Desh Bhakti Geet: 15 अगस्त को देशभर में स्वतंत्रता दिवस उत्साह और गर्व के साथ मनाया जाता है। इस खास मौके पर स्कूल-कॉलेज, दफ्तरों और अन्य जगहों पर देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम होते हैं। हर उम्र के लोग तिरंगे के रंग में रंगे नजर आते हैं। देशभक्ति गीतों की गूंज माहौल को और खास बना देती है। अगर आप भी स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के लिए कुछ लोकप्रिय देशभक्ति गीतों की तलाश कर रहे हैं, तो यहां से 6 चुनिंदा गानों के हिंदी बोल पढ़कर उन्हें नोट या याद कर सकते हैं।
1- विजयी विश्व तिरंगा प्यारा
विजयी विश्व तिरंगा प्यारा,
झंडा ऊंचा रहे हमारा।
सदा शक्ति बरसाने वाला,
प्रेम सुधा सरसाने वाला,
वीरों को हरषाने वाला,
मातृभूमि का तन-मन सारा।
स्वतंत्रता के भीषण रण में,
लखकर बढ़े जोश क्षण-क्षण में,
कांपे शत्रु देखकर मन में,
मिट जाए भय संकट सारा।
इस झंडे के नीचे निर्भय,
लें स्वराज्य यह अविचल निश्चय,
बोलें भारत माता की जय,
स्वतंत्रता हो ध्येय हमारा।
आओ! प्यारे वीरो, आओ।
देश-धर्म पर बलि-बलि जाओ,
एक साथ सब मिलकर गाओ,
प्यारा भारत देश हमारा।
इसकी शान न जाने पाए,
चाहे जान भले ही जाए,
विश्व-विजय करके दिखलाएं,
तब होवे प्रण पूर्ण हमारा।
विजयी विश्व तिरंगा प्यारा,
झंडा ऊंचा रहे हमारा।
2- ऐ मेरे वतन के लोगों
ऐ मेरे वतन के लोगों, तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का, लहरा लो तिरंगा प्यारा..
पर मत भूलो सीमा पर, वीरों ने हैं प्राण गवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो, कुछ याद उन्हें भी कर लो
जो लौट के घर ना आए, जो लौट के घर ना आए
ऐ मेरे वतन के लोगों, जरा आंख में भर लो पानी
जो शहीद हुये हैं उनकी, जरा याद करो कुर्बानी
तुम भूल ना जाओ उनको इसलिए कही ये कहानी
जो शहीद हुये हैं उनकी, जरा याद करो कुर्बानी, जब देश में थी दीवाली, वो खेल रहे थे होली
जब हम बैठे थे घरों में.. जब हम बैठे थे घरों में..
वो झेल रहे थे गोली
संगीन पे धर कर माथा, सो गए अमर बलिदानी
जो शहीद हुए हैं उनकी, जरा याद करो कुर्बानी, जब घायल हुआ हिमालय, खतरे में पड़ी आज़ादी
जब तक थी सांस लडे वो.. जब तक थी सांस लडे वो,
फिर अपनी जान बिछा दी
जो खून गिरा पर्वत पर, वो खून था हिन्दुस्तानी
जो शहीद हुए हैं उनकी, जरा याद करो कुर्बानी।
कोई सिख कोई जाट मराठा, कोई गुरखा कोई मद्रासी
सरहद पर मरने वाला.. सरहद पर मरनेवाला,
हर वीर था भारतवासी
थे धन्य जवान वो अपने, थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद हुए हैं उनकी, जरा याद करो कुर्बानी
थी खून से लथपथ काया, फिर भी बंदुक उठाके
दस दस को एक ने मारा, फिर गिर गए होश गंवा के
जब अंत समय आया तो, कह गए के अब मरते हैं
खुश रहना देश के प्यारों, अब हम तो सफर करते हैं
क्या लोग थे वो दीवाने, क्या लोग थे वो अभिमानी
जो शहीद हुए हैं उनकी, जरा याद करो कुर्बानी
तुम भूल ना जाओ उनको इसलिए कही ये कहानी
जो शहीद हुए हैं उनकी, जरा याद करो कुर्बानी
जय हिंद, जय हिंद की सेना जय हिंद, जय हिंद की सेना
3- कर चले हम फिदा
कर चले हम फ़िदा जान-ओ-तन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों – 2
सांस थमती गई नब्ज जमती गई
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया
