राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया है। हरभजन सिंह की याचिका पर हाई कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया कि हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होनी चाहिए तथा राज्य सरकार यह सुनिश्चित करे कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध रहे।

हरभजन सिंह द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि उनकी सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद उनके और परिवार के लिए खतरा बढ़ गया है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि हाल ही में एक उग्र भीड़ ने उनके घर के बाहर पहुंचकर हमला किया, हंगामा किया और मकान के बाहर “गद्दार” लिख दिया। इस घटना को न केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा बल्कि परिवार की गरिमा और मानसिक शांति पर सीधा हमला बताया गया।

राज्यसभा सांसद की ओर से कोर्ट को बताया गया है कि सार्वजनिक जीवन, राजनीतिक दायित्वों और सामाजिक सक्रियता के चलते उन्हें लगातार सुरक्षा जोखिम बना हुआ है। ऐसे में सुरक्षा वापस लेना अनुचित है। साथ ही, घर पर हमला करने और अपमानजनक नारेबाजी करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान प्रथम दृष्टया सुरक्षा संबंधी चिंताओं को गंभीर माना और पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक हरभजन सिंह व उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। कोर्ट ने यह भी पूछा कि सुरक्षा समीक्षा किन आधारों पर की गई और सुरक्षा कम या समाप्त करने का फैसला किन परिस्थितियों में लिया गया।

कोर्ट ने केंद्र व पंजाब सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है कि क्या याचिकाकर्ता को संभावित खतरे का स्वतंत्र आकलन किया गया था तथा घर पर हुई घटना में अब तक क्या कार्रवाई की गई। कोर्ट ने यह संकेत भी दिया कि सार्वजनिक प्रतिनिधियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासन को ज्यादा संवेदनशील रुख अपनाना होगा। मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी।

बता दें, पंजाब सरकार ने राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह को दी गई वाई-श्रेणी की सुरक्षा शनिवार को वापस ले ली थी और जालंधर के छोटी बरादरी इलाके में उनके आवास पर तैनात पंजाब पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से वापस बुला लिया था। इसके कुछ ही समय बाद, केंद्र ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के माध्यम से सुरक्षा प्रदान करने के लिए कदम उठाया, जिसके जवान अब उनके आवास के बाहर तैनात हैं।

पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, राघव चड्ढा समेत उन सात सांसदों में से एक हैं। जो आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। आम आदमी पार्टी के सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद उत्पन्न राजनीतिक बयानबाजी जारी है। वहीं,आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद हरभजन के आवास के पास और अशोक मित्तल के खिलाफ काफी विरोध प्रदर्शन हुआ था।

‘बेबुनियाद दलीलें मत दीजिए, वरना जमानत रद्द कर देंगे’, सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फैसले पर सवाल उठाया। हाई कोर्ट ने एक ऐसे व्यक्ति को जमानत दे दी थी, जिस पर दहेज हत्या का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने इस जमानत को रद्द कर दिया और आरोपी पति को एक हफ्ते के अंदर सरेंडर करने का आदेश दिया। साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले की सुनवाई एक साल के भीतर पूरी कर ली जाए। पढ़ें पूरी खबर।