Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को श्रृंगेरी निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस नेता टीडी राजेगौड़ा को विधायक पद से हटाए जाने के मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया और उन्हें अंतरिम राहत देते हुए निर्देश दिया कि वे फिलहाल इस सीट के विधायक बने रहेंगे, जबकि हाल ही में हुई मतगणना में बीजेपी उम्मीदवार डी.एन. जीवराज को विजेता घोषित किया गया है।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस संजय कुमार और के विनोद चंद्रन की पीठ ने बीजेपी उम्मीदवार के खिलाफ कुछ कड़ी टिप्पणियां भी कीं। पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा, “हम आपको इस तरह लोकतंत्र का अपहरण नहीं करने दे सकते।” असल में, राजेगौड़ा श्रृंगेरी के विधायक के रूप में अपना कार्यकाल जारी रखेंगे।
क्या था पूरा मामला?
अब पूरे मामले की बात करें तो यह 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों से संबंधित है। कांग्रेस के टी.डी. राजेगौड़ा को श्रृंगेरी निर्वाचन क्षेत्र से 201 वोटों के मामूली अंतर से विजेता घोषित किया गया था। इसके बाद बीजेपी के डीएन जीवराज ने कर्नाटक हाई कोर्ट में एक चुनाव याचिका दायर करके परिणाम को चुनौती दी।
6 अप्रैल को हाई कोर्ट ने डाक मतपत्रों की दोबारा गिनती का आदेश दिया। इसमें खारिज किए गए 279 डाक मतपत्रों का फिर से सत्यापन भी शामिल है। 3 मई 2026 को, रिटर्निंग ऑफिसर ने औपचारिक रूप से नतीजे घोषित किए। इसमें राजेगौड़ा के वोटों में कथित तौर पर 255 की कमी आई और जीवराज को विजयी उम्मीदवार घोषित किया गया।
राजेगौड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में मामले को दी थी चुनौती
राजेगौड़ा ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में तर्क दिया गया कि हाई कोर्ट ने केवल 279 खारिज पोस्टल बैलेट की जांच का आदेश दिया था। लेकिन अधिकारियों ने 562 वैध पोस्टल बैलेट भी दोबारा जांच लिए. जिनमें से कई वोट उनके पक्ष में थे। उन्होंने यह भी कहा कि रीकाउंटिंग प्रक्रिया कानून के दायरे से बाहर जाकर की गई।
दलीलों पर विचार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आज आदेश दिया कि राजेगौड़ा फिलहाल विधायक बने रहेंगे और उन्हें विधायक के रूप में बहाल करने के लिए कदम उठाने का भी निर्देश दिया। डीएन जीवराज पर पोस्टल बैलेट में छेड़छाड़ का एक आपराधिक मामला भी दर्ज है।
कर्नल सोफिया मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है, क्योंकि एमपी सरकार ने अपने मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी देने में देरी की। विजय शाह पर आरोप है कि उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। कर्नल कुरैशी ने पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मीडिया को जानकारी दी थी। पढ़ें पूरी खबर…
