तमिलगा वेत्री कडगम यानी टीवीके प्रमुख विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में चमत्कारिक जीत हासिल कर सबको चौंका दिया। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने 108 सीटों पर जीत हासिल की और राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इसी बीच मद्रास हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ रजिस्ट्री को क्रिमिनल केस की याचिका को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
बार एंड बेंच के मुताबिक, हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर कर आयकर अधिनियम के तहत कार्यवाही की मांग की गई। याचिकाकर्ता ने याचिका में विजय पर धोखाधड़ी, जालसाजी, जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
याचिका को लिस्टिंग करने का दिया निर्देश
इस पर मद्रास हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री को अभिनेता से राजनेता बने सी जोसेफ विजय के खिलाफ कथित तौर पर आय छिपाने और बेहिसाब नकदी प्राप्त करने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज करने और आयकर अधिनियम के तहत कार्यवाही की मांग करने वाली याचिका को लिस्टिंग करने का निर्देश दिया है।
इससे पहले हाईकोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका को दर्ज करने से इनकार कर दिया था क्योंकि याचिका में सवालों को लेकर कुछ कमियां थीं।
8 अप्रैल को दिए अपने आदेश में चीफ जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी.अरुल मुरुगन की पीठ ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह एम. राजकुमार की ओर से दायर रिट याचिका को स्वीकार्यता के अधीन क्रमांकित (numbered subject to maintainability) टिप्पणी के साथ क्रम में जोड़े और उसे रोस्टर पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करें।
विजय की पार्टी ने जीती 108 सीटें
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जोसेफ विजय की पार्टी को 108 सीटें हासिल हुई हैं, जिनमें से दो सीटों पर विजय ने खुद जीत हासिल की है। ऐसे में जब विजय एक सीट से इस्तीफा देंगे तो उन्हें 11 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी, जिससे वह सरकार बना सकें। हालांकि कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों का समर्थन उन्हें दे दिया है।
पिछले माह दायर याचिका में आयकर विभाग को कुछ तलाशी कार्यवाही, विजय के शपथ पत्र, मूल्यांकन कार्यवाही और एक दंड आदेश से संबंधित सामग्री की जांच करने और आईटी की धारा 276सी समेत अभियोजन शुरू करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
एफआईआर दर्ज करने के साथ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करने की मांग
याचिका में बीएनएस के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी, जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश सहित कथित अपराधों के लिए एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने आगे ईडी के समक्ष साम्रगी पेश करने के निर्देश देने की भी मांग की है जिससे यह जांच की जा सके कि मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच के लिए पर्याप्त सबूत हैं या नहीं।
रजिस्ट्री क्रमांकित करने से इनकार नहीं कर सकती- कोर्ट
दो सदस्यीय बेंच ने कहा कि रजिस्ट्री इस आधार पर किसी मामले को क्रमांकित करने से इनकार नहीं कर सकती कि वह कानून की दृष्टि से विचार करने योग्य नहीं हो सकता है।
कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी किए गए पहले के एक सर्कुलर का भी जिक्र किया, जिसमें रजिस्ट्री को याचिका के चलने लायक के आधार पर याचिकाओं की क्रमांकन से इनकार न करने का निर्देश दिया गया था।
कोर्ट ने कहा, “हालांकि इस मामले के सुलझ जाने और इस संबंध में जरूरी सर्कुलर जारी होने के बावजूद, हमें यह जानकर हैरानी हो रही है कि रजिस्ट्री अभी भी याचिकाओं को इस आधार पर नंबर न देने की प्रथा बनाए रखे हुए हैं कि वे विचार करने योग्य नहीं है।”
कागज सही तो नंबर देना होगा- कोर्ट
बेंच ने निर्देश दिया कि यदि मामले के कागजात सही है, तो रजिस्ट्री को केस को नंबर देना होगा। कोर्ट ने कहा कि यदि उसे केस के चलने लायक होने पर कोई आशंका है तो वह केस के चलने लायक नंबर के अधीन नंबर दिया गया लिखकर उसे रोस्टर बेंच के सामने रख सकती है। हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया कि वे इस आदेश की प्रति रजिस्ट्री के सभी संबंधित विभागों में पहुंचा दें।
कोर्ट ने कहा, “अब से, जारी किए गए निर्देशों का रजिस्ट्री की ओर पूरी निष्ठा से पालन किया जाएगा।”
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मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को चेन्नई में आईपीएल मैचों को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के समापन तक स्थगित करने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। आशंका जताई गई थी कि मैचों के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हो सकता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
