शीर्ष अदालत ने जब NEET-UG पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वालों के खिलाफ मामलों को रद्द करने के लिए अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया तो कोर्टरूम में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच प्रशंसा का का आदान-प्रदान देखने को मिला। एक ऐसी पार्टी जो मुख्य रूप से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की व्यंग्यात्मक टिप्पणी से अस्तित्व में आई।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने दिल्ली पुलिस और चार राज्य सरकारों द्वारा सर्वोच्च न्यायालय से संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का उपयोग करने का आग्रह करने के बाद मामलों को रद्द कर दिया ।
कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार पर मुकदमे वापस लेने के वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए 5 सितंबर को एक मार्च की घोषणा की थी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीजेपी ने विरोध-प्रदर्शन रद्द कर दिया।
CJP ने 5 सितंबर का मार्च वापस लिया
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ से कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक के रूप में, मैं यह कहना चाहता हूं कि भारत सरकार के सकारात्मक आश्वासनों और आज उन्हें प्रदान की गई न्यायिक मान्यता के मद्देनजर, और इस माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश के मद्देनजर, सीजेपी 5 सितंबर को होने वाले मार्च के आह्वान को वापस लेना उचित समझती है और आज के आदेश के अनुपालन की प्रतीक्षा करती है।”
इस पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा, “आपने भी बहुत अच्छा कदम उठाया है। दोनों पक्षों को बधाई। एक तरह से, एक संस्था के रूप में हम आभारी हैं कि ऐसा सकारात्मक वातावरण बनाया गया है जो युवाओं के लिए मददगार होगा।”
सीजेआई की टिप्पणी के बाद बनी थी कॉकरोच जनता पार्टी
जुलाई में पेपर लीक के खिलाफ बड़े प्रदर्शन का आह्वान करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक प्लेटफॉर्म के तौर पर हुई थी। इसका गठन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की एक टिप्पणी के बाद किया गया था।
15 मई को सीजेआई सूर्यकांत ने एक वकील को फटकार लगाई थी। वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट से सीनियर एडवोकेट के पदनाम को लेकर दिशा-निर्देश देने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा था कि समाज में पहले से ही ऐसे लोग हैं जो सिस्टम पर हमला करते हैं और आप उनके साथ हाथ मिलाना चाहते हैं?
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने आगे कहा था कि कुछ युवा कॉकरोच की तरह हैं, जिन्हें न रोजगार मिलता है और न ही पेशे में कोई जगह। उनमें से कुछ मीडिया, कुछ सोशल मीडिया, RTI एक्टिविस्ट और दूसरे एक्टिविस्ट बन जाते हैं और फिर सभी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।
सीजेआई की इसी “कॉकरोच” वाली टिप्पणी को आधार बनाकर सोशल मीडिया पर CJP यानी Cockroach Janta Party का व्यंग्यात्मक मंच बनाया गया था। जिसका निर्माण अभिजीत दीपके ने किया।
सीजेआई की टिप्पणी पर हुआ था विवाद
सीजेआई सूर्यकांत की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर जोरदार विरोध शुरू हो गया। इसके बाद सीजेआई ने सफाई देते हुए कहा कि यह कहना पूरी तरह बेबुनियाद है कि उन्होंने युवाओं की आलोचना की थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी उन लोगों को लेकर थी, जो फर्जी और जाली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशों में दाखिल हुए हैं। सीजेआई ने कहा कि ऐसे ही कुछ लोग मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे प्रतिष्ठित पेशों में भी घुस आए हैं और इसलिए उन्होंने उन्हें “परजीवी” कहा था।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि उन्होंने देश के युवाओं की आलोचना नहीं की है। बल्कि उन्हें देश के वर्तमान और भविष्य के मानव संसाधन पर गर्व है और भारत का हर युवा उन्हें प्रेरित करता है।
कॉकरोच जनता पार्टी की कैसे हुई शुरुआत
सीजेआई की इस टिप्पणी के कुछ ही समय बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने X पर एक पोस्ट के जरिए उनकी टिप्पणी की आलोचना की। इसके अगले दिन उन्होंने सभी “कॉकरोच” के लिए एक प्लेटफॉर्म बनाने का ऐलान किया और ऑनलाइन “मेंबरशिप फॉर्म” का लिंक साझा किया। इसके बाद सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का ट्रेंड शुरू हो गया।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि मैंने और केंद्र सरकार में मेरे साथी डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट को लेकर छात्रों के प्रतिनिधियों से वार्ता की थी। जिसमें भारत सरकार की ओर से हमने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आश्वासन दिया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज किए गए मामले वापस लिए जाएंगे और भविष्य में उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर।
