मछली को पोषण और बेहतरीन स्वाद का खजाना माना जाता है। दुनियाभर में इसकी कई तरह की स्वादिष्ट डिश बनाई जाती हैं। इसी बीच टेस्टएटलस की ‘टॉप 100 फिश डिशेज इन द वर्ल्ड’ की लिस्ट में भारत की दो प्रसिद्ध साउथ इंडियन फिश डिशेज ने जगह बनाई है। आइए जानते हैं इनकी रैंकिंग, रेटिंग और खासियत।
करिमीन पोल्लिचथु – रैंक 33

केरल की पारंपरिक डिश करिमीन पोल्लिचथु इस लिस्ट में 4.2 की रेटिंग के साथ 33वें स्थान पर है। इसे ग्रीन क्रोमाइड (पर्ल स्पॉट) मछली से बनाया जाता है, जो केरल की स्थानीय मछली है। इस डिश में मछली को पहले हल्दी, लाल मिर्च, काली मिर्च, नमक और नींबू के रस के मसाले में मेरिनेट किया जाता है। इसके बाद इसे नारियल तेल में हल्का फ्राई किया जाता है। फिर टमाटर, प्याज, अदरक, लहसुन, करी पत्ता, हरी मिर्च, हल्दी और सिरके से तैयार मसाले में लपेटकर केले के पत्ते में पैक किया जाता है और तवे पर या ग्रिल करके पकाया जाता है। इसे गर्मागर्म चावल, नान, प्याज और नींबू के साथ परोसा जाता है।
नेथिली 65 – रैंक 57

तमिलनाडु की लोकप्रिय डिश नेथिली 65 को इस लिस्ट में 4.0 की रेटिंग के साथ 57वां स्थान मिला है। इसे एंकोवी 65 के नाम से भी जाना जाता है। इसे छोटी एंकोवी मछलियों से तैयार किया जाता है। मछलियों को दही, नींबू का रस, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला, काली मिर्च, हल्दी और चावल के आटे के मिश्रण में मेरिनेट किया जाता है। इसके बाद इन्हें गर्म तेल में कुरकुरा होने तक डीप फ्राई किया जाता है। नेथिली 65 को आमतौर पर स्टार्टर या शाम के स्नैक के रूप में परोसा जाता है। इसका स्वाद नींबू की फांक के साथ और भी बेहतरीन लगता है।
टेस्टएटलस की लिस्ट कैसे तैयार होती है?
टेस्टएटलस के अनुसार, 15 जून 2026 तक ‘टॉप 100 फिश डिशेज इन द वर्ल्ड’ लिस्ट के लिए 21,481 रेटिंग्स दर्ज की गईं, जिनमें से 13,640 रेटिंग्स को वैध माना गया। इस लिस्ट में पहले स्थान पर जापान की ओटोरो निगिरी सुशी रही, जबकि 100वें स्थान पर पुर्तगाल की अरोज़ दे तांबोरिल को जगह मिली।
भारत के लिए गर्व की बात
केरल की करिमीन पोल्लिचथु और तमिलनाडु की नेथिली 65 का दुनिया की टॉप 100 फिश डिशेज में शामिल होना भारतीय समुद्री व्यंजनों की समृद्ध परंपरा और अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता को दर्शाता है। इन दोनों डिशेज ने भारतीय स्वाद और पाक कला को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है।
