कर्नाटक हाई कोर्ट ने कथित पशु चिकित्सक भर्ती घोटाले से संबंधित मामले में निलंबित कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) के चेयरमैन साहुकार एस. शिवशंकरप्पा को कड़ी फटकार लगाई। गुरुवार को शिवशंकरप्पा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस एस. विश्वजीत शेट्टी ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

जस्टिस एस विश्वजीत शेट्टी ने कहा, “आप इस तरह की धोखाधड़ी कर रहे हैं और ऐसे लोगों को ला रहे हैं जो इसके लायक नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि KPSC के जरिए भविष्य के प्रशासकों की भर्ती होती है, ऐसे में इस तरह की गतिविधियां समाज के भविष्य के लिए चिंताजनक हैं।”

इतने ऊंचे पद पर रहते हुए भी आप इस तरह के अपराधों में लिप्त हैं- जज

जज ने कहा, “आपने अपनी बेटी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई, यह तथ्य ही बेहद चिंताजनक है। यह अपने आप में एक अलग अपराध हो सकता है, लेकिन इससे यह स्पष्ट होता है कि आप कुछ भी कर सकते हैं। इतने ऊंचे पद पर रहते हुए भी आप इस तरह के अपराधों में लिप्त हैं।”

शिवशंकरप्पा को राज्यपाल द्वारा एक अन्य कथित धोखाधड़ी के मामले में निलंबित कर दिया गया था, जब उनकी बेटी ने कथित तौर पर ओबीसी कोटा के तहत फर्जी आय प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करके इंडस्ट्रियल एक्सटेंशन ऑफिसर की नौकरी हासिल की थी।

क्या है मामला?

कर्नाटक पशुपालन एवं मत्स्य विभाग में 400 पशु चिकित्सकों की भर्ती से संबंधित मामले में बेंगलुरु की एक विशेष अदालत द्वारा पिछले महीने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया है। यह जांच पशु चिकित्सक डॉ. मंजुनाथ की शिकायत के बाद शुरू हुई। मंजुनाथ ने आरोप लगाया था कि प्रवेश परीक्षा में धांधली हुई थी और लगभग 29 उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र मिल गए थे।

शिवशंकरप्पा पर कर्नाटक लोक परीक्षा (भ्रष्टाचार और भर्ती के अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। 25 जुलाई को दर्ज किए गए इस मामले में सीआईडी ​​​​की जांच चल रही है।

लोक अभियोजक बीएन जगदीश ने कहा कि जांच जारी होने के कारण वे कुछ विवरण रोक रहे हैं और अगली सुनवाई की तारीख तक विस्तृत आपत्तियां दाखिल करेंगे। जगदीश द्वारा प्रस्तुत एक नोट को देखने के बाद, अदालत ने निलंबित केपीएससी प्रमुख के बारे में मौखिक रूप से कहा कि आपकी भूमिका भी पाई गई है। आपको भी सब कुछ पता था।

शिवशंकरप्पा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण श्याम ने अदालत से उन्हें अग्रिम जमानत देने का अनुरोध किया। अरुण श्याम ने तर्क दिया कि चूंकि उन्हें पहले ही निलंबित कर दिया गया है, इसलिए वे केपीएससी कार्यालय में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा नियंत्रक परीक्षा आयोजित करने के लिए जिम्मेदार हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को तय की है।

लॉरेंस बिश्नोई जेल इंटरव्यू: हाई कोर्ट ने DSP संधू को बहाल करने का दिया आदेश, पंजाब सरकार ने कर दिया था बर्खास्त

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के विवादित जेल इंटरव्यू मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने डीएसपी गुरशेर सिंह संधू को बहाल करने का आदेश दिया है। संधू को पिछले साल पंजाब सरकार ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के विवादित जेल इंटरव्यू में सुविधा प्रदान करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया था। पढ़ें पूरी खबर।