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कामकाज और राजनीति में हाशिए पर स्त्री

विश्व बैंक की एक रिपोर्ट कहती है कि भारत में कामगार महिलाओं की संख्या कम हो रही है जबकि आर्थिक समीक्षा में कहा गया कि देश में सिर्फ नौ फीसद महिलाएं ही विधायक हैं।

Author February 1, 2018 05:51 am
प्रतीकात्मक तस्वीर।

कामकाज और जनता के तौर पर भारतीय स्त्री के बारे में हाल में आईं दो रिपोर्ट गौर करने वाली हैं। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट कहती है कि भारत में कामगार महिलाओं की संख्या कम हो रही है जबकि आर्थिक समीक्षा में कहा गया कि देश में सिर्फ नौ फीसद महिलाएं ही विधायक हैं। एक निगाह-

विश्व बैंक की रिपोर्ट

– 131 देशों में भारत महिला कामगारों के मामले में 121वें स्थान पर है। यह स्थिति चिंताजनक है।
– विश्व बैंक की फीमेल लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन (एफएलएफपी) रिपोर्ट में कहा गया है कि 1993 से 2013 के बीच भारत की एफएलएफपी 34.8 फीसद से गिरकर 27 फीसद हो गई है।
– भारत की तुलना में 2013 में चीन की एफएलएफपी 63.9 फीसद जबकि नेपाल की 79.9 फीसद रही है।
– यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम का कहना है कि भारत में महिलाओं की संख्या उच्च शिक्षा 2002-03 की 7.5 फीसद से बढ़कर 2012-13 में 20 फीसद हो गई है। परिवार के पुरुष सदस्य की आमदनी बढ़ने से महिला काम करना छोड़ देती है।

आर्थिक समीक्षा

– संसद में हाल मे रखी गई आर्थिक समीक्षा में कहा गया कि भारत में सिर्फ नौ फीसद महिलाएं ही विधायक हैं। देश भर में 4,118 सदस्य विधानसभाओं में हैं।
– सबसे ज्यादा महिला विधायक वाले राज्यों में बिहार, हरियाणा और राजस्थान (14%) हैं। जबकि एमपी और बंगाल में 13, पंजाब में 12 फीसद महिलाएं विधायक हैं।
– 2017 की इंटर पार्लियामेंटरी यूनियन एंड यूएन वूमेन की रिपोर्ट (राजनीति में महिलाएं) के मुताबिक लोकसभा में 542 सांसदों में सिर्फ 11.8 फीसद महिलाएं जबकि राज्यसभा में 245 सांसदों में से महज 11 फीसद ही महिलाएं हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार 227 देशों में भारत का क्रम 148वां है।

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