कट गये सर हमारे तो कुछ गम नहीं
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया
मरते मरते रहा बांकापन साथियों, अब तुम्हारे …
ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर
जान देने की रुत रोज़ आती नहीं
हुस्न और इश्क़ दोनों को रुसवा करे
वो जवानी जो खूं में नहाती नहीं
आज धरती बनी है दुल्हन साथियों, अब तुम्हारे …
राह क़ुर्बानियों की न वीरान हो
तुम सजाते ही रहना नये क़ाफ़िले
फ़तह का जश्न इस जश्न के बाद है
ज़िंदगी मौत से मिल रही है गले
बांध लो अपने सर से कफ़न साथियों, अब तुम्हारे …
खींच दो अपने खून से जमीं पर लकीर
इस तरफ़ आने पाये न रावण कोई
तोड़ दो हाथ अगर हाथ उठने लगे
छूने पाये न सीता का दामन कोई
राम भी तुम तुम्हीं लक्ष्मण साथियों, अब तुम्हारे …
4- सारे जहाँ से अच्छा
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा
हम बुलबुलें हैं इसकी, ये गुलिस्ताँ हमारा
ग़ुर्बत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में
समझो वहीं हमें भी, दिल हो जहाँ हमारा
पर्वत वो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमाँ का
वो संतरी हमारा, वो पासबाँ हमारा
गोदी में खेलती हैं, इसकी हज़ारों नदियाँ
गुलशन है जिनके दम से, रश्क-ए-जनाँ हमारा
ऐ आब-ए-रूद-ए-गंगा! वो दिन हैं याद तुझको
उतरा तेरे किनारे, जब कारवाँ हमारा
मज़हब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना
हिंदी हैं हम, वतन है हिन्दोस्ताँ हमारा
यूनान-ओ-मिस्र-ओ-रूमा, सब मिट गए जहाँ से
अब तक मगर है बाकी, नाम-ओ-निशाँ हमारा
कुछ बात है कि हस्ती, मिटती नहीं हमारी
सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-ज़माँ हमारा
इक़बाल! कोई महरम, अपना नहीं जहाँ में
मालूम क्या किसी को, दर्द-ए-निहाँ हमारा
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा
हम बुलबुलें हैं इसकी, ये गुलिस्ताँ हमारा
5- जन गण मन
जन गण मन अधिनायक जय हे
भारत भाग्य विधाता।
पंजाब सिंधु गुजरात मराठा
द्राविड़ उत्कल बंग।
विंध्य हिमाचल यमुना गंगा
उच्छल जलधि तरंग।
तव शुभ नामे जागे
तव शुभ आशीष मांगे
गाहे तव जय गाथा।
जन गण मंगलदायक जय हे
भारत भाग्य विधाता।
जय हे, जय हे, जय हे
जय जय जय जय हे॥
6- घर-घर तिरंगा हर घर तिरंगा
भारत देश हमारा प्रणाम
घर घर तिरंगा हर घर तिरंगा
घर घर तिरंगा
प्रति घर तिरंगा
घरो घरी तिरंगा
प्रत्येक घरी तिरंगा
आसमां को पाना है
आसमां से आगे जाना है
नये भारत की नयी कहानी
अब आसमां को सुनाना है
गर्व है इस तिरंगे पर
सारे जहां को ये दिखाएंगे
अमृत काल मनाएंगे
घर घर तिरंगा लहराएंगे
घर घर तिरंगा
हर घर तिरंगा
हर घर तिरंगा
इंडिया इंडिया इंडिया
केसरिया रंग है क्या
ये रंग मेरी शक्ति का है
ये रंग मेरी ताक़त का है
ये रंग देश के माथे पे सजा
श्वेत है क्या
रंग सत्य का
ये श्वेत रंग शांति का है
ये श्वेत रंग एकेका है
ये रंग देश के दिल में है बसा
रंग हरा तो ख़ुशहाली का है
ये धरम चक्र विकास का
इन्हीं उसूलों से बना है बना
तिरंगा हमारा तिरंगा प्यारा
घर घर तिरंगा
हर घर तिरंगा …
Disclaimer: इस लेख में शामिल गीतों के बोल उनके संबंधित रचनाकारों और अधिकार-स्वामियों के अधिकारों के अधीन हो सकते हैं। यह सामग्री केवल सूचना और शैक्षिक उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है।
