मानसून का मौसम जितना सुहावना होता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी। इस दौरान हवा में नमी बढ़ जाती है, जिससे बैक्टीरिया, फफूंदी और यीस्ट तेजी से पनपते हैं। यही वजह है कि कई खाद्य पदार्थ सामान्य दिनों की तुलना में बारिश के मौसम में जल्दी खराब हो जाते हैं। कई बार खाना देखने और सूंघने में बिल्कुल सामान्य लगता है, लेकिन उसमें हानिकारक बैक्टीरिया पनप चुके होते हैं, जो फूड पॉइजनिंग और पेट से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। ऐसे में मानसून के दौरान खाने की चीजों को सही तरीके से स्टोर करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसी 8 चीजों के बारे में जिन्हें बारिश के मौसम में लंबे समय तक बाहर नहीं छोड़ना चाहिए।
पका हुआ चावल
पका हुआ चावल बारिश के मौसम में सबसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों में से एक है। इसमें बैसिलस सेरियस नामक बैक्टीरिया के स्पोर्स मौजूद हो सकते हैं, जो पकाने के बाद भी जीवित रहते हैं। यदि चावल लंबे समय तक बाहर रखा रहे, तो ये तेजी से बढ़कर ऐसे टॉक्सिन बना सकते हैं जिन्हें दोबारा गर्म करने पर भी पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता।
स्टोरेज टिप: चावल को ठंडा होने के 2 घंटे के भीतर फ्रिज में एयरटाइट कंटेनर में रख दें।
दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स
दूध, दही, पनीर, क्रीम और अन्य डेयरी उत्पाद तापमान में बदलाव के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं। मानसून में इनमें बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और ये जल्दी खराब हो सकते हैं।
स्टोरेज टिप: इस्तेमाल के तुरंत बाद इन्हें वापस फ्रिज में रखें और लंबे समय तक बाहर न छोड़ें।
कटे हुए फल
पूरा फल कई दिनों तक सुरक्षित रह सकता है, लेकिन जैसे ही उसे काटा जाता है, उसकी सतह बैक्टीरिया और फफूंद के संपर्क में आ जाती है। बारिश के मौसम में कटे हुए फलों को किचन काउंटर पर छोड़ना संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है।
स्टोरेज टिप: कटे हुए फलों को एयरटाइट डिब्बे में बंद करके फ्रिज में रखें।
दाल और सब्जी की करी
कई घरों में एक बार में ज्यादा मात्रा में दाल या सब्जी बनाकर रखी जाती है। लेकिन मानसून में इन्हें लंबे समय तक गैस पर या कमरे के तापमान पर छोड़ना सुरक्षित नहीं है। इनमें मौजूद नमी बैक्टीरिया के बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल बनाती है।
स्टोरेज टिप: बची हुई दाल या सब्जी को हल्का ठंडा करके छोटे कंटेनर में डालें और तुरंत फ्रिज में रख दें।
सी-फूड
मछली, झींगा और अन्य सी-फूड हर मौसम में जल्दी खराब होते हैं, लेकिन मानसून में यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है। थोड़ी देर भी बाहर रखने से इनमें बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं।
स्टोरेज टिप: ताजा सी-फूड खरीदें, तुरंत रेफ्रिजरेट करें और लंबे समय तक बाहर न रखें।
मांस (मीट)
बारिश के मौसम में चिकन या मीट को किचन काउंटर पर रखकर डीफ्रॉस्ट करना बड़ी गलती हो सकती है। बाहर का हिस्सा जल्दी गर्म होकर बैक्टीरिया के लिए अनुकूल वातावरण बना देता है, जबकि अंदर का हिस्सा अभी भी जमा रहता है।
स्टोरेज टिप: मीट को हमेशा फ्रिज में या माइक्रोवेव के डिफ्रॉस्ट मोड में पिघलाएं और तुरंत पकाएं।
नारियल से बनी डिशेज
नारियल की चटनी, नारियल वाली ग्रेवी और ताजे नारियल से बनी मिठाइयों की शेल्फ लाइफ बारिश में काफी कम हो जाती है। इनमें मौजूद प्राकृतिक तेल और नमी बैक्टीरिया और फफूंद को तेजी से बढ़ने में मदद करते हैं।
स्टोरेज टिप: ऐसी डिशेज को तुरंत फ्रिज में रखें और जल्द से जल्द खा लें।
ब्रेड और बेकरी प्रोडक्ट्स
ब्रेड, बन, केक और अन्य बेकरी आइटम बारिश के मौसम में हवा की नमी सोख लेते हैं, जिससे उनमें फफूंद तेजी से लग सकती है। कई बार फफूंद अंदर ही अंदर फैल चुकी होती है, जबकि ऊपर से दिखाई नहीं देती।
स्टोरेज टिप: ब्रेड और बेकरी उत्पादों को ठंडी और सूखी जगह रखें। यदि जल्दी इस्तेमाल नहीं करना है, तो फ्रिज में स्टोर करें।
मानसून में फूड स्टोरेज के लिए जरूरी टिप्स
पका हुआ खाना 2 घंटे से ज्यादा कमरे के तापमान पर न छोड़ें। बचा हुआ भोजन हमेशा एयरटाइट कंटेनर में रखें। फ्रिज का तापमान 5°C या उससे कम रखें। कच्चे और पके हुए भोजन को अलग-अलग स्टोर करें। खाने को दोबारा खाने से पहले अच्छी तरह गर्म करें। यदि किसी खाने से अजीब गंध आए, रंग बदल जाए या फफूंद दिखे, तो उसे तुरंत फेंक दें।
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