसके अलावा, साड़ी के साथ पहना गया पेटीकोट भी जामावर ब्रोकेड ( Jamawar Brocade) से बनाया गया था। ऐसा इसलिए किया गया था ताकि अगर शूटिंग के दौरान ऐश्वर्या दौड़ें या कोई मूवमेंट करें और साड़ी ऊपर उठ जाए, तो भी उसका लुक खूबसूरत बना रहे।

इस ब्लू साड़ी की लंबाई करीब 10 मीटर थी, लेकिन सेट पर कॉस्टूम बदलने में आसानी हो, इसलिए इसमें पहले से ही प्लीट्स बना दी गई थीं। डिजाइनर के अनुसार साड़ी लगभग 10 मीटर लंबी है, लेकिन इसमें पहले से ही प्लीट्स बनी हुई हैं। जिससे इसे तीन-चार सेकंड में पहना जा सके। साड़ी पर नजर आने वाली कढ़ाई जरदोजी ढक्का वर्क, ऊन और सिल्क का वर्क किया गया था। इसमें आइवरी बेस वाले मोती भी जड़े गए थे। जिससे साड़ी को विंटेज लुक मिल सके।
उन्होंने फिल्म में कॉस्ट्यूम डिजाइन का श्रेय संजय लीला भंसाली की शानदार सिनेमेटिक सोच को दिया। उनके अनुसार फिल्म के भव्य विजन ने ही उन्हें इतने बारीक और शानदार कॉस्ट्यूम तैयार करने की प्रेरणा दी।
देवदास में ऐश्वर्या राय की ग्रीन साड़ी की खासियत
नीता लुल्ला ने डोला रे डोला गाने से पहले ऐश्वर्या राय बच्चन द्वारा पहनी गई हरी साड़ी के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस साड़ी की कढ़ाई पारंपरिक ढाकाई साड़ी के मोटिफ्स से प्रेरित थी। वहीं, इसका ब्लाउज मेश (जालीदार) फैब्रिक से तैयार किया गया था। इसे सिल्क के कपड़े पर लगाया गया था। इसके बाद उस पर जरदोजी का बारीक काम किया गया।

उन्होंने बताया कि कॉस्टयूम डिजाइन करते समय सुंदरता के साथ-साथ प्रैक्टिकैलिटी का भी ध्यान रखा गया था। इसके पीछे सोच यही थी कि साड़ी पहनने में समय बर्बाद न हो। अगर आप इस नीली साड़ी वाले सीन को देखें, तो बैकग्राउंड ग्रीन रंग का है और पूरी लाइटिंग वॉर्म टोन में रखी गई थी।
नीता लुल्ला के मुताबिक नीली साड़ी ऐश्वर्या राय के किरदार पारो की गरिमा, आत्मविश्वास और एक विवाहित महिला की मजबूती को दर्शाने के लिए डिजाइन की गई थी। उन्होंने कहा, हम चाहते थे कि इस लुक में एक विवाहित महिला की गंभीरता, आत्मविश्वास और पारंपरिक शाही अंदाज दिखाई दे। इन कॉस्टयूम्स की रिसर्च और डिजाइनिंग में कई महीने लगे थे। इसके लिए वह खास तौर पर कोलकाता गई थीं, जहां उन्होंने अलग-अलग तरह के फैब्रिक और पारंपरिक बुनाई के बारे में जाना।
उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में करीब 6 महीने लग गए। कोलकाता में उन्होंने समझा कि किस तरह के फैब्रिक का इस्तेमाल किया जाए। देवदास में सभी महिला कलाकारों के कॉस्टयूम नीता लुल्ला ने डिजाइन किए थे। उन्होंने कहा कि डिजाइन को लेकर अक्सर संजय लीला भंसाली उनके घर आते थे और इस पर लंबी चर्चा होती थी।
ऐश्वर्या राय बच्चना का आइकॉनिक कान्स साड़ी लुक
नीता लुल्ला ने 2002 में कान्स फिल्म फेस्टिवल ऐश्वर्या राय बच्चन के आइकॉनिक लुक का भी जिक्र किया। एक्ट्रेस ने रेड कार्पेट पर पीले रंग की साड़ी पहनी थी, जो उन्होंने डिजाइन की थी। उस समय देवदास के अंतरराष्ट्रीय प्रीमियर के मौके पर ऐश्वर्या राय, शाहरुख खान और संजय लीला भंसाली के साथ रेड कार्पेट पर नजर आई थीं।

ऐश्वर्या राय के कान्स फिल्म फेस्टिवल लुक के बारे में नीता लुल्ला ने बताया कि इस कॉस्ट्यूम को डिजाइन करने का मकसद ऐसी साड़ी तैयार करना था, जो आइकॉनिक बन जाए। इसमें भारतीय कढ़ाई की खूबसूरती और ढाकाई बनारसी नेट का इस्तेमाल किया गया था। यह डिजाइन देवदास की भव्यता से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि ‘हम चाहते थे कि दुनिया भारतीय साड़ियों की शानदार ड्रेपिंग देखे, जो उस समय पश्चिमी मीडिया के लिए नई थी। साथ ही हमने हीरों की जगह पारंपरिक सोने के गहनों को चुना, ताकि लुक में सादगी के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की झलक भी दिखे।
