Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। इस याचिका में यह घोषणा करने की मांग की गई थी कि स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की ‘आजाद हिंद फौज’ ने भारत को आजादी दिलाई थी।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने टिप्पणी की कि न्यायालय ऐसे मुद्दों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। न्यायालय ने याचिकाकर्ता की इस बात के लिए भी आलोचना की कि उसने 2024 में इसी तरह की याचिका खारिज होने के बावजूद इस मामले को लेकर दोबारा न्यायालय का रुख किया।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी, “क्या आपने इससे पहले भी इसी तरह की याचिका दायर की थी?” याचिकाकर्ता पिनाकपानी मोहंती ने उत्तर दिया, “ये बार अलग है।” हालांकि, कोर्ट ने याचिका पर आगे विचार करने की इच्छा नहीं जताई। पीठ ने यह चेतावनी भी दी कि अगर याचिकाकर्ता निराधार याचिकाएं दाखिल करना जारी रखता है तो उसे न्यायालय में आने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। कोर्ट ने कहा, “अब सुप्रीम कोर्ट में एंट्री बैन करवा देंगे तुम्हारा। पहले भी वही याचिका खारिज कर चुके हैं।”

याचिका में क्या मांग की गई थी?

न्यायालय के समक्ष दायर याचिका में यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि भारत को ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से मिली स्वतंत्रता का श्रेय उन क्रांतिकारियों को दिया जाए जिन्होंने अहिंसा का पालन नहीं किया और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व वाली आईएनए को भी इसमें शामिल किया जाए।

इसमें यह भी कहा गया कि 1947 में भारतीय स्वतंत्रता की वास्तविक सच्चाई की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के निर्देश, जिसमें यह बताया गया हो कि अंग्रेज भारत से कैसे और किन कारणों से चले गए, जिसमें अहिंसा का पालन न करने वाले सभी क्रांतिकारी (नेताजी की आज़ाद हिंद फौज सहित) की भूमिका, साथ ही 1946-1947 में तत्कालीन भारतीय सैनिकों, नौसेना, वायु सेना, सेना और नागरिकों के विद्रोह की रिपोर्ट आदि शामिल हैं।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस को आधिकारिक तौर पर ‘राष्ट्रीय पुत्र’ घोषित करने, उनके जन्मदिन को ‘राष्ट्रीय दिवस’ के रूप में मनाने और उनके जन्मस्थान (ओडिशा में कटक) को राष्ट्रीय संग्रहालय के साथ सम्मानित करने के निर्देश दिए जाएं।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को राहत

गुवाहाटी की एक अदालत ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी द्वारा उनके पास कई पासपोर्ट और विदेश में संपत्ति होने के आरोपों को लेकर दायर एक मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के अनुरोध वाली असम पुलिस की याचिका खारिज कर दी है। पढ़ें पूरी खबर…