Who is V Mohana: तमिलनाडु के कोयंबटूर की रहने वाली सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील वी मोहना को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा सुप्रीम कोर्ट की जज बनाने की सिफारिश की गई है। वे अब बार काउंसिंल से सीधे सुप्रीम कोर्ट की जज बन सकती हैं। वी मोहना अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण के बल पर इस मुकाम तक पहुंची हैं, जिसके चलते चारों ओर उनकी चर्चा हो रही है।

वी मोहना को लेकर अहम बात यह भी है कि ने कानूनी पृष्ठभूमि वाली नहीं है। उनके परिवार का कानून और न्यायपालिका से कोई संबंध नहीं हैं। मोहना ने 1983 में शुरू किए गए पांच वर्षीय एकीकृत कानून पाठ्यक्रम (Integrated 5-Year Law Course) के पहले बैच में पढ़ाई की थी।

स्पेशल क्लासेज में की थी पढ़ाई

वी मोहना ने 1988 में कोयंबटूर लॉ कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी। उन्होंने सीमित सुविधाओं, कम कक्षाओं और बहुत कम छात्राओं के होने के बावजूद उन्होंने खुद को पढ़ाई की। खुद को वाद-विवाद और नाटकों में व्यस्त रखा। लड़कियों के हॉस्टल के कड़े नियमों के बीच भी उन्होंने विशेष कक्षाएं लेकर अपनी पढ़ाई जारी रखी।

वी मोहना ने कोयंबटूर के प्रसिद्ध सिविल वकील एम. पंजाबागेसन के अधीन प्रशिक्षण लिया। यहीं पर उन्होंने मामलों के नोट्स बनाना, दलीलों की योजना बनाना और अदालती कार्यवाही को सीधे देखना जैसी वकालत की बुनियादी बातें सीखीं, जिसने उनके कानूनी करियर की मजबूत नींव रखी थी।

कई दिग्गजों के साथ किया वकालत का काम

पुरुष प्रधान अदालतों के पुराने दौर में भी वी मोहना की काफी चर्चा रहती थी। इसके बाद वे 1992 में वकालत जारी रखने के लिए नई दिल्ली पहुंच गईं थी। दिल्ली आने के उनके फैसले ने उनके करियर को अगले स्तर पर पहुंचा दिया। वी मोहना सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज इंदु मल्होत्रा के कार्यालय में शामिल हुईं थीं।

मोहना ने कई महत्वपूर्ण कानूनी मामलों में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने सी.एस. वैद्यनाथन, कपिल सिब्बल, के.के. वेणुगोपाल, पी. चिदंबरम, अरुण जेटली और टी.आर. अंध्यारुजिना सहित देश के कई प्रसिद्ध कानूनी विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम किया।

1996 की परीक्षा के बाद शुरू की थी बहस

साल 1996 में ‘एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड’ परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वी मोहना ने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाई कोर्ट और राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में बहस करना शुरू किया था। उन्होंने संविधान, भ्रष्टाचार, मादक द्रव्य (Drugs), आपराधिक कानून और सेवा कानून से जुड़े मामलों को संभालने वाली भारत सरकार की वकील के रूप में भी काम किया।

सिविल और आपराधिक मामलों में एक निष्पक्ष सलाहकार के रूप में पेश होने के साथ-साथ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट कानूनी सेवा समिति में भी बेहतरीन काम किया। साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट की पूर्ण विशेष पीठ ने वी मोहना को वरिष्ठ वकील के रूप में नामित किया था।

इंदु मल्होत्रा भी बार काउंसिल से पहुंची थीं सुप्रीम कोर्ट

खास बात यह भी है कि वी. मोहना सुप्रीम कोर्ट बार काउंसिल से सीधे सुप्रीम कोर्ट की जज नियुक्त होने वाली दूसरी महिला हैं। उनसे पहले इस तरह जज बनने वाली पहली महिला उनकी गुरु इंदु मल्होत्रा थीं।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार को पांच नामों की सिफारिश की है। कॉलेजियम ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू, बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण पल्ली के नामों की सिफारिश की है। पढ़िए पूरी खबर…