आज के समय में अधिकांश लोग दिन का बड़ा हिस्सा ऑफिस में कंप्यूटर के सामने बैठकर बिताते हैं। लगातार 8-9 घंटे एक ही जगह बैठकर काम करने से गर्दन, कंधों, कमर और कूल्हों में अकड़न, दर्द और थकान महसूस होने लगती है। लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर की गतिशीलता कम हो सकती है और मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे भविष्य में कई मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
अच्छी बात यह है कि इन समस्याओं से बचने के लिए आपको जिम जाने या लंबी एक्सरसाइज करने की जरूरत नहीं है। ऑफिस डेस्क पर ही कुछ आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करके आप शरीर को रिलैक्स रख सकते हैं, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बना सकते हैं और काम के दौरान अपनी उत्पादकता भी बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसी 5 आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज के बारे में जिन्हें आप अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे कर सकते हैं।
नेक स्ट्रेच

लगातार स्क्रीन देखने से गर्दन और कंधों में तनाव बढ़ जाता है, जिससे अकड़न और सिरदर्द की समस्या हो सकती है। इससे राहत पाने के लिए कुर्सी पर सीधे बैठें, दोनों पैर जमीन पर रखें और धीरे-धीरे सिर को दाएं कंधे की ओर झुकाएं। गर्दन के बाईं ओर खिंचाव महसूस होने पर 15 से 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें, फिर दूसरी तरफ भी यही प्रक्रिया दोहराएं। यदि चाहें तो अधिक खिंचाव के लिए हाथ से हल्का दबाव दे सकते हैं। इसके अलावा, कंधों को आगे और पीछे धीरे-धीरे घुमाने से भी मांसपेशियों का तनाव कम होता है और आराम महसूस होता है।
सीटेड स्पाइनल ट्विस्ट

लगातार एक ही मुद्रा में बैठने से रीढ़ की हड्डी में जकड़न आ सकती है, जिससे पीठ दर्द और शरीर की गतिशीलता प्रभावित होती है। इससे राहत पाने के लिए कुर्सी पर बैठकर शरीर को एक तरफ मोड़ें और दोनों हाथों से कुर्सी के पीछे का हिस्सा पकड़ लें। पीठ को सीधा रखते हुए धीरे-धीरे शरीर को पीछे की ओर ट्विस्ट करें और 15 से 30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें। इसके बाद दूसरी दिशा में भी यही प्रक्रिया दोहराएं। यह स्ट्रेच रीढ़ की लचक बढ़ाने और पीठ के तनाव को कम करने में मदद करता है। बेहतर परिणाम के लिए स्ट्रेच करते समय गहरी सांस लें, जिससे शरीर अधिक रिलैक्स महसूस करेगा।
सीटेड हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच

ज्यादा देर तक बैठने से पैरों के पीछे की मांसपेशियां, जिन्हें हैमस्ट्रिंग्स कहा जाता है, टाइट हो सकती हैं। इससे कमर दर्द, शरीर में जकड़न और खराब पोस्चर की समस्या बढ़ सकती है। इस स्ट्रेच को करने के लिए कुर्सी के किनारे बैठ जाएं और एक पैर को सामने सीधा फैलाकर एड़ी को जमीन पर रखें। फिर पीठ को सीधा रखते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें, जब तक जांघ के पीछे हल्का खिंचाव महसूस न हो। इस स्थिति में 15 से 30 सेकंड तक रुकें और फिर दूसरे पैर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं। ध्यान रखें कि झुकते समय पीठ को गोल न करें, बल्कि छाती को ऊपर रखें, ताकि स्ट्रेच सही तरीके से हो और अधिक लाभ मिल सके।
कलाई और फोरआर्म स्ट्रेच

कंप्यूटर पर लंबे समय तक टाइपिंग करने और माउस का लगातार उपयोग करने से कलाई और फोरआर्म (बांह के निचले हिस्से) में दर्द, जकड़न और थकान महसूस हो सकती है। इससे राहत पाने के लिए दाएं हाथ को सामने सीधा फैलाएं और हथेली को ऊपर की ओर रखें। फिर बाएं हाथ की मदद से दाएं हाथ की उंगलियों को धीरे-धीरे नीचे की ओर खींचें और 15 से 30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें। इसके बाद यही प्रक्रिया दूसरे हाथ से दोहराएं। बेहतर स्ट्रेच के लिए हथेली को नीचे की ओर करके भी यही अभ्यास करें। साथ ही, समय-समय पर हाथों को हल्के से झटकें और कलाई को गोल-गोल घुमाएं, जिससे रक्त संचार बेहतर होता है और मांसपेशियों की जकड़न कम होती है।
सीटेड हिप स्ट्रेच

लंबे समय तक बैठने से हिप फ्लेक्सर मांसपेशियां टाइट हो सकती हैं, जिससे कमर दर्द, कूल्हों में जकड़न और चलने-फिरने में परेशानी होने लगती है। इससे राहत पाने के लिए कुर्सी पर सीधे बैठें और दाएं पैर की एड़ी को बाएं घुटने के ऊपर रखें। इसके बाद दाएं घुटने को हल्के से नीचे दबाएं और पीठ को सीधा रखते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें। इस स्थिति में 15 से 30 सेकंड तक रहें, फिर दूसरी तरफ यही प्रक्रिया दोहराएं। बेहतर परिणाम के लिए स्ट्रेच करते समय गहरी और धीमी सांस लेते रहें, जिससे मांसपेशियों को अधिक आराम मिलता है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यदि आपको लगातार दर्द, चोट या किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या है, तो किसी फिजियोथेरेपिस्ट या चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।)
